Advertisement

PM मोदी बोले- विपक्ष की मानसिकता महिला विरोधी, थरूर का जवाब- संसद 'नोटिस बोर्ड' नहीं

लोकसभा में पीएम ने कहा था कि बड़ी संख्या में महिलाएं, दलित, गरीब, पिछड़े और किसानों के नेता मंत्री बने हैं. लेकिन ये बात विपक्ष को रास नहीं आ रही है. इस पर शशि थरूर ने जवाब दिया है.

monsoon session of parliament monsoon session of parliament
aajtak.in
  • नई दिल्ली ,
  • 19 जुलाई 2021,
  • अपडेटेड 4:53 PM IST
  • मॉनसून सत्र के पहले दिन जमकर हंगामा
  • दोनों सदनों में विपक्ष पर जमकर बरसे पीएम

संसद के मॉनसूत्र सत्र (parliament monsoon session) का आगाज जोरदार हंगामे के साथ हुआ है. सत्र के पहले दिन सदन में विपक्ष के हंगामे के चलते प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सदन में मंत्रियों का परिचय नहीं करा पाए. विपक्ष के इस रवैये पर पीएम जमकर बरसे.

लोकसभा में पीएम ने कहा कि बड़ी संख्या में महिलाएं, दलित, गरीब, पिछड़े और किसानों के नेता मंत्री बने हैं. लेकिन ये बात विपक्ष को रास नहीं आ रही है. वहीं राज्यसभा में पीएम ने विपक्ष की मानसिकता को महिला विरोधी बताया. दोनों सदनों में पीएम के बयान पर कांग्रेस के दिग्गज नेता शशि थरूर का जवाब आया है.  

Advertisement

शशि थरूर ने कहा कि हमें कोरोना कुप्रबंधन, चीन, किसानों, बेरोजगारी सहित कई मुद्दों पर चर्चा करने के लिए तैयार रहना चाहिए. अगर सरकार हर दिन रचनात्मक चर्चा करने के लिए तैयार होगी तो संसद वैसे चलेगी जैसे लोग उम्मीद करते हैं, लेकिन सरकार संसद को ​नोटिस बोर्ड की तरह इस्तेमाल करना चाहती है.  

लोकसभा में क्या बोले पीएम?

भारी हंगामे के बीच पीएम मोदी ने कहा कि खुशी की बात है कि कई दलित भाई मंत्री बने हैं. हमारे कई मंत्री ग्रामीण परिवेश से है, लेकिन कुछ लोगों को ये रास नहीं आ रहा है. मैं सोच रहा था कि आज सदन में उत्साह का वातावरण होगा क्योंकि बहुत बड़ी संख्या में हमारी महिला सांसद, दलित भाई, ​आदिवासी, किसान परिवार से सांसदों को मंत्री परिषद में मौका मिला. उनका परिचय करने का आनंद होता.

Advertisement

राज्यसभा में सदन के उपनेता मुख्तार अब्बास नकवी होंगे

PM मोदी ने राज्यसभा में क्या कहा?

राज्यसभा में पीएम ने कहा कि आज जब देश के किसान परिवार के बच्चे मंत्री बनकर सदन में उनका परिचय हो रहा है तो कुछ लोगों को बड़ी पीड़ा हो रही है. इस सदन मंत्री बनी महिलाओं का परिचय हो रहा है तो वो कौन सी महिला विरोधी मानसिकता है जिसके कारण सदन में उनका नाम सुनने को भी तैयार नहीं हैं.

आगे पीएम ने कहा कि ये कौन सी मानसिकता है जो दलितों, आदिवासियों, किसान के बेटे का गौरव करने को तैयार नहीं है? इस प्रकार की मानसिकता पहली बार सदन ने देखी है. 

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement