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'...जो इतने साल में नहीं हुआ, वो अब हो रहा है', बसपा सांसद ने लोकसभा में क्यों कही ये बात

बहुजन समाज पार्टी के सांसद मलूक नागर ने सोमवार को लोकसभा में सरकार के कुछ फैसलों की तारीफ की और दिल्ली मेट्रो को मेरठ, शुक्रताल, पुरकाजी होते हुए हस्तिनापुर और मुजफ्फरनगर तक चलाया जाए. जिससे लोगों को लगे कि हम हस्तिनापुर वालों को भी अयोध्या वालों की तरह माना जा रहा है.

बिजनौर के बसपा सांसद मलूक नागर बिजनौर के बसपा सांसद मलूक नागर
aajtak.in
  • नई दिल्ली,
  • 13 फरवरी 2023,
  • अपडेटेड 5:35 PM IST

संसद के चालू बजट सत्र के दौरान पक्ष-विपक्ष की तकरार के साथ ही ऐसे पल भी देखने को मिल जा रहे जब धुर विरोधी भी एक-दूसरे की तारीफ करते नजर आ रहे हैं. सोमवार को प्राइवेट मेंबर्स बिल की कार्यवाही के दौरान भी कुछ ऐसी ही तस्वीर लोकसभा में देखने को मिली. उत्तर प्रदेश के बिजनौर से बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के सांसद मलूक नागर ने केंद्र सरकार की तारीफ की और यूपीए सरकार पर हमला बोला.

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बिजनौर के बसपा सांसद मलूक नागर ने कहा कि ममता बनर्जी जब रेल मंत्री थीं, 2007 में उन्होंने मेरठ से शुक्रताल, हस्तिनापुर तक रेल चलाए जाने का ऐलान किया था. उन्होंने कहा कि तत्काल सर्वे की रिपोर्ट भी साल 2014 में यूपीए सरकार के जाने तक ठंडे बस्ते में पड़ा रहा. बिजनौर सांसद ने कहा कि हमने राज्यसभा सांसद कांताजी से भी इसे लेकर चर्चा की, उन्होंने रेल मंत्री से बात की और हमारे यहां के प्रभारी भी हैं, रेल मंत्रीजी ने बहुत जल्द रेल लाइन बिछाने का ऐलान कर दिया.

उन्होंने कहा कि इसे लेकर हमने धन्यवाद पत्र लिखा और रेल मंत्री से कहा कि हमने ये मुद्दा उठाया था, थोड़ी क्रेडिट मुझे भी दे देते. हम राष्ट्र के मुद्दे पर, अच्छे कार्यों में पार्टी पॉलिटिक्स से ऊपर उठकर समर्थन करते हैं. उन्होंने दिल्ली मेट्रो को अपने संसदीय क्षेत्र के हस्तिनापुर तक चलाने की मांग भी उठाई. बिजनौर सांसद ने कहा कि दिल्ली से मेरठ, हस्तिनापुर, बिजनौर, पुरकाजी, शुक्रताल होते हुए मुजफ्फरनगर तक रेल जल्दी निकाली जाए जिससे लोगों को लगे कि जो 65 साल कांग्रेस शासनकाल में नहीं हुआ, वो हो रहा है. 

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निशिकांत दुबे ने गिनाए रेल लाइन बिछाने के क्राइटेरिया

झारखंड के गोड्डा से बीजेपी के सांसद निशिकांत दुबे ने रेल लाइन बिछाने के क्राइटेरिया गिनाए और छोटी जगह, महत्वपूर्ण स्थलों पर कनेक्टिविटी बढ़ाने की मांग की. इस दौरान जब वे पुरानी सरकारों के समय में रेल लाइन बिछाए जाने के क्राइटेरिया गिना रहे थे, ओडिशा की सत्ताधारी बीजू जनता दल (बीजेडी) के सांसद भर्तृहरि महताब ने एक बार उन्हें टोका.

बीजेडी सांसद ने बताया सबसे बड़ा क्राइटेरिया

बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे मुस्कराते हुए अपनी सीट पर बैठ गए. भर्तृहरि महताब ने कहा कि एक और क्राइटेरिया है जो सबसे बड़ा है. वह है रेल मंत्री अपने राज्य या इलाके से आते हों. निशिकांत दुबे ने इस पर हल्के-फुल्के अंदाज में कहा कि महताब बड़े ही वरिष्ठ सांसद हैं. इन्होंने कई रेल मंत्रियों के कार्यकाल को देखा है.

निशिकांत दुबे और भर्तृहरि महताब

उन्होंने कहा कि ओडिशा की उपेक्षा के कारण इनका दर्द मैं समझ सकता हूं. निशिकांत दुबे ने कहा कि लेकिन इस क्राइटेरिया को इस सरकार में रेलवे ने तोड़ा है. महताबजी अश्विनी वैष्णव को याद दिलाना चाहते हैं कि आप भी ओडिशा से आते हैं लेकिन अब क्राइटेरिया बदल चुका है. निशिकांत दुबे ने कहा कि क्राइटेरिया बदलने का सबसे ज्यादा लाभ झारखंड को मिला है जहां से मैं आता हूं. उन्होंने कहा कि रेलवे को झारखंड चलाता है जहां से 40 फीसदी रेवेन्यू आता है.

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टोक्यो स्टेशन दुनिया में विकास का मॉडल 

निशिकांत दुबे ने गोड्डा में रेल लाइन बिछाए जाने का कार्य शुरू होने पर सरकार को, रेल मंत्री को धन्यवाद दिया. निशिकांत दुबे ने कहा कि रेलवे स्टेशन पर, ट्रैक पर गंदगी, झुग्गी-झोपड़ी. आप किसी स्टेशन पर आधे घंटे खड़े नहीं हो सकते थे. मोदी सरकार ने साफ-सफाई पर ध्यान दिया. दुनिया में जहां भी विकास हुआ, रेलवे का बहुत बड़ा योगदान है. टोक्यो स्टेशन को पूरी दुनिया ने मॉडल स्टेशन माना और उसी के आधार पर सरकारों ने काम किया.

सिंगापुर-स्विट्जरलैंड के विकास में रेलवे बड़ा फैक्टर

निशिकांत दुबे ने सिंगापुर, स्विट्जरलैंड के विकास के पीछे टूरिज्म और रेलवे को बड़ा फैक्टर बताया. उन्होंने धार्मिक, टूरिस्ट जैसे क्राइटेरिया वाले स्टेशन गिनाए और कहा कि सरकार को धन्यवाद कि उसने अपने खर्च पर इन स्टेशनों के विकास का निर्णय लिया. पहले चरण में जिस तरह से 27 बड़े स्टेशनों के विकास की योजना बनाई और जैसा उत्तराखंड में हो रहा कि रेलवे अपनी ही जमीन नहीं ले पा रहा.

हमारे यहां करोड़ों साल पुराना फॉसिल

उन्होंने देखो अपना देश कार्यक्रम का जिक्र करते हुए कहा कि साइंस की बात करें तो फॉसिल इसका सबसे बड़ा विषय है. अगर हम अपने देश की सभ्यता और संस्कृति कितनी पुरानी है, इसकी बात करें तो. हम अपने बच्चों को फॉसिल देखने के लिए कनाडा और अमेरिका ले जा रहे हैं, उससे पुराना फॉसिल हमारे यहां है. करोड़ों साल पुराना फॉसिल हमारे यहां है.

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निशिकांत दुबे ने मंदार का जिक्र करते हुए कहा कि जहां-जहां समुद्र मंथन से निकला अमृत गिरा, हरिद्वार-नासिक-प्रयागराज में बड़ा केंद्र बन गया लेकिन मंदार में एक स्टेशन तक नहीं है. विक्रमशिला गांव ने दुनिया को पहला वाइस चांसलर दिया है, भगवान आतिश दीपंकर पहले वाइस चांसलर थे. ऐसी जगहों पर कनेक्टिविटी बढ़ाइए.

 

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