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मणिपुर: अरामबाई टेंगोल के खिलाफ NIA केस, CM बीरेन सिंह बोले, 'कानून अपना काम करेगा'

मणिपुर में अरामबाई टेंगोल के खिलाफ NIA मामले पर मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह ने कहा है कि कानून अपना काम करेगा. हाल के दिनों में अरामबाई टेंगोल के प्रमुख के खिलाफ एनआईए के मामले के खिलाफ विशेष रूप से मीरा पैबिस नामक महिला स्वयंसेवकों द्वारा कई विरोध प्रदर्शन किए गए थे.

मणिपुर के मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह. (फाइल फोटो) मणिपुर के मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह. (फाइल फोटो)
बेबी शिरीन
  • नई दिल्ली,
  • 10 दिसंबर 2024,
  • अपडेटेड 3:34 AM IST

मणिपुर में अरामबाई टेंगोल के खिलाफ NIA मामले पर मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह ने कहा है कि कानून अपना काम करेगा. अरामबाई टेंगोल के प्रमुख कोरोंगनबा खुमान के खिलाफ एनआईए के मामले पर बढ़ती चिंता के बारे में मीडिया के सवालों का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह ने सोमवार को कहा कि 'देश का कानून लागू होना चाहिए, नियमों का उल्लंघन करने वाले को परिणाम भुगतने होंगे', 'जो लोग कानून के शासन का उल्लंघन करते हैं, उन्हें परिणाम भुगतने होंगे. यह किसी एक विशेष समुदाय या समूह का सवाल नहीं है. अगर किसी ने कुछ गलत किया है, तो उसे परिणाम भुगतने होंगे.' बता दें कि अरामबाई टेंगोल मैतेई का संगठन है. मणिपुर में जब भी कोई बड़ी घटना हुई तीन संगठनों के नाम बार-बार सामने आए- ITLF, अरामबाई टेंगोल और मैतेई लिपुन.

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बीरेन ने मणिपुर में इनर लाइन परमिट सिस्टम के 5 साल पूरे होने के जश्न के मौके पर मीडिया के सवालों का जवाब देते हुए यह बात कही. इस मौके पर मणिपुर स्टार्टअप स्कीम 2.0 के तहत IDP के रोजगार के लिए CMESS विशेष पैकेज के लाभार्थियों के साथ एक संवाद सत्र भी आयोजित किया गया.

महिला स्वयंसेवकों ने किया था विरोध प्रदर्शन
हाल के दिनों में अरामबाई टेंगोल के प्रमुख के खिलाफ एनआईए के मामले के खिलाफ विशेष रूप से मीरा पैबिस नामक महिला स्वयंसेवकों द्वारा कई विरोध प्रदर्शन किए गए थे. सीएम बीरेन ने कहा, 'राज्य में ILP आंदोलन के दौरान पुलिस कार्रवाई में एक युवक रॉबिनहुड मारा गया और कई घायल हो गए. मैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और सांसदों सहित सभी कैबिनेट सहयोगियों को धन्यवाद देना चाहता हूं, जिन्होंने राज्य में ILP लागू करने का फैसला किया है.

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उन्होंने कहा कि यह मणिपुर में स्वदेशी लोगों की सुरक्षा की शुरुआत है. सिर्फ सुरक्षा ही नहीं, हमें पिछले चार या पांच सालों में कोविड के समय और मौजूदा संकट के दौरान भी लगभग 13 या 14 करोड़ रुपये (ILP परमिट जारी करने से) के आसपास अच्छी मात्रा में कर/राजस्व मिले. बीरेन ने यह भी कहा कि सरकार राहत शिविर में रहने वाले कैदियों के बारे में चिंतित है.

सीएम बीरेन सिंह ने कहा कि हमारा प्राथमिक कर्तव्य उन्हें सशक्त बनाना है ताकि उनका दैनिक जीवन बेहतर हो सके. हमने उन्हें पहले कुछ बाहरी एजेंसियों के माध्यम से रोजगार दिया है. आज, स्टार्टअप और सरकारी सहायता के माध्यम से और अधिक रोजगार मिलेगा. 300 IDP को सफल नए स्टार्टअप के माध्यम से नौकरी मिल रही है.

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