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महाराष्ट्र: सिंधुदुर्ग में शिवाजी की मूर्ति में हुए नुकसान की होगी जांच, इंडियन नेवी के नेतृत्व में बनी टेक्निकल कमेटी

इंडियन नेवी, प्रतिमा की जल्द से जल्द मरम्मत, रीस्टोर और फिर से इसको स्थापित करने के लिए सभी जरूरी कोशिशों को समर्थन देने के लिए तैयार है. जब मूर्ति बन रही थी, तो इस प्रोजेक्ट का कॉन्सेप्ट और नेतृत्व इंडियन नेवी ने राज्य सरकार के सहयोग से किया था.

सिंधुदुर्ग में टूटी शिवाजी की मूर्ति की होगी जांच (फाइल फोटो) सिंधुदुर्ग में टूटी शिवाजी की मूर्ति की होगी जांच (फाइल फोटो)
शिवानी शर्मा
  • सिंधुदुर्ग,
  • 29 अगस्त 2024,
  • अपडेटेड 3:06 PM IST

महाराष्ट्र (Maharashtra) के सिंधुदर्ग में पिछले दिनों छत्रपति शिवाजी महाराज की प्रतिमा के गिरने का मामला सामने आया था. अब, इसमें हुए नुकसान की जांच की तैयारी हो रही है. भारतीय नौसेना के नेतृत्व में और टेक्निकल एक्सपर्ट्स के साथ महाराष्ट्र सरकार के प्रतिनिधियों को शामिल करते हुए एक संयुक्त तकनीकी समिति (Joint Technical Committee) का गठन किया गया है. यह कमेटी खराब मौसम की वजह से राजकोट किले, सिंधुदुर्ग में छत्रपति शिवाजी महाराज की प्रतिमा को हुए नुकसान की जांच करेगी.

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कब स्थापित हुई थी मूर्ति?

सिंधुदुर्ग में छत्रपति शिवाजी महाराज की प्रतिमा का अनावरण 4 दिसंबर, 2023 को किया गया था, जब सिंधुदुर्ग में पहली बार नौसेना दिवस समारोह का आयोजन किया गया था. प्रतिमा का मकसद मराठा नौसेना की विरासत और छत्रपति शिवाजी महाराज के समुद्री रक्षा और सुरक्षा में योगदान के साथ-साथ आधुनिक भारतीय नौसेना के साथ इसके ऐतिहासिक संबंध का सम्मान करना था. इस प्रोजेक्ट का कॉन्सेप्ट और नेतृत्व इंडियन नेवी ने राज्य सरकार के सहयोग से किया था. सरकार ने प्रोजेक्ट के लिए फंड मुहैया करवाया था. 

इंडियन नेवी, प्रतिमा की जल्द से जल्द मरम्मत, रीस्टोर और फिर से इसको स्थापित करने के लिए सभी जरूरी कोशिशों को समर्थन देने के लिए तैयार है.

शिवाजी की टूटी हुई मूर्ति

मामले में अब तक क्या एक्शन हुआ?

छत्रपति शिवाजी महाराज की प्रतिमा ढहने के मामले में दो लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है. शिकायत में ठेकेदार और आर्टिसरी कंपनी के मालिक जयदीप आपटे और स्ट्रक्चरल कंसल्टेंट डॉक्टर चेतन पाटिल पर लापरवाही और काम की खराब गुणवत्ता के साथ-साथ प्रतिमा के आसपास के लोगों को संभावित रूप से नुकसान पहुंचाने का आरोप लगाया गया है.

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असिस्टेंट इंजीनियर ने दर्ज कराई शिकायत

जयदीप आपटे कल्याण में रहते हैं, जबकि डॉक्टर पाटिल कोल्हापुर के रहने वाले हैं. दोनों पर भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं, विशेष रूप से धारा 109, 110, 125 और 318 (3) (5) के तहत मामला दर्ज किया गया है. प्रतिमा ढहने के संबंध में एक असिस्टेंट इंजीनियर और पीडब्ल्यूडी अधिकारी अजीत पाटिल ने सिंधुदुर्ग पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है.

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