
एन बीरेन सिंह के मणिपुर के सीएम पद से इस्तीफा देने के एक दिन बाद बीजेपी ने प्रदेश मामले के प्रभारी और सांसद संबित पात्रा को आगे की रणनीति के लिए सोमवार को विधायकों के साथ बैठक की. इसी बीच नेशनल पीपुल्स पार्टी (एनपीपी) ने मणिपुर में भाजपा सरकार को समर्थन जारी रखने का ऐलान कर दिया है. एनपीपी केंद्र में एनडीए गठबंधन में सहयोगी है.
एनपीपी विधायक शेख नूरुल हसन ने सोमवार को कहा कि एनपीपी ने केंद्र की एनडीए सरकार से नहीं, बल्कि बीरेन की सरकार से समर्थन वापस लिया था. क्योंकि अब बीरेन सिंह ने इस्तीफा दे दिया है. इसलिए पार्टी राज्य सरकार को भी अपना समर्थन जारी रखेगी.
एनपीपी ने बीरेन सिंह सरकार से अपना समर्थन वापस ले लिया था, क्योंकि राज्य में सामान्य स्थिति और शांति बहाल करने में उनकी विफलता के कारण हमें उनके नेतृत्व पर विश्वास नहीं था. विधायक नूरुल हसन ने कहा कि अब आखिरकार बीरेन सिंह ने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया है जो शांति और सामान्य स्थिति बहाल करने की दिशा में एक स्वागत योग्य कदम है.
विधायक ने कहा, 'ऐसा एनपीपी को लगता है और हम केंद्र में एनडीए गठबंधन का हिस्सा हैं, हम आने वाले दिनों में राज्य को पूरी तरह से सामान्य स्थिति और शांति में लाने के लिए एनडीए के हिस्से के रूप में भाजपा सरकार के साथ हमेशा सहयोग और काम करेंगे.'
CM के सवाल पर क्या बोले MLA
वहीं, जब नए मुख्यमंत्री के बारे में उनसे पूछा गया तो उन्होंने कहा कि यह हमारा विशेषाधिकार नहीं है. मैं इस सवाल का जवाब देने के लिए सही व्यक्ति नहीं हूं. नए सीएम के अनुमानित समय के बारे में विधायक ने कहा कि यह सब केंद्रीय बीजेपी नेतृत्व के साथ-साथ मणिपुर के राज्यपाल की रिपोर्ट पर निर्भर करता है.
आपको बता दें कि मणिपुर की 60 सदस्यीय विधानसभा में सात विधायकों वाली एनपीपी ने पिछले साल नवंबर में बीरेन सिंह सरकार से अपना समर्थन वापस ले लिया था.