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'आपका ध्यान आकर्षित करने की कोशिश...', खड़गे ने TMC सांसद का सस्पेंशन वापस लेने के लिए जगदीप धनखड़ को लिखी चिट्ठी

टीएमसी सांसद डेरेक ओ ब्रायन को संसद के बचे हुए शीतकालीन सत्र के लिए निलंबित किया जा चुका है. उनके सस्पेंशन को वापस लेने के लिए राज्यसभा में नेता विपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ को चिट्ठी लिखी है.

मल्लिकार्जुन खड़गे (फाइल फोटो) मल्लिकार्जुन खड़गे (फाइल फोटो)
aajtak.in
  • नई दिल्ली,
  • 18 दिसंबर 2023,
  • अपडेटेड 3:01 PM IST

राज्यसभा में नेता विपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने टीएमसी सांसद डेरेक ओ ब्रायन का सस्पेंशन वापस लेने के लिए उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ को चिट्ठी लिखी है.  खड़गे ने कहा है कि टीएमसी नेता ने संसद के सिक्योरिटी ब्रीच मामले में केंद्रीय गृहमंत्री से बयान देने की मांग की थी.  

कांग्रेस चीफ ने कहा, "वो (डेरेक ओ ब्रायन) बस आपका ध्यान आकर्षित करने की कोशिश कर रहे थे ताकि 13 दिसंबर को लोकसभा में हुई चौंकाने वाली घटना पर गृहमंत्री के बयान के लिए I.N.D.I.A गठबंधन की सामूहिक मांग को उठाया जा सके." 

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खड़गे ने आगे कहा कि गृहमंत्री इस मामले में संसद में बयान नहीं दे रहे हैं, जोकि संसदीय परंपराओं का उल्लंघन है. उन्होंने कहा, "ये पूरी तरह से वैध मांगें हैं. यह संसदीय परंपराओं का उल्लंघन है कि गृह मंत्री 13 दिसंबर की घटनाओं के बारे में एक मीडिया समारोह में बोल सकते हैं, लेकिन संसद में एक बयान के रूप में कुछ भी कहने से इनकार करते हैं, जबकि संसद की कार्यवाही चल रही है." 

14 दिसंबर को सस्पेंड हुए डेरेक ओ ब्रायन

डेरेक ओ ब्रायन को राज्यसभा से 14 दिसंबर को सस्पेंड किया गया था, जबकि लोकसभा के 13 सांसदों को भी सदन की कार्यवाही में बाधा डालने के आरोप में शीतकालीन सत्र के लिए निलंबित कर दिया गया था.  

लोकसभा में कांग्रेस पार्टी के नेता अधीर रंजन चौधरी ने रविवार को स्पीकर ओम बिड़ला से विपक्ष के 13 सांसदों का निलंबन रद्द करने की मांग की थी. हालांकि ओम बिड़ला ने कहा कि इन सांसदों के निलंबन का 13 दिसंबर की घटना से कोई संबंध नहीं है.  

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13 दिसंबर को संसद में हुआ था हंगामा

13 दिसंबर को जब देश संसद पर हमले की 22वीं बरसी मना रहा था, उसी दिन सागर शर्मा और मनोरंजन डी नाम के दो शख्स लोकसभा की दर्शक दीर्घा से कूदकर चैम्बर में पहुंच गए थे. इस दौरान उन्होंने कलर स्मोक फैलाया था और नारेबाजी भी की थी. हालांकि उन्हें सदन में मौजूद सांसदों ने उन्हें घेर लिया था. इन दोनों आरोपियों के अलावा दो अन्य लोग संसद के बाहर विरोध प्रदर्शन किया था, इसमें एक महिला भी शामिल थी, जिन्हें पुलिस ने हिरासत में ले लिया था. 

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