
भारत–बांग्लादेश सीमा पर बीएसएफ ने मुठभेड़ के दौरान एक गौ तस्कर को ढेर कर दिया. बंगाल के मुर्शिदाबाद में बांग्लादेश सीमा के पास कुछ तस्कर मवेशियों को उस पार भेजने की कोशिश कर रहे थे. इसी दौरान वहां तैनात 141 वाहिनी के जवानों ने अपनी सूझबूझ, निडरता और बहादुरी का परिचय देते हुए मवेशी को सीमा पार होने से बचाया.
इस दौरान तस्करों ने बीएसएफ जवानों पर हमला भी किया लेकिन हमले की परवाह न करते हुए जवानों ने तस्करों को मुंहतोड़ जवाब दिया. जवाबी कार्रवाई में एक तस्कर मारा गया.
दरअसल 31 जुलाई को जालंगी बीएसएफ चौकी पर तैनात जवानों ने ड्यूटी के दौरान लगभग आधी रात को संदिग्ध गतिविधि देखी. जवानों ने देखा कि कुछ तस्कर मवेशी के साथ बीएसएफ डॉमिनेशन लाइन की तरफ बढ़ रहे थे.
जवानों ने तस्करों का पीछा किया और उन्हें ललकारा, लेकिन तस्कर जवानों की चेतावनी को नजरंदाज कर लगातार सीमा की तरफ बढ़ रहे थे. जवानों ने नजदीक जाकर जब तस्करों को रोकना चाहा तो उन्होंने जवानों पर हमला कर दिया.
तस्करों का आक्रामक रवैया देखकर जवानों ने अपनी आत्मसुरक्षा में 1 ग्रेनेड तस्करों कि तरफ फेंका लेकिन तस्कर फिर भी नहीं रुके. देखते ही देखते तस्करों ने जवानों को चारों तरफ से घेर लिया और हमला तेज कर दिया.
इसके बाद जवानों ने अपनी आत्मरक्षा में हथियार से 2 राउंड फायर किए. यह देख तस्करों के होश उड़ गए और तस्कर अंधेरे का फायदा उठा कर भाग निकले. हालांकि इस दौरान एक तस्कर मौके पर ही मारा गया. मारे गए तस्कर की पहचान मोमीनुल इस्लाम (उम्र- 35 साल) के रूप में हुई जो जिन्नतपारा गांव का रहने वाला था.
तस्कर के शव को जालंगी थाना लाया गया जबकि पकड़े गए मवेशी को आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए ध्यान फाउंडेशन को सौंप दिया गया. वहीं बीएसएफ के प्रवक्ता ने कहा कि जब भी जवान तस्करों को रोकने की कोशिश करते हैं तो वो हमला कर देते हैं.
दक्षिण बंगाल सीमांत के डीआईजी ने बताया की भारत–बांग्लादेश सीमा पर बीएसएफ जवान अपनी जान की परवाह किए बैगर सीमा पर मुस्तैद रहते हैं. जब तस्करों को उनके गलत मनसूबों में सफ़लता नहीं मिलती है तो वे जवानों पर जानलेवा हमला करते हैं जिसकी वजह से कई बार हमारे जवान गंभीर रूप से घायल भी हुए हैं.
उन्होंने कहा, जवान अपनी और सरकारी संपत्ति की सुरक्षा के साथ–साथ तस्करी को रोकने के लिए कड़े कदम उठाते हैं.