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विनेश फोगाट का हारना 'तकनीकी' मुद्दा, इसका राजनीतिकरण नहीं होना चाहिए: एथलेटिक्स फेडरेशन ऑफ इंडिया

मुक्केबाज और ओलंपिक पदक विजेता विजेंदर सिंह ने कहा कि फोगाट एक 'साजिश' का शिकार थीं. विजेंदर ने इंडिया टुडे को दिए एक विशेष इंटरव्यू में कहा, 'यह भारत और भारतीय पहलवानों के खिलाफ एक बहुत बड़ी साजिश है.

विनेश फोगाट- PTI विनेश फोगाट- PTI
aajtak.in
  • नई दिल्ली,
  • 07 अगस्त 2024,
  • अपडेटेड 8:40 PM IST

पहलवान विनेश फोगाट को ओलंपिक से अयोग्य ठहराए जाने के पीछे की साजिश की कहानियों को खारिज करते हुए एथलेटिक्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (AFI) के अध्यक्ष आदिल सुमरिवाला ने कहा कि यह मुद्दा 'तकनीकी' है और इसका राजनीतिकरण नहीं किया जाना चाहिए. इंडिया टुडे के साथ एक विशेष इंटरव्यू में सुमरिवाला ने कहा कि फोगाट ने 50 किलोग्राम में जाने से पहले हमेशा 53 किलोग्राम वर्ग में भाग लिया था.

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फोगाट को बुधवार को USA की सारा एन हिल्डेब्रांट के खिलाफ महिलाओं के 50 किलोग्राम फाइनल में गोल्ड मेडल के लिए मैच खेलना था. उन्हें इवेंट आयोजकों ने अयोग्य घोषित कर दिया, क्योंकि मैच से कुछ घंटे पहले उनका वजन 100 ग्राम अधिक पाया गया था.

सुमरिवाला ने कहा, 'कोई साजिश नहीं है. अगर आपका वजन ज्यादा है, तो आप ज्यादा वजन वाले हैं. यह एक तकनीकी बात है. वह हमेशा हाई क्लास में लड़ती थी और उसे अपना वजन कम करना पड़ा. ऐसे हालात में 50 किलोग्राम के निशान से चूकने की संभावना हमेशा बनी रहती है. ज्यादा वजन के लिए कोई छूट नहीं है.' 

एथलेटिक्स निकाय के प्रमुख ने कहा कि फोगाट, ओलंपिक कुश्ती फाइनल के लिए क्वालीफाई करने वाली पहली भारतीय महिला थीं. मंगलवार की सुबह वजन-माप में वह लगभग 50 किलोग्राम वर्ग में पहुंच गई थी. वजन-माप खत्म होने के बाद, आपको खाने-पीने की अनुमति है. यह याद रखना चाहिए कि उन्होंने लगातार तीन कड़े मुक़ाबले लड़े थे, जिसमें मौजूदा ओलंपिक चैंपियन युई सुसाकी के साथ एक मुकाबला भी शामिल था. उन्होंने अपनी ऊर्जा और ताकत वापस पाने के लिए अपने मुकाबलों के बीच में खाना खाना पड़ा. फिर दौड़ना पड़ा और बाल भी कटवाए गए.

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फोगाट ने चार बार की विश्व चैंपियन को हराया था
फोगाट ने ओलंपिक में चार बार की विश्व चैंपियन जापानी पहलवान युई सुसाकी को पहले राउंड में हराकर और फिर सेमीफाइनल में क्यूबा की युस्नेलिस गुज़मैन लोपेज़ को हराकर एक नया रिकॉर्ड बनाया था. हालांकि, बुधवार की रात को पता चला कि फोगाट का वजन ज्यादा है. सुमरिवाला ने कहा कि मेडिकल टीम ने पूरी रात उसका वजन 50 किलो से कम करने की पूरी कोशिश की.

उन्होंने कहा, 'फोगाट और उनके ट्रेनर जिसमें डॉक्टर भी शामिल थे, उनका वजन कम करने के लिए पूरी रात जागते रहे. उन्होंने फोगाट को दौड़ाया. सुबह उनके वजन की जांच के दौरान पाया गया कि उनका वजन कुछ ग्राम ज्यादा है. उसके बाद 15 मिनट का समय दिया गया. डॉक्टरों ने वजन कम करने के लिए उनके बाल भी कटवाए.' ग्रेस पीरियड नियम
मुक्केबाज विजेंदर सिंह की ओर से लगाए गए आरोपों पर कि फोगाट को कोई ग्रेस पीरियड नहीं दिया गया, सुमरिवाला ने कहा कि ऐसी छूट केवल तभी दी जाती है जब कोई एथलीट घायल हो.

उन्होंने कहा, 'अगर कोई पिछले मुकाबले में घायल हो जाता है, तो केवल ग्रेस पीरियड की अनुमति दी जाती है. फोगाट को कोई चोट नहीं लगी थी और चोट का नाटक करने का कोई विकल्प नहीं था. भारत ऐसा कभी नहीं करेगा.'

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नियमों के अनुसार, वजन करने के समय अधिक वजन वाला कोई भी पहलवान अंतिम स्टैंडिंग में सबसे नीचे आता है. इस तरह फाइनल मैच से पहले शानदार प्रदर्शन करने के बावजूद, फोगाट बिना पदक के घर लौटेंगी.

कांस्पीरेसी थ्योरी की चर्चा पकड़ रही जोर
फोगाट के अयोग्य घोषित होने की खबर सामने आने के बाद सोशल मीडिया के एक वर्ग में कांस्पीरेसी थ्योरी की चर्चा होने लगी है. जिसमें इसे भाजपा नेता और भारतीय कुश्ती महासंघ (WFI) के पूर्व अध्यक्ष बृज भूषण के खिलाफ विरोध प्रदर्शन में उनकी संलिप्तता से जोड़ा गया.

पिछले साल दिल्ली में बृजभूषण के खिलाफ विरोध प्रदर्शन में फोगाट शामिल थीं. जब कई पहलवानों ने बृजभूषण पर यौन उत्पीड़न और धमकी देने का आरोप लगाया था. इस पर जवाब देते हुए एथलेटिक्स निकाय के प्रमुख ने कहा, 'मैं पढ़ रहा हूं कि कुछ साजिश की बात चल रही है. अलग-अलग खेलों में अलग-अलग नियम होते हैं और इस पर किसी भी तरह का राजनीतिक मुद्दा बनाना गलत है.'

इससे पहले दिन में मुक्केबाज और ओलंपिक पदक विजेता विजेंदर सिंह ने कहा कि फोगाट एक 'साजिश' का शिकार थीं. उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजनों में वजन नियंत्रण प्राथमिकता सूची में सबसे ऊपर होता है.

विजेंदर ने इंडिया टुडे को दिए एक विशेष इंटरव्यू में कहा, 'यह भारत और भारतीय पहलवानों के खिलाफ एक बहुत बड़ी साजिश है. शायद कुछ लोग इस खुशी को पचा नहीं पाए. हम एक रात में पांच से छह किलो वजन कम कर सकते हैं, तो 100 ग्राम में क्या समस्या है? मुझे लगता है कि किसी को कुछ समस्या थी और इसलिए अयोग्य ठहराने का कदम उठाया गया.'

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