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कर्नाटक के राज्यपाल थावर चंद गहलोत को CRPF की 'जेड' श्रेणी सुरक्षा, देशभर में होगी प्रभावी

'जेड' श्रेणी की सुरक्षा भारत में उच्च-स्तरीय सुरक्षा व्यवस्था मानी जाती है, जिसमें लगभग 22 से 24 सुरक्षा कर्मियों की टीम तैनात रहती है. इन कर्मियों में एनएसजी कमांडो, सीआरपीएफ जवान और अन्य विशेष सुरक्षा बलों के अधिकारी शामिल होते हैं.

कर्नाटक के राज्यपाल थावर चंद गहलोत (पीटीआई फोटो) कर्नाटक के राज्यपाल थावर चंद गहलोत (पीटीआई फोटो)
जितेंद्र बहादुर सिंह
  • नई दिल्ली,
  • 14 अक्टूबर 2024,
  • अपडेटेड 2:53 PM IST

गृह मंत्रालय (MHA) के सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, कर्नाटक के राज्यपाल थावर चंद गहलोत को 'जेड' श्रेणी की सुरक्षा प्रदान की गई है. यह सुरक्षा कवर केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) द्वारा देशभर में प्रदान किया जाएगा. 'जेड' श्रेणी की सुरक्षा भारत में उच्च-स्तरीय सुरक्षा व्यवस्था मानी जाती है, जिसमें लगभग 22 से 24 सुरक्षा कर्मियों की टीम तैनात रहती है. इन कर्मियों में एनएसजी कमांडो, सीआरपीएफ जवान और अन्य विशेष सुरक्षा बलों के अधिकारी शामिल होते हैं. यह सुरक्षा कवर पूरे देश में राज्यपाल के यात्रा करने के दौरान भी लागू रहेगा, जिससे उनकी सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके.

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चिराग पासवान को भी बढ़ाई गई सुरक्षा
थावर चंद गहलोत, जो पहले केंद्रीय सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्री रहे हैं, वर्तमान में कर्नाटक के राज्यपाल के पद पर कार्यरत हैं. इसके अलावा, गृह मंत्रालय ने केंद्रीय केंद्रीय खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्री चिराग पासवान की सुरक्षा भी बढ़ा दी है. चिराग को जेड कैटेगरी की सुरक्षा प्रदान की गई है. पहले उन्हें एसएसबी के कमांडो सुरक्षा दे रहे थे अब उन्हें सीआरपीएफ सुरक्षा देगी.

भारत सरकार की ओर से देश के कुछ लोगों को सिक्योरिटी दी जाती है. मुख्य तौर पर गृह मंत्रालय की ओर से X, Y, Y Plus, Z, Z Plus सिक्योरिटी दी जाती है. इसके अलावा एक एसपीजी सिक्योरिटी होती है, जो सिर्फ देश के प्रधानमंत्री को मिली है. एसपीजी एक अलग फोर्स की तरह है, जो सिर्फ प्रधानमंत्री को कवर करती है.

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केंद्र सरकार ने सुरक्षा के लिए पांच कैटेगरी बना रखी है. इसमें X, Y, Y+, Z और Z+ शामिल है. खतरे के हिसाब से व्यक्ति को सुरक्षा दी जाती है. कैटेगरी बढ़ने के साथ-साथ खर्चा भी बढ़ता जाता है. किस कैटेगरी की सुरक्षा पर कितना खर्चा होता है, इसकी कोई सटीक जानकारी नहीं है. हालांकि, अनुमान है कि Z+ कैटेगरी की सुरक्षा पर हर महीने 15 से 20 लाख रुपये का खर्चा आता है.

किस कैटेगरी में कितनी सुरक्षा?

- X कैटेगरी : इसमें दो सुरक्षाकर्मी (कमांडो नहीं) तैनात होते हैं. एक पर्सनल सिक्योरिटी ऑफिसर (PSO) शामिल होता है. 

- Y कैटेगरी : इसमें 11 सुरक्षाकर्मी तैनात होते हैं. इसमें एक या दो कमांडो और दो पीएसओ भी शामिल होते हैं.

- Y+ कैटेगरी : 11 सुरक्षाकर्मियों के अलावा एस्कॉर्ट वाहन भी रहता है. एक गार्ड कमांडर और चार गार्ड आवास पर भी तैनात होते हैं.

- Z कैटेगरी : 22 सुरक्षाकर्मी तैनात रहते हैं. इसमें 4 से 6 एनएसजी के कमांडो भी शामिल रहते हैं. साथ ही दिल्ली पुलिस और CRPF के जवान भी रहते हैं.

- Z+ कैटेगरी : करीब 58 सुरक्षाकर्मी तैनात रहते हैं. इनमें 10 से ज्यादा एनएसजी कमांडो रहते हैं. एक बुलेटप्रूफ कार और 2 एस्कॉर्ट वाहन भी रहते हैं. आवास के बाहर पुलिस कैम्प भी रहता है.

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