
सोमवार को संसद के दोनों सदनों में कर्नाटक मुस्लिम आरक्षण पर जोरदार हंगामा देखने को मिला. राज्यसभा में कार्यवाही शुरू होते ही सत्ताधारी राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के सदस्यों ने कर्नाटक के सरकारी ठेकों में मुस्लिमों के लिए चार फीसदी आरक्षण और वहां के डिप्टी सीएम की ओर से सदन में दिए गए संविधान बदलने वाले बयान को आधार बनाकर हंगामा शुरू कर दिया. सत्ता पक्ष के सदस्य विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे से संविधान बदलने वाले बयान पर जवाब की मांग कर रहे थे.
राज्यसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने संविधान बदलने वाली बात पर सदन में कहा कि चंद सदस्यों, खासकर मंत्री किरेन रिजिजू ने ये मुद्दा उठाया. उसका समर्थन नेता सदन ने भी किया. उन्होंने कहा कि ऐसी कोई बात कर्नाटक के मंत्री ने नहीं कही है. मल्लिकार्जुन खड़गे ने दावा किया कि ऐसी कोई बात हमारी तरफ से कोई कहेगा भी नहीं. उन्होंने सत्ता पक्ष पर पलटवार करते हुए कहा कि संविधान बदलने की बात जो आती है, वह उधर (ट्रेजरी बेंच) से ही आती है. निष्पक्ष तरीके से सोचिए, क्या भागवत जी ने नहीं बोला.
मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि कई सांसद बोले. यहां तक कि संघ और बीजेपी के लोग बोले कि अगर हमको दो तिहाई बहुमत मिला तो हम संविधान बदलकर रहेंगे. उन्होंने कहा कि संविधान रक्षा की बात हमने की है और उसकी रक्षा हम किसी भी कीमत पर करेंगे. एक जज जिसके घर में पैसे मिले, उस बात को दबाने के लिए ये संविधान की बात लेकर आ रहे हैं. इससे पहले, राज्यसभा में विपक्ष के नेता ने विपक्ष के नेता ने कहा कि कौन सा आदमी किससे कहा कि देश का संविधान बदलने वाले हैं? देश का संविधान जो बाबा साहब आंबेडकर ने बनाया, उसे कोई बदल नहीं सकता.
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सत्ता से बाहर रहकर बौखला गई है कांग्रेस- जेपी नड्डा
विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे के बयान के बाद नेता सदन जेपी नड्डा बोलने के लिए अपनी सीट पर खड़े हुए, विपक्षी सदस्य 'माफी मांगो, माफी मांगो' नारे लगाने लगे. इस पर जेपी नड्डा ने ट्रेजरी बेंच के सदस्यों की ओर संकेत करते हुए सवालिया अंदाज में कहा कि इनको बोलूं क्या मैं? उन्होंने कहा कि कांग्रेस की झूठ बोलने की परंपरा रही है. कर्नाटक की सरकार ने ठेकेदारों को चार फीसदी आरक्षण देने का प्रस्ताव पारित किया है.
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राज्यसभा में नेता सदन जेपी नड्डा ने कहा कि ये आंबेडकर के रखवाले बनते हैं. आंबेडकर और सरदार पटेल ने धर्म के आधार पर आरक्षण का विरोध किया था. उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने तेलंगाना में ओबीसी-एससी एसटी का हक मारकर मुस्लिमों को आरक्षण देने का काम किया है. बैकडोर से इन्होंने मुस्लिमों को ओबीसी में शामिल कर आरक्षण देने का काम किया है. जेपी नड्डा ने ये भी दावा किया कि मेरे बयान के बाद डीके शिवकुमार ने बयान दिया है कि कांग्रेस ने संविधान दिया है और इसे बदलने का अधिकार भी कांग्रेस को है. उन्होंने कहा कि कांग्रेस सत्ता से बाहर रहकर बौखला गई है.