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मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने कहा- वक्फ में हस्तक्षेप बर्दाश्त नहीं, नकवी बोले- 'टच मी नॉट' की सनक से बाहर आएं

केंद्र सरकार द्वारा वक्फ बोर्ड को नियंत्रित करने वाले 1995 के कानून में संशोधन के लिए संसद में विधेयक लाने की तैयारी की जा रही है. इस बीच ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड (एआईएमपीएलबी) ने कहा कि वक्फ बोर्ड की कानूनी स्थिति और शक्तियों में किसी भी तरह का हस्तक्षेप बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.

मुख्ताक अब्बास नकवी मुख्ताक अब्बास नकवी
aajtak.in
  • नई दिल्ली,
  • 05 अगस्त 2024,
  • अपडेटेड 11:39 AM IST

केंद्र की मोदी सरकार संसद में वक्फ बोर्ड संशोधन बिल लाने की तैयारी कर रही है. ऐसे में सियासी माहौल गरमाया हुआ है. इस बीच पूर्व केंद्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी का बयान सामने आया है, जिसमें उन्होंने कहा है कि वक्फ सिस्टम को सियासत से बाहर आना होगा.

नकवी ने दो टूक कहा कि वक्फ सिस्टम को टच मी नॉट की सनक-सियासत से बाहर आना होगा, समावेशी सुधार पर सांप्रदायिक वार ठीक नहीं है. 

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इस बीच ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड (एआईएमपीएलबी) ने कहा कि वक्फ बोर्ड की कानूनी स्थिति और शक्तियों में किसी भी तरह का हस्तक्षेप बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.

ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड (एआईएमपीएलबी) ने एनडीए के सहयोगी दलों और विपक्षी दलों से भी ऐसे किसी भी कदम को पूरी तरह से खारिज करने और संसद में ऐसे संशोधनों को पारित न होने देने का आग्रह किया है.

संसद में पेश होगा विधेयक!

सूत्रों के मुतबिक, सरकार वक्फ बोर्ड को नियंत्रित करने वाले 1995 के कानून में संशोधन करने के लिए संसद में एक विधेयक लाने वाली है ताकि इनके कामकाज में अधिक जवाबदेही और पारदर्शिता सुनिश्चित हो सके तथा इन निकायों में महिलाओं की अनिवार्य भागीदारी हो सके. यह कदम मुस्लिम समुदाय के भीतर से उठ रही मांगों की पृष्ठभूमि में उठाया गया है.

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संशोधन विधेयक वक्फ बोर्डों के लिए अपनी संपत्तियों का वास्तविक मूल्यांकन सुनिश्चित करने के लिए जिला कलेक्टरों के पास पंजीकरण कराना अनिवार्य कर देगा.

मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के प्रवक्ता एस क्यू आर इलियास ने कहा कि ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड यह स्पष्ट करना आवश्यक समझता है कि वक्फ अधिनियम, 2013 में कोई भी बदलाव जो वक्फ संपत्तियों की प्रकृति को बदलता है या सरकार या किसी व्यक्ति के लिए इसे हड़पना आसान बनाता है, स्वीकार्य नहीं होगा. इसी तरह, वक्फ बोर्डों की शक्तियों को कम करना या प्रतिबंधित करना बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.

बता दें कि केंद्र सरकार द्वारा वक्फ बोर्ड को नियंत्रित करने वाले 1995 के कानून में संशोधन के लिए संसद में विधेयक लाने की तैयारी की जा रही है. कहा जा रहा है कि इसी सत्र में संसद में यह संशोधन विधेयक लाने पर विचार किया जा रहा है. इससे पहले शुक्रवार को कैबिनेट की बैठक में वक्फ अधिनियम में 40 संशोधन के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई है. संसद में संशोधन विधेयक पारित होने के बाद वक्फ बोर्ड की अनियंत्रित शक्तियां कम हो जाएंगी. बोर्ड किसी भी संपत्ति पर बिना सत्यापन आधिपत्य घोषित भी नहीं कर सकेगा.

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