Advertisement

विपक्ष के 9 नेताओं की PM मोदी को चिट्ठी, लिखा- CBI और ED का हो रहा गलत इस्तेमाल

विपक्ष के नेताओं ने लगातार गैर-बीजेपी सियासी दलों पर केंद्रीय जांच एजेंसियों के एक्शन को कटघरे में खड़ा किया है. विपक्ष के नेताओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर CBI और ED का गलत इस्तेमाल होने का आरोप लगाया है. विपक्ष ने कहा है कि इन कार्रवाईयों से जांच एजेंसी की साख खराब हो रही है.

पीएम मोदी (फाइल फोटो) पीएम मोदी (फाइल फोटो)
पंकज जैन
  • नई दिल्ली,
  • 05 मार्च 2023,
  • अपडेटेड 7:25 PM IST

देश के प्रमुख विपक्षी नेताओं द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखे जाने पर आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने कहा कि बीजेपी सरकार सरकारी एजेंसियों का दुरुपयोग कर देश के लोकतांत्रिक बुनियाद को लगातार हिलाने की कोशिश कर रही है. भाजपा को जो भी विपक्षी दल मजबूत नजर आता है, उसके यहां सीबीआई- ईडी भेज देती है और उसके नेताओं को पकड़ कर जेल में डाल देती है.

Advertisement

आप नेता राघव चड्ढा ने कहा कि मनीष सिसोदिया की गिरफ्तारी को लेकर देश में रोष है. एजेंसियों के बढ़ते दुरुपयोग के चलते सभी नेताओं ने एक साथ मिलकर प्रधानमंत्री को यह पत्र लिखा और अपील की कि सरकारी एजेंसियों का दुरुपयोग कर राजनीतिक बदले लेने का कार्य बंद हो.

सरकारी एजेंसियों का हो रहा दुरुपयोग

उन्होंने कहा कि सरकारी एजेंसियों का दुरुपयोग कर मोदी सरकार देश के विपक्ष को खत्म करने की कोशिश कर रही है. साजिश के तहत सिर्फ विपक्षी दलों के नेताओं पर ही सीबीआई - ईडी की रेड करवाई जा रही है. आज जिस तरह से पक्षपातपूर्ण तरीके से सरकारी एजेंसियां कार्रवाई कर रही है उससे देश का लोकतंत्र खतरे में पड़ गया है.

3000 से ज्यादा जगहों पर ED की रेड

सीबीआई- ईडी की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि 2014 से अब तक सीबीआई ने जितने भी मुकदमे दर्ज किए उसमें 95% सिर्फ विपक्षी दलों के नेताओं के खिलाफ हुए. यूपीए के समय ईडी ने मात्र 112 जगहों पर रेड की थी. लेकिन मोदी सरकार के दौरान ईडी ने 3000 से ज्यादा जगहों पर रेड की है. अभी हाल ही में एक जानकारी सामने आई जिसमें बताया गया कि ईडी ने जितने भी मुकदमे दर्ज हुए उसमें कनविक्शन रेट मात्र 0.05% है. मतलब कोर्ट में लगभग मुकदमे फर्जी साबित हुए.

Advertisement

उन्होंने विपक्षी दलों द्वारा शासित राज्यों में राज्यपाल के हस्तक्षेप की भी चर्चा की और कहा कि केंद्र सरकार राज्यपाल के माध्यम से राज्य सरकार के रोजाना के कामकाज में दखल दे रही है. यह लोकतंत्र के लिए गलत संकेत है.

असम के सीएम पर साधा गया निशाना

इस चिट्ठी में असम के मुख्यमंत्री हेमंत बिस्वा सरमा पर भी निशाना साधा गया है. पत्र में लिखा गया है कि विपक्ष के जो नेता भाजपा में शामिल हो जाते हैं, उनके खिलाफ जांच धीमी गति से होती है.

पत्र में यह राज्यपाल कार्यालय पर चुनी हुई लोकतांत्रिक सरकारों के काम में दखल देने का आरोप भी लगाया गया है. कहा गया है कि राज्यपाल केंद्र और राज्यों के बीच बढ़ती दरार का कारण बन रहे हैं. विपक्षी नेताओं ने दावा किया है कि केंद्रीय एजेंसियों की छवि खराब हो रही है. साथ ही उन्होंने इस पर चिंता भी जाहिर की है.

पत्र में आगे कहा गया है कि 26 फरवरी को लंबी पूछताछ के बाद दिल्ली के डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया को सीबीआई ने गिरफ्तार कर लिया. उन्हें गिरफ्तार करते समय उनके खिलाफ कोई सबूत भी नहीं दिखाए गए. 2014 के बाद से जिन नेताओं पर भी एक्शन हुआ है, उनमें से ज्यादातर विपक्ष के ही हैं.

Advertisement

इन 9 नेताओं ने लिखा संयुक्त पत्र

1. बंगाल की मुख्यमंत्री और TMC चीफ ममता बनर्जी

2. दिल्ली के मुख्यमंत्री और AAP प्रमुख अरविंद केजरीवाल

3. पंजाब के मुख्यमंत्री और AAP नेता भगवंत मान

4. तेलंगाना के मुख्यमंत्री और BRS प्रमुख के चंद्रशेखर राव

5. UP के पूर्व सीएम और सपा चीफ अखिलेश यादव

6. बिहार के डिप्टी सीएम और RJD नेता तेजस्वी यादव

7. एनसीपी चीफ शरद पवार

8. महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे

9. जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम फारूक अब्दुल्ला

बता दें कि हाल ही में शराब घोटाले से जुड़े मामले में AAP नेता मनीष सिसोदिया को सीबीआई ने गिरफ्तार कर लिया था. इसके बाद उन्हें कोर्ट में पेश किया गया था, जहां से उन्हें पूछताछ के लिए 5 दिन की सीबीआई रिमांड पर भेज दिया गया. रिमांड खत्म होने पर उन्हें एक बार फिर कोर्ट में पेश किया गया. उन्हें दोबारा 2 दिन की सीबीआई रिमांड पर भेज दिया गया है.

इससे पहले 20 फरवरी को छत्तीसगढ़ के कथित कोयला लेवी घोटाले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बड़ी कार्रवाई की थी. घोटाले में मनी लॉन्ड्रिंग की जांच कर रही ईडी ने कांग्रेस के कोषाध्यक्ष, विधायक समेत तमाम नेताओं के यहां छापे मारे थे. ये छापे ऐसे वक्त पर पड़े थे, जब छत्तीसगढ़ के रायपुर में 24-26 फरवरी तक कांग्रेस पार्टी का महाधिवेशन होना था.

Advertisement

ईडी ने एक दर्जन से ज्यादा ठिकानों पर छापे मारे थे. इनमें कांग्रेसी नेताओं के घर भी शामिल थे. सूत्रों के मुताबिक, ईडी उन लोगों की जांच कर रहा है, जिन्हें मौजूदा सरकार में कथित कोयला लेवी घोटाले में लाभ मिला है. आरोप है कि छत्तीसगढ़ में कोयला घोटाला हुआ है. इसमें वरिष्ठ नौकरशाह, व्यापारी, राजनेता और बिचौलियों के शामिल होने की आशंका है.

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement