
भारतीय सेना (Indian Army) को अत्याधुनिक स्वदेशी बख्तरबंद वाहन मिले हैं. ये बख्तरबंद गाड़िया टाटा कंपनी ने बनाई हैं. इस गाड़ी का नाम है क्विक रिएक्शन फाइटिंग व्हीकल मीडियम (Quick Reaction Fighting Vehicle Medium - QRFV). ये अन्य बख्तरबंद गाड़ियों से तुलनात्मक रूप से तेज चलती है. इसमें असॉल्ट राइफलों की गोलियों, बमों और बारूदी सुरंगों का असर नहीं होता.
QRFV का पूरा नाम है क्विक रिएक्शन फाइटिंग व्हीकल मीडियम. इसे टाटा एडवांस सिस्टम लिमिटेड (TASL) ने बनाया है. यह बख्तरबंद वाहन मोनोकोक हल मल्टी रोल माइन प्रोटेक्टेड आर्मर्ड व्हीकल है. यानी अगर इसके नीचे बारूदी सुरंग भी फट जाए तो इसे कुछ नहीं होगा.
कुछ दिन पहले भी दक्षिणी सूडान (South Sudan) के एबी में चल रहे संयुक्त राष्ट्र मिशन (UN Mission) में पहली बार भारतीय सैनिक स्वदेशी बख्तरबंद युद्धक वाहन (Armoured Combat Vehicles) का उपयोग किया था. भारत से ऐसे दो वाहन सूडान भेजे गए थे.
दक्षिणी सूडान में भेजे गए बख्तरबंद युद्धक वाहन (Armoured Combat Vehicles) भी QRFV M4 आर्मर्ड पर्सनल करियर और TATA Xenon लाइट व्हीकल्स था. TASL की इन गाड़ियों को भारतीय सेना में शामिल करने से ताकत और बढ़ गई है. ये हर तरह के संघर्ष वाले इलाकों में बेहतरीन प्रदर्शन के लिहाज से बनाए गए हैं. इनके अंदर सैनिक सुरक्षित रहेंगे.