
कोरोना की वैक्सीन ने जहां दुनिया की बड़ी आबादी को इस महामारी से बचाने में मदद की, अब वहीं इसे बनाने वाली 3 बड़ी दवा कंपनियों के बीच एक कानूनी पच्चड़ फंस गया है. जी हां, कोरोना वैक्सीन बनाने वाली कंपनी Moderna का आरोप है कि Pfizer और BioNTech ने वैक्सीन डेवलप करने वाली टेक्नालॉजी कॉपी की है. इसके लिए मॉडर्ना ने दोनों कंपनियों को अदालत में घसीटा है.
Moderna ने एक बयान में कहा है कि Pfizer और BioNTech ने उसकी mRNA टेक्नोलॉजी कॉपी है. इसके लिए कंपनी ने 2010 से 2016 बीच कई पेटेंट फाइल किए हुए हैं. गौरतलब है कि मॉडर्ना ने अपनी कोरोना वैक्सीन इसी टेक्नोलॉजी से विकसित की है.
माडर्ना का मानना है कि Pfizer और BioNTech के कोरोना वैक्सीन उसके पेटेंट का उल्लंघन करके बनाए गए हैं. कंपनी ने 2010 और 2016 के बीच जो पेटेंट दाखिल किए थे, वो mRNA टेक्नोलॉजी को कवर करते हैं.
mRNA टेक्नीक में जेनेटिक स्क्रिप्टिंग की जाती है. इस स्क्रिप्ट में हर कोशिका की प्रोटीन बनाने वाली मशीनरी को डीएनए के माध्यम से इंस्ट्रक्शंस दिए जाते हैं. दुनियाभर में कोरोना वायरस से जुड़े वैक्सीन के निर्माण में इस टेक्नीक का इस्तेमाल हुआ है.
इधर कोरोना के मामलों में फिर से रफ्तार देखने को मिल रही है. भारत ही नहीं, बल्कि अलग-अलग देशों में कोरोना के मामले बढ़ रहे हैं. हालांकि भारत में सफल कोविड टीकाकरण कार्यक्रम चलाया जा रहा है. अब सरकार की ओर से लोगों से वैक्सीन की बूस्टर डोज लेने के लिए भी कहा जा रहा है.
भारत की दवा कंपनिों ने भी कोरोना वायरस के टीकों का निर्माण तेजी से शुरू कर दिया था. टीका बनाने वाली दुनिया की सबसे बड़ी कंपनियों में से एक Serum Institute ने जहां Covidsheild विकसित की है, तो Bharat Biotech ने Covaxin नाम से इसकी वैक्सीन तैयार की है.