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पत्रकार मुकेश चंद्राकर की हत्या का आरोपी ठेकेदार गिरफ्तार, SIT ने हैदराबाद से किया अरेस्ट

छत्तीसगढ़ के बीजापुर में टीवी पत्रकार मुकेश चंद्राकर की हत्या के आरोपी ठेकेदार सुरेश चंद्राकर को गिरफ्तार कर लिया गया है. एसआईटी ने उसे हैदराबाद से अरेस्ट किया है. बीजापुर के एसपी जितेंद्र सिंह यादव ने इसकी पुष्टि की है. 

मुकेश चंद्राकर मुकेश चंद्राकर
सुमी राजाप्पन
  • नई दिल्ली,
  • 06 जनवरी 2025,
  • अपडेटेड 9:17 AM IST

छत्तीसगढ़ के बीजापुर में टीवी पत्रकार मुकेश चंद्राकर की हत्या के आरोपी ठेकेदार सुरेश चंद्राकर को गिरफ्तार कर लिया गया है. एसआईटी ने उसे हैदराबाद से अरेस्ट किया है.

बीजापुर के एसपी जितेंद्र सिंह यादव ने इसकी पुष्टि करते हुए कहा कि आरोपी को हैदराबाद से गिरफ्तार किया गया है. बता दें कि मुकेश चंद्राकर का शव तीन जनवरी को ठेकेदार सुरेश चंद्राकर की प्रॉपर्टी पर स्थित सेप्टिक टैंक से बरामद हुआ था. मुकेश एक जनवरी से लापता थे. पुलिस ने मुकेश की तलाश के लिए सुरेश चंद्राकर के घर पर छापा मारा था. जांच के दौरान वहां सेप्टिक टैंक से एक शव बरामद हुआ. शव की हालत काफी खराब थी, लेकिन कपड़ों से उसकी पहचान पत्रकार मुकेश चंद्राकर के रूप में हुई.

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क्या है मामला?

एक जनवरी को सुरेश चंद्राकर के भाई रितेश ने मुकेश को बुलाया था. इसके बाद से मुकेश का फोन बंद था. बीजापुर पुलिस को मुकेश का शव सुरेश चंद्राकर की प्रॉपर्टी पर बने हुए एक सेप्टिक टैंक से बरामद किया था. बस्तर में ठेकेदार लॉबी का बड़ा दबदबा है.

आरोप है कि ठेकेदार सरकारी अधिकारियों को घूस देकर बड़े-बड़े प्रोजेक्ट्स हासिल करते हैं. इन गतिविधियों को उजागर करने वाले पत्रकारों को धमकियां और खतरों का सामना करना पड़ता है. इस संदिग्ध मौत ने बस्तर में मीडिया और ठेकेदार लॉबी के बीच तनावपूर्ण संबंधों को उजागर किया है.

ठेकेदार के करप्शन को उजागर किया था

पत्रकार मुकेश चंद्राकर ने ठेकेदार सुरेश चंद्राकर के करप्शन को उजागर किया था. ठेकेदार सुरेश चंद्राकर को बस्तर में 120 करोड़ की सड़क बनाने का ठेका मिला था. पत्रकार मुकेश की हत्या की खबर के बाद ठेकेदार के खिलाफ जांच का आदेश दिया गया था. इसके बाद एक जनवरी से मुकेश चंद्राकर का कुछ भी पता नहीं चल रहा था.

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दावा है कि आखिरी बार कॉल करके ठेकेदार सुरेश चंद्रकार के भाई रितेश ने मुकेश को कॉल किया था. इसके बाद एक जनवरी से ही मुकेश चंद्राकर का फोन स्विच ऑफ आता रहा. दावा है कि टैंक में शव को डालकर उसके ऊपर प्लास्टर कर दिया गया था, जिसके बाद पुलिस को शक हुआ.

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