
हजारों साल पहले मथुरा की जेल में जन्मे कान्हा को इस बार जन्माष्टमी पर मथुरा की जेल में बनी पोशाक ही धारण कराई जाएगी. मथुरा जिला जेल में कैदी अपने भाव से पोशाक बनाने में जुटे हैं. जन्माष्टमी पर वृंदावन के लाडले ठाकुर श्री बाँके बिहारी जी वही पोशाक पहनेंगे.
बांके बिहारी जी को पहनायी जाने वाली पोशाक में बिहारी जी का जमादार घाघरा यानी लहंगा, पिछवाई यानी इकलाई, ओढ़नी यानी फरिया, नीचे का बिछौना, कमरबंद, चोटिला और श्री जी का लहंगा और पाग शामिल है. इसके अलावा श्रीअंग के गहने आभूषण, मुकुट, टिपारे, मोरपखा और लकुटी बंसी आदि अलग श्रृंगार होते हैं.
मथुरा की जेल में भगवान कृष्ण की पोशाक कैदी बनाते रहे हैं. इस बार कैदियों ने जेल अधीक्षक से अपनी इच्छा जताई थी कि यदि मंदिर के सेवायत अनुमति दें तो जन्माष्टमी के पावन अवसर पर श्री बांके बिहारी जी को पहनायी जाने वाली पोशाक जेल में ही बनवाई जाए. जेल अधीक्षक ने मंदिर प्रबंधन से बातचीत की. सेवायत गोस्वामियों ने अनुमति दी तो कैदियों ने मिलकर उत्साह और स्नेह भक्ति भाव से बिहारी जी के लिए पोशाक तैयार की.
8 बंदियों ने तैयार की पोशाक
कुल मिलाकर 08 बंदियों ने यह पोशाक तैयार की है. इसे बनाने में 1 सप्ताह से ज्यादा का समय लगा है. बुधवार शाम पांच बजे प्रदेश के कारागार मंत्री धर्मवीर प्रजापति श्री बांके बिहारी जी के दर्शन करेंगे. जेल अधीक्षक मथुरा के साथ मुख्य पुजारी जी को बंदियों द्वारा निर्मित पोशाक सौंपेंगे.
मुख्य पुजारी जी के माध्यम से बांके बिहारी जी जन्माष्टमी की मंगला आरती के समय बंदियों द्वारा बनाई गई वही पोशाक धारण करेंगे. यानी एक बार फिर कान्हा और जेल का रिश्ता याद किया जाएगा.