Advertisement

अस्पातालों तक पहुंचेगी ऑक्सीजन, Linde India ने टाटा ग्रुप के साथ मंगाए 24 क्रॉयोजेनिक कंटेनर

Linde India ने टाटा ग्रुप के साथ मिलकर विदेशों से 24 क्रॉयोजेनिक कंटेनर का आयात किया है. हवाई रास्तों से यह कंटेनर भारत के पूर्वी भाग में पहुंच चुके हैं. यहां से Linde India इन्हें अलग-अलग लिक्विड मैन्यूफैक्चरिंग फैसिलिटी तक पहुंचाएगा. इस फैसिलिटी में इन आईएसओ कंटेनर्स को लिक्विड मेडिकल ऑक्सीजन इस्तेमाल के लिए प्रमाणित किया जाएगा.

ऑक्सीजन सप्लाई के लिए Linde India और Tata Group साथ आए हैं.  ऑक्सीजन सप्लाई के लिए Linde India और Tata Group साथ आए हैं.
गीता मोहन
  • नई दिल्ली,
  • 25 अप्रैल 2021,
  • अपडेटेड 4:52 PM IST
  • प्लांट से अस्पतालों को ऑक्सजीन भेजने की तैयारी
  • विदेशों से 24 क्रॉयोजेनिक कंटेनर का आयात किया गया

भारत कोरोना वायरस महामारी की दूसरी लहर से जूझ रहा है. स्वास्थ्य सेवाओं पर भारी दबाव है. देश के कई हिस्सों में ऑक्सीजन और बेड्स की भारी किल्लत है. संकट की इस घड़ी में देश के अलग-अलग हिस्सों में लिक्विड मेडिकल ऑक्सीजन (LMO)की आपूर्ति के लिए Linde India ने टाटा ग्रुप और भारत सरकार से हाथ मिलाया है. 

Linde India ने टाटा ग्रुप के साथ मिलकर विदेशों से 24 क्रॉयोजेनिक कंटेनर का आयात किया है. हवाई रास्तों से यह कंटेनर भारत के पूर्वी भाग में पहुंच चुके हैं. यहां से Linde India इन्हें अलग-अलग लिक्विड मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी तक पहुंचाएगा. इस फैसिलिटी में इन आईएसओ कंटेनर्स को लिक्विड मेडिकल ऑक्सीजन इस्तेमाल के लिए प्रमाणित किया जाएगा.

Advertisement

इन कंटेनर्स की क्षमता 20 टन लिक्विड ऑक्सीजन ढोने की है. Linde इनका इस्तेमाल अलग-अलग ऑक्सीजन मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटि से ऑक्सीजन लेकर अस्पतालओं तक पहुंचाएगा. इन कंटेनर का इस्तेमाल रिमोट एरिया में ऑक्सीजन भंडारण के लिए भी किया जा सकता है. 

इस मसले पर Linde India का कहना है कि मेडिकल ऑक्सीजन की जल्द से जल्द आपूर्ति को लेकर वह हर संभव उपाय कर रही है. इसके लिए भारत सरकार के सहयोग से दिल्ली से क्रॉयोजेनिक रोड टैंकर्स को एयरलिफ्ट किया गया और फिर दुर्गापुर स्थित लिंडे इंंडिया के ऑक्सीजन प्लांट से मेडिकल ऑक्सीजन दिल्ली लाया गया. इसके अलावा लिंडे इंंडिया ने इंडियन रेलवे की तरफ से चलाई गई ऑक्सीजन एक्सप्रेस के जरिए कलमबोली (महाराष्ट्र) से खाली टैंकर्स मंगाकर विजाग भेजा है. जहां से इसमें ऑक्सीजन भरकर महाराष्ट्र वापस भेजा जाएगा.

 

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement