
मणिपुर के एक विधायक लीशियो कीशिंग ने मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह को पत्र लिखकर म्यांमार से आए शरणार्थियों को वापस भेजने के इंतजाम करने का अनुरोध किया है. 9 मई को मुख्यमंत्री को संबोधित पत्र में फुंग्यार (एसटी) विधानसभा क्षेत्र के विधायक ने राज्य में म्यांमार से आए घुसपैठियों की बढ़ती तादद के कारण होने वाले खतरों के बारे में चिंता जताई.
उन्होंने कहा कि नवंबर 2023 से म्यांमार से 5,800 से अधिक अवैध प्रवासियों ने मणिपुर में प्रवेश किया है. जिला प्रशासन की देखरेख में 5,173 व्यक्तियों का बायोमेट्रिक डेटा लिया गया है.
उन्होंने दैनिक मजदूरी और घरेलू मामलों से संबंधित विवादों पर स्थानीय निवासियों को हिंसा का शिकार होने की घटनाओं पर जोर दिया, जिससे सीमावर्ती क्षेत्रों में कानून प्रवर्तन चुनौतियां बढ़ गई हैं. यहां तक कि स्थानीय प्रथागत कानून भी रीति-रिवाजों और मान्यताओं के पालन के कारण शरणार्थियों पर नियंत्रण नहीं रख सकते हैं.
विधायक ने म्यांमार में सीमा पार करके आशंकाओं से बचने वाले आप्रवासियों द्वारा कथित तौर पर की गई हत्याओं और अपहरण की घटनाओं का हवाला देते हुए स्थानीय निवासियों की सुरक्षा पर चिंता जताई. विधायक ने मुख्यमंत्री से शरणार्थियों को उनके देश के संबंधित गांवों में भेजने के लिए एक उपयुक्त योजना और व्यवस्था खोजने या कड़ी निगरानी में उन्हें आश्रय देने के लिए तत्काल कदम उठाने का आग्रह किया.
विधायक ने 1968 की ऐतिहासिक मामलों का हवाला देते हुए शरणार्थियों को भारतीय नागरिकता देने के प्रति भी आगाह किया. उन्होंने सीमावर्ती क्षेत्रों में सशस्त्र पुलिस को मजबूत करने का भी आग्रह किया.