
लोकायुक्त पुलिस ने कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया को मैसूर शहरी विकास प्राधिकरण (MUDA) स्कैम केस में 6 नवंबर को पूछताछ के लिए समन जारी किया है. इस केस में सिद्धारमैया की पत्नी पार्वती बीएम से 25 अक्टूबर को पूछताछ हुई थी.
इससे पहले मंगलवार (29 अक्टूबर) को MUDA के पूर्व कमिश्नर डीबी नटेश को हिरासत में लिया गया था, प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने मैसूर भूमि घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में उनसे पूछताछ की थी.
2020 से 2022 तक के अपने कार्यकाल के दौरान नटेश ने सिद्धारमैया की पत्नी पार्वती को 14 प्लॉट्स आवंटित किए थे. हालांकि इन प्लॉट्स को पार्वती ने बाद में बीच वापस करने का फैसला लिया था.
पीटीआई के मुताबिक एक सीनियर लोकायुक्त अधिकारी ने बताया कि हमने उन्हें (सिद्धारमैया को) बुधवार सुबह पेश होने के लिए कहा है. मुख्यमंत्री पर मैसूर शहरी विकास प्राधिकरण (MUDA) द्वारा अपनी पत्नी को 14 साइटों के आवंटन में अवैधता के आरोप हैं. लोकायुक्त पुलिस के समन पर प्रतिक्रिया देते हुए सिद्धारमैया ने हावेरी जिले में कहा कि मैं जाऊंगा.
मुख्यमंत्री ने 24 अक्टूबर को उच्च न्यायालय की खंडपीठ के समक्ष एक अपील दायर की, जिसमें MUDA साइट आवंटन मामले के संबंध में एकल न्यायाधीश की बेंच के फैसले को चुनौती दी गई थी. दरअसल, न्यायमूर्ति एम नागप्रसन्ना की पीठ ने 24 सितंबर को मामले में उनके खिलाफ जांच के लिए राज्यपाल थावरचंद गहलोत की मंजूरी को चुनौती देने वाली मुख्यमंत्री की याचिका को खारिज कर दिया था, जिसमें कहा गया था कि राज्यपाल के आदेश में कहीं भी विवेक की कमी नहीं है. हाईकोर्ट के आदेश के बाद अगले ही दिन एक विशेष अदालत ने सिद्धारमैया के खिलाफ लोकायुक्त पुलिस जांच का आदेश दिया था, और 24 दिसंबर तक जांच रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया था.
पूर्व और निर्वाचित सांसदों-विधायकों से संबंधित आपराधिक मामलों से निपटने के लिए विशेष अदालत ने मैसूर में लोकायुक्त पुलिस को आरटीआई कार्यकर्ता स्नेहमयी कृष्णा द्वारा दायर शिकायत पर जांच शुरू करने का निर्देश देते हुए आदेश जारी किया था. इस बीच सीएम की पत्नी पार्वती ने MUDA को उन्हें आवंटित 14 प्लॉट्स को रद्द करने के लिए लिखा था और MUDA ने इसे स्वीकार कर लिया था.