
पूर्वी मिजोरम के ख्वाजोल जिले में एक सड़क निर्माण स्थल पर मिट्टी का बड़ा टीला धंस जाने से तीन मजदूरों की मौत हो गई. ये तीनों मजदूर पश्चिम बंगाल के मालदा जिले के रहने वाले थे. ख्वाजोल के उपायुक्त और जिला आपदा एवं प्रबंधन अध्यक्ष ने कहा कि घटना राष्ट्रीय राजमार्ग-6 के हारमोन इलाके की है.
पीड़ितों की पहचान पश्चिम बंगाल के मालदा जिले के प्रेम कुमार मंडल (33), रतन मंडल (20) और उज्जवल मंडल (28) के रूप में हुई. मृत मजदूरों के शव जब गांव लौटे तो वहां मातम पसर गया. परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल है.
इससे पहले भी मिजोरम के हनथियाल जिले में 15 नवंबर 2022 में एक पत्थर खदान ढह गई थी. खनन के दौरान कई बड़े-बड़े पत्थर ऊपर से टूटकर उन पर गिर पड़े थे, जिसके मलबे के ढेर में 12 मजदूर दब गए थे. हादसे की सूचना मिलने पर असम राइफल्स और सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) स्थानीय पुलिस, राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ) की टीम ने रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया. जिसके बाद खदान में दबे 12 मजदूरों के शव बरामद कर लिए गए.
जानकारी के मुताबिक, 11 में से 4 मजदूर पश्चिम बंगाल के नदिया और उत्तर 24 परगना के रहने वाले थे. एक मजदूर के मुताबिक, पत्थर गिरने के करीब चार घंटे बाद बचाव कार्य शुरू हुआ. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक हादसे के शिकार ज्यादातर मजदूर बिहार और पश्चिम बंगाल के रहने वाले थे.
खाना खाकर लौट ही थे मजदूर कि हादसा हो गया
पुलिस ने बताया कि खदान में लगे मजूदर दोपहर करीब तीन बजे खाना खाकर काम पर लौटे ही थे कि पत्थर की खदान धंस गई. जब यह हादसा हुआ तब खदान में कई मजदूर काम कर रहे थे. पत्थर गिरने से कई मजदूर और मशीनें खदान के नीचे दब गए.
प्रत्यक्षदर्शियों का कहना था कि पहाड़ी को काफी गहराई तक तोड़ दिया था, जिससे वह ढह गई. पहले तो एक-दो पत्थर गिरे, फिर बाद में अचानक से पूरी पहाड़ी की गिर गई. कुछ मजदूर वहां से भाग निकले, लेकिन कुछ वहीं दब गए.