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योगी को आजम की यूनिवर्सिटी में आने का न्यौता, कुलपति बोले- ये आपके राज्य की धरोहर

जौहर यूनिवर्सिटी के कुलपति प्रो. मोहम्मद आरिफ ने सीएम योगी आदित्यनाथ को एक पत्र लिखा है, जिसमें यूनिवर्सिटी की समस्याएं गिनाई हैं और कैंपस के बाहर-अंदर पुलिसबल की तैनाती पर आपत्ति जताई है. उन्होंने सीएम योगी आदित्यनाथ को खुद यूनिवर्सिटी आने का न्यौता दिया है और कहा कि वे आकर यहां निरीक्षण कर सकते हैं. ये यूनिवर्सिटी राज्य की धरोहर है.

सीएम योगी आदित्यनाथ. सीएम योगी आदित्यनाथ.
कुमार अभिषेक
  • रामपुर,
  • 01 नवंबर 2022,
  • अपडेटेड 10:16 PM IST

यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को सपा नेता आजम खान की जौहर यूनिवर्सिटी में आने का न्यौता दिया गया है. ये न्यौता यूनिवर्सिटी के कुलपति प्रो. मोहम्मद आरिफ की तरफ से दिया गया है. कुलपति प्रो. आरिफ ने सीएम योगी को एक पत्र भेजा है और यूनिवर्सिटी की समस्याएं गिनाईं हैं. इसके साथ ही सीएम से यूनिवर्सिटी का निरीक्षण करने की अपील की.

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कुलपति प्रो. मोहम्मद आरिफ ने जौहर यूनिवर्सिटी को राज्य की धरोहर बताया है. उन्होंने पत्र के जरिए जौहर यूनिवर्सिटी के कर्मचारियों की समस्याएं भी बताई हैं. कुलपति ने बताया कि यूनिवर्सिटी के कर्मचारियों / अधिकरियों को दो महीने से वेतन नहीं मिला है. 

कुलपति ने पत्र में और क्या कहा है...

- रामपुर जिले में स्थित एक मात्र मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी छात्र-छात्राओं के लिए एक शिक्षा का मंदिर है, जिसका उद्देश्य इलाके से गरीब छात्र-छात्राओं के हाथों में कलम किताब देकर शिक्षित करना है ताकि प्रधानमंत्री की दूरदृष्टि को साकार करते हुए साक्षर भारत, श्रेष्ठ भारत, संपन्न भारत, शिक्षित भारत, स्वस्थ भारत और एक भारत की परिकल्पना को दृढ़ किया जा सके.
- 19 सितंबर 2022 से यूनिवर्सिटी परिसर में पुलिस बल तैनात कर दिया था और वह दिन-रात जगह-जगह बैठे रहते थे, जिससे छात्र-छात्राएं प्रवेश के लिए और अभिभावक-कर्मचारी भयभीत रहते थे. यूनिवर्सिटी में होने वाले एडमिशन पर बुरा प्रभाव पड़ा है. छात्रों की संख्या कम हुई है. साथ ही भयभीत होकर कई शिक्षक और कर्मचारी इस्तीफे तक दे चुके हैं. 22 अक्टूबर को यूनिवर्सिटी की तरफ से जिलाधिकारी को ज्ञापन दिया गया था, जिसके बाद 30 अक्टूबर को पुलिस परिसर से हट गई थी. लेकिन, 31 अक्टूबर और 1 नवंबर की मध्य रात्रि से पुलिस बल पुन: यूनिवर्सिटी के मुख्य गेट के अंदर तैनात कर दिया गया.
- यूनिवर्सिटी के दो सहायक वित्त अधिकारियों परवेज मियां, सलाउद्दीन रहमान आदि को पुलिस ने आरोपित कर जेल में बंद कर दिया था, जिनकी रिहाई 15 अक्टूबर 2022 को हुई थी. दोनों वित्त अधिकारियों की गिरफ्तारी और जेल जाने की वजह से दात्रों को नोड्यूज नहीं मिल पाए. नतीजन, परीक्षाफल, मार्कशीट, डिग्री नहीं मिल सकी, जिससे छात्रों को अगली कक्षाओं में एडमिशन और अन्य छात्रों के बैकपेपर की परीक्षा स्थगित करनी पड़ी. 
- आपसे निवेदन है कि मामले की जांच करवा कर वाद को वापस लेने के निर्देश दिए जाएं, ताकि यूनिवर्सिटी की गतिविधियों को फिर से सुचारू किया जा सके. इस महंगाई के समय शिक्षकों, कर्मचारियों को नवरात्र और दिवाली के समय भी दो माह से वेतन नहीं मिल पाया है.
- आगे कहा- इस यूनिवर्सिटी में जो आपके राज्य की धरोहर है और आप इस वृहद राज्य के मुखिया हैं- आप कभी भी स्वयं आकर निरीक्षण कर सकते हैं, जो हमारे लिए सौभाग्य की बात होगी और आपके मार्गदर्शी सलाह को अविलंब क्रियान्वयन किया जाएगा.

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