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अतीक-अशरफ की हत्या के बाद बढ़ी मुख्तार अंसारी की सुरक्षा, 29 अप्रैल को होगी पेशी

अतीक-अशरफ हत्याकांड के बाद चर्चा में मुख्तार अंसारी का नाम है. 29 अप्रैल को गाजीपुर के एमपी एमएलए कोर्ट में गैंगस्टर एक्ट के मामले में फैसला सुनाया जाएगा, जहां मुख्तार अंसारी को पेश होना है. ऐसे में अंसारी की सुरक्षा बढ़ाई गई है. मुख्तार अंसारी के सांसद भाई अफजाल अंसारी का कहना है अब चर्चा हो रही है कि अतीक अहमद के बाद मुख्तार का नंबर है लेकिन अभी नंबर नहीं है.

मुख्तार अंसारी (फाइल फोटो) मुख्तार अंसारी (फाइल फोटो)
संतोष शर्मा
  • नई दिल्ली,
  • 18 अप्रैल 2023,
  • अपडेटेड 11:28 PM IST

बीते शनिवार को अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ की पुलिस हिरासत में हुई हत्या के बाद मुख्तार अंसारी को भी पेशी के दौरान हत्या का डर सता रहा है. आगामी 29 अप्रैल को गाजीपुर के एमपी एमएलए कोर्ट में गैंगस्टर एक्ट के मामले में फैसला सुनाया जाना है. नियमानुसार मुख्तार अंसारी को फैसला सुनाए जाते वक्त कोर्ट में पेश होना होगा. ऐसे में कहा जा रहा है कि पेशी पर बांदा जेल से गाजीपुर कोर्ट पहुंचने में मुख्तार अंसारी को डर लग रहा है.

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मुख्तार अंसारी के भाई ने कही ये बात

रोपड़ के व्यापारी के द्वारा रंगदारी मांगने के मामले में पंजाब जेल में बंद मुख्तार अंसारी यूपी नहीं आना चाहता था. साल 2021 में सुप्रीम कोर्ट तक गुहार लगाने के बाद मुख्तार अंसारी रोपड़ से बांदा जेल पहुंचा तो अब उसे बांदा जेल से बाहर निकलने में भी डर लग रहा है. बीती 15 अप्रैल की देर रात प्रयागराज में जिस तरह अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ की गोलियों से भूनकर हत्या कर दी गई उसके बाद से मुख्तार अंसारी को भी पेशी के दौरान हत्या का डर सता रहा है. यही वजह है कि मुख्तार अंसारी के सांसद भाई अफजाल अंसारी का कहना है अब चर्चा हो रही है कि अतीक अहमद के बाद मुख्तार का नंबर है लेकिन अभी नंबर नहीं है. मारने वाले से बचाने वाला बड़ा होता है.

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गैंगस्टर एक्ट के मामले में 29 अप्रैल को फैसला

मुख्तार अंसारी को तो साल 2017 के बाद से ही यूपी की जेल में खतरा नजर आने लगा था. यही वजह थी कि साल 2018 में बांदा जेल में बंद रहने के दौरान मुख्तार अंसारी अचानक बीमार हुआ और उसी बीच पंजाब के रोपड़ जिले में एक व्यापारी के द्वारा दर्ज कराए गए रंगदारी वसूली के मामले में पंजाब पुलिस मुख्तार अंसारी को रोपड़ ले गई. मुख्तार अंसारी को वापस यूपी लाने के लिए सरकार को सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाना पड़ा तब जाकर मुख्तार अंसारी वापस बांदा जेल पहुंच पाया. वर्तमान में मुख्तार अंसारी का विधायक बेटा अब्बास अंसारी कासगंज जेल में बंद है तो वहीं उसके छोटे बेटे उमर अंसारी के खिलाफ भी लखनऊ कोर्ट से अरेस्ट वारंट जारी है. गाजीपुर के एमपी एमएलए कोर्ट में कृष्णानंद राय हत्याकांड के बाद दर्ज हुए गैंगस्टर एक्ट के मामले में आगामी 29 अप्रैल को फैसला सुनाया जा सकता है. ऐसे में मुख्तार अंसारी को गाजीपुर कोर्ट में पेश होना होगा.

ऐसी रहेगी मुख्तार अंसारी की सुरक्षा

इस संबंध में डीजी जेल एसएन साबत का कहना है कि जेल के अंदर कैदी की सुरक्षा की हमारी जिम्मेदारी है. जिसके लिए मुख्तार अंसारी को हाई सिक्योरिटी बैरक में रखा गया है, उसकी बैरक को सीसीटीवी के जरिए निगरानी में रखा गया है. मुख्तार अंसारी की सुरक्षा में तैनात जेल कर्मियों पर भी समय-समय पर नजर रखी जाती है. जेल के बाहर जब कोई बंदी जाता है तो जिस जिले के वारंट पर उस बंदी को ले जाया जाएगा बंदी के सुरक्षा की जिम्मेदारी उस जिले की होगी. वही इस संबंध में गाज़ीपुर के एसपी ओमवीर सिंह का कहना है कि फिलहाल मुख्तार अंसारी या उनके परिवार की तरफ से सुरक्षा को लेकर कोई प्रार्थना पत्र नहीं दिया गया है लेकिन आगामी 29 अप्रैल को होने वाली सुनवाई के लिए अगर मुख्तार अंसारी को बांदा जेल से लाया जाएगा तो इसके मद्देनजर चाक-चौबंद सुरक्षा व्यवस्था रहेगी. पीएसी के साथ साथ 5 थानों की पुलिस फोर्स को तैनात किया जाएगा.
 

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इनपुट- विनय सिंह

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