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'हमारा नया जन्म हुआ, सालों से था इस पल का इंतजार...', CAA के तहत नागरिकता मिलने पर शरणार्थियों ने ऐसे जताई खुशी

भारत में कई साल से रह रहे शरणार्थियों के हाथ में बुधवार को जब नागरिकता का प्रमाणपत्र आया तो उनका चेहरा खिल उठा. भारत की नागरिकता को वे एक 'नया जन्म' मान रहे हैं और भारत सरकार को धन्यवाद दे रहे हैं.

14 लोगों को मिले सिटीजनशिप सर्टिफिकेट 14 लोगों को मिले सिटीजनशिप सर्टिफिकेट
aajtak.in
  • नई दिल्ली,
  • 15 मई 2024,
  • अपडेटेड 6:56 AM IST

सीएए यानी नागरिकता संशोधन अधिनियम की अधिसूचना जारी होने के बाद बुधवार को पहली बार 14 लोगों को सीएए के तहत नागरिकता मिली और उन्हें उनके सिटीजनशिप सर्टिफिकेट सौंप दिए गए. लिहाजा अब पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान से प्रताड़ित गैर-मुस्लिम प्रवासियों को भारत की नागरिकता देने की प्रक्रिया शुरू हो गई.

भारत में कई साल से रह रहे शरणार्थियों के हाथ में बुधवार को जब नागरिकता का प्रमाणपत्र आया तो उनका चेहरा खिल उठा. भारत की नागरिकता को वे एक 'नया जन्म' मान रहे हैं और भारत सरकार को धन्यवाद दे रहे हैं.

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'हमें नया जन्म मिल गया'

भारत कुमार ने कहा कि हमें ऐसा महसूस हो रहा है जैसे इंडिया आकर हमारा एक नया जन्म हो गया. हमें नागरिकता मिल गई उससे ज्यादा हमें सरकार से और कुछ नहीं चाहिए. मोदी जी का बहुत-बहुत धन्यवाद करना चाहते हैं जो हमें आज नागरिकता मिल गई. हमें इस दिन का 10-12 साल से इंतजार था. उन्होंने कहा कि उनका परिवार पाकिस्तान के सिंध प्रांत में धार्मिक उत्पीड़न से बचने के लिए भारत आया था

पाकिस्तान के हालात पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि सभी को पता है कि पाकिस्तान में लोग किस तरह की जिंदगी जी रहे हैं. उन्होंने बताया, 'पाकिस्तान में पढ़ाई-लिखी नहीं है. हम कभी पाकिस्तान में स्कूल नहीं गए. जो भी थोड़ा-बहुत पढ़े भारत आकर ही पढ़े.' 

दिल्ली में उनका परिवार मजनू का टीला इलाके में रहता है और छोटे-मोटे व्यवसाय में लगा हुआ है. उन्होंने बताया कि बुधवार को उनके इलाके में कुल पांच लोगों को भारतीय नागरिकता मिली, जबकि सौ से अधिक लोगों ने इसके लिए आवेदन किया था. हमें बताया गया कि बाकी आवेदकों को भी सही समय पर नागरिकता मिल जाएगी.

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'अब भारत में सम्मानजनक जीवन जी सकता हूं'

मजनू का टीला इलाके में ही रहने वाले सीतल दास अपनी आजीविका चलाने के लिए मोबाइल फोन कवर बेचते हैं. न्यूज एजेंसी पीटीआई से बात करते हुए उन्होंने कहा कि उनका 19 लोगों का परिवार भी 2013 में पाकिस्तान के सिंध से आया था और उनमें से तीन को नागरिकता मिल गई है. 'मैं बहुत खुश हूं. सरकार ने हमारी इच्छा पूरी कर दी है. अब मैं भारत में सम्मानजनक जीवन जी सकता हूं.'

देश में चल रहे लोकसभा चुनाव के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि वह इस बार अपने मताधिकार का इस्तेमाल नहीं कर पाएंगे क्योंकि वोटर लिस्ट में उनका नाम शामिल करने का समय पहले ही खत्म हो चुका है. मैं एक भारतीय के तौर पर अगले चुनाव में निश्चित रूप से मतदान करूंगा.

पीएम मोदी का जताया आभार

पाकिस्तान के सिंध से आईं यशोदा ने कहा कि वह अब एक भारतीय के रूप में सम्मानजनक जीवन जी सकती हैं. उन्होंने पीएम मोदी का आभार जताते हुए कहा कि भारतीय राष्ट्रीयता से अब उनके परिवार और बच्चों का भविष्य सुरक्षित हो जाएगा. 

सिटीजनशिप सर्टिफिकेट पाने वाले एक दूसरे आवेदक हरीश कुमार ने बताया, 'मैं पिछले 13-14 साल से दिल्ली में रह रहा हूं. यह एक सपने के सच होने जैसा है. मैं बहुत खुश हूं. यह मेरे लिए एक नया जीवन है. मैं केंद्र सरकार का बहुत आभारी हूं.'

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'अब मेरे बच्चे पढ़ सकेंगे'

एक अन्य आवेदक अर्जुन ने कहा, 'मैं 2014 में दिल्ली आया था. इससे पहले मैं 4 साल तक गुजरात में रहा. मुझे बहुत खुशी है कि मुझे नागरिकता मिल गई. मैं पढ़ाई नहीं कर सका क्योंकि मेरे पास सर्टिफिकेट नहीं थे. मैं छोटी नौकरियां कर रहा था. अब, कम से कम मेरे बच्चे पढ़ सकेंगे. मैं पीएम मोदी और अमित शाह का आभारी हूं.'

'सीएए मोदी जी का वादा है'

पहली बार 14 लोगों को सिटीजनशिप सर्टिफिकेट सौंपे जाने पर गृह मंत्री अमित शाह ने कहा, 'आज गृह मंत्रालय ने शुरुआती 14 लोगों को सर्टिफिकेट दिया है. मैं 14 के 14 शरणार्थियों को अभिनंदन देना चाहता हूं. सीएए मोदी जी का वादा है. इस देश में जो भी शरणार्थी जहां पर भी होंगे सबको हम नागरिकता देंगे.'

14 लोगों को सौंपे गए प्रमाण पत्र

पीटीआई के मुताबिक एक आधिकारिक प्रवक्ता ने कहा कि केंद्रीय गृह सचिव अजय कुमार भल्ला ने एक पोर्टल के माध्यम से उनके आवेदन ऑनलाइन संसाधित होने के बाद 14 लोगों को प्रमाण पत्र सौंपे. साथ ही आवेदकों को नागरिकता संशोधन अधिनियम की महत्वपूर्ण बातें भी बताईं. इस मौके पर सचिव, डाक, निदेशक और भारत के रजिस्ट्रार जनरल सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे.

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किन देशों के लोगों को मिलेगी नागरिकता? 

बता दें कि भारत सरकार ने 11 मार्च 2024 को नागरिकता संशोधन अधिनियम, 2024 को अधिसूचित किया था. इसमें आवेदन करने के तरीके, जिलास्तरीय समिति (DLC) द्वारा आवेदन को आगे बढ़ाने की प्रक्रिया और राज्यस्तरीय अधिकार प्राप्त समिति (EC) द्वारा आवेदनों की जांच और नागरिकता प्रदान करने की व्यवस्था की गई है. 

नागरिकता संशोधन कानून के जरिए पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान से आए हिंदू, सिख, बौद्ध, जैन, ईसाई और पारसी धर्म से जुड़े शरणार्थियों को भारतीय नागरिकता दी जाएगा. कानून के मुताबिक, जो लोग 31 दिसंबर 2014 से पहले आकर भारत में बस गए थे, उन्हें ही नागरिकता दी जाएगी.

2016 में पेश किया गया था बिल

नागरिकता संशोधन बिल पहली बार 2016 में लोकसभा में पेश किया गया था. यहां से तो ये पास हो गया था, लेकिन राज्यसभा में अटक गया. बाद में इसे संसदीय समिति के पास भेजा गया. और फिर चुनाव आ गए. दोबारा चुनाव के बाद नई सरकार बनी, इसलिए दिसंबर 2019 में इसे लोकसभा में फिर पेश किया गया. इस बार ये बिल लोकसभा और राज्यसभा, दोनों जगह से पास हो गया. राष्ट्रपति की मंजूरी मिलने के बाद 10 जनवरी 2020 से ये कानून बन गया था, लेकिन इसकी अधिसूचना इस साल 11 मार्च को जारी की गई.

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