
मुंबई के मीरा रोड मर्डर (Mira Road Murder) मामले ने पूरे देश को दहला दिया है. मीरा रोड स्थित गीता आकाशदीप सोसाइटी में रहने वाले 56 साल के एक शख्स मनोज साने पर आरोप है कि उसने अपनी लिव इन पार्टनर सरस्वती वैद्य की बेरहमी से हत्या कर उसके शव के टुकड़े-टुकड़े कर दिए. दरिंदगी का यह सिलसिला यहीं नहीं थमा. साने ने शव के टुकड़ों को कुकर में उबालने के अलावा उसे भूना और मिक्सर में पीसकर अपराध को छिपाने की कोशिश की. इस मामले में अब रोजाना नए खुलासे हो रहे हैं और पुलिस ने माने पर सवाल उठाए हैं.
पुलिस का कहना है कि आरोपी मनोज साने की कोई आपराधिक पृष्ठभूमि नहीं है लेकिन वह बहुत ही स्मार्ट शख्स है जो लगातार हमें गुमराह कर रहा है. पुलिस अधिकारियों ने बताया कि समाने लगातार अपने बयान बदल रहा है और उसका हर नया बयान पुराने बयान के ठीक उलट है.
कत्ल या आत्महत्या...पल-पल बयान बदलता मनोज
इस भयावह मामले की जांच कर रही पुलिस का कहना है कि शुरुआत में माने ने कहा कि सरस्वती लापता है लेकिन फिर उसने कहा कि सरस्वती ने आत्महत्या कर ली. मनोज की एक थ्योरी ये भी है कि वह एचआईवी पॉजिटिव है और इस वजह से उसने कभी सरस्वती के साथ शारीरिक संबंध नहीं बनाए. उसने कहा कि कुछ साल पहले एक एक्सीडेंट के बाद उसे अस्पताल में संक्रमित खून चढ़ा दिया गया था.
मनोज साने ने पुलिस को बताया कि उसने सरस्वती को ड्राइंग रूम में मरा हुआ देखा था. उसके मुंह से झाग निकल रहा था. उसने कीटनाशक खाकर जान दे दी थी. यह मंजर देखकर वह घबरा गया और उसने लाश के टुकड़े कर दिए ताकि वह फंस ना जाए.
सरस्वती बेटी की तरह थी
एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि मनोज माने पुलिस और उनकी जांच को भटकाने के लिए इस तरह की मनगढ़ंत थ्योरी ला रहा है. अगर वह एचआईवी पॉजिटिव भी है तो इससे यह केस और जांच प्रभावित नहीं होगी क्योंकि इसका उससे कोई लेना-देना नहीं है. क्योंकि जो अपराध उसने किया है, उसका एचआईवी से कोई लेना-देना नहीं है. लेकिन हम भविष्य में एचआईवी टेस्ट करेंगे, फिर इसके नतीजे कुछ भी हों.
पुलिस से पूछताछ में मनोज ने कहा कि उसके सरस्वती के साथ शारीरिक संबंध नहीं थे क्योंकि वह उसकी बेटी की तरह थी. पुलिस का कहना है कि माने इतना शातिर है कि वह पहले ही सभी सबूत नष्ट कर चुका है और अब यह पुलिस के लिए चुनौती है कि वह इस मामले में कुछ भी सिद्ध कर सके. यहां तक कि शव का पोस्टमार्टम होना भी बहुत मुश्किल है. अब पूरा दारोमदार जेजे हॉस्पिटल के डॉक्टरों पर है.
मनोज की थी 5000 सैलरी, देता था 10000 रेंट
जांच में पता चला है कि मनोज साने जिस राशन की दुकान में काम करता था. वहां से उसे 5000 रुपये वेतन के तौर पर मिलते थे. लेकिन बाद में उसकी नौकरी चली गई थी. उसके घर का रेंट 10,000 रुपये था. लेकिन उसने अपना एक घर किराए पर दे रखा था, जिससे उसे महीने में 35000 रुपये मिलते थे. पुलिस को शक है दोनों के बीच रुपयों को लेकर लड़ाई हुई होगी.
पुलिस का कहना है कि मनोज साने दिल्ली के श्रद्धा हत्याकांड से प्रभावित था और उसे सरस्वती को ठिकाने लगाने का आइडिया उसी केस से आया था.
मनोज को 'मामा' बताती थी सरस्वती
32 साल की सरस्वती वैद्य की हत्या से पूरा देश सन्न है. इस मामले में शुक्रवार को लगातार नए खुलासे होते रहे. इस मामले में एक बड़ा खुलासा यह हुआ कि मनोज और सरस्वती शादीशुदा थे और उन्होंने मंदिर में शादी की थी. सरस्वती ने इस शादी के बारे में अपनी बहनों को भी बता रखा था. लेकिन वह आमतौर पर मनोज को मामा बताती थी.
सरस्वती की तीन बहनें है. बचपन में ही उसके मां-बाप अलग हो गए थे. मां-बाप के अलग हो जाने के बाद सरस्वती अपनी मां के साथ रहने लगी थी लेकिन कुछ ही सालों के भीतर उसकी मां की मौत हो गई. मां की मौत के बाद सरस्वती अहमदनगर के जानकीबाई आप्टे बालिका आश्रम में रहने लगी. आश्रम में उसने कक्षा एक से दसवीं तक की पढ़ाई की. वह दस सालों तक इसी आश्रम में रही.
सरस्वती ने 18 साल की होने पर आश्रम छोड़ दिया और औरंगाबाद में अपनी बहन के साथ रहने लगी. वह चार सालों तक बहन के साथ रही. इसके बाद वह मुंबई शिफ्ट हो गई. मुंबई में वह मनोज साने के संपर्क में आई.
मुंबई में सरस्वती का 'सहारा' बना था मनोज
मुंबई में मनोज साने ने नौकरी दिलाने में सरस्वती की मदद की. जब सरस्वती को मुंबई में रहने का कोई ठिकाना नहीं मिला तो मनोज ने बोरीवली में अपने फ्लैट में उसे रहने दिया. वह बोरीवली में मनोज के फ्लैट में कुछ समय तक रही. यह वह समय था, जब दोनों को एक दूसरे से प्यार हो गया और दोनों ने शादी करने का फैसला किया. वे कानूनी तौर पर शादी करना चाहते थे लेकिन उन्होंने बाद में मंदिर में शादी की.
मनोज साने और सरस्वती सात सालों से मीरा रोड वाले फ्लैट में रह रहे थे. मूल रूप से सरस्वती औरंगाबाद की है. आश्रम में सरस्वती के कुछ एजुकेशनल दस्तावेज भी थे, जिसके लिए वह नियमित तौर पर मनोज के साथ अहमदनगर जाती थीं. आश्रम में सरस्वती ने मनोज को अपना मामा बताया था. फिलहाल सरस्वती की बहनों के बयान लिए जा रहे हैं. उनका डीएनए टेस्ट भी किया जाएगा.
सरस्वती की हत्या के मामले में नया नगर पुलिस ने गुरुवार को मनोज साने को गिरफ्तार किया था. साने को 16 जून तक पुलिस कस्टडी में भेज दिया गया है. साने के साथ पूछताछ में उने पुलिस को बताया कि वह सरस्वती के शव के टुकड़े-टुकड़े कनरे के बाद खुद की भी जान लेना चाहता था.
राशन की दुकान पर काम करने वाले साने ने मीरा रोड स्थित अपने फ्लैट में तीन बाल्टियों में सरस्वती के शरीर के कटे टुकड़ों को रखा था. वह शव की दुर्गंध छिपाने के लिए नियमित तौर पर फ्लैट में स्प्रे करता था. यह मामला उस समय सामने आया, जब पड़ोसियों ने फ्लैट से बदबी आने की शिकायत कर पुलिस को इसकी सूचना दी.
सरस्वती की बहनों की मांग
सरस्वती की बहनों का कहना है कि उसके शव के टुकड़ों को उन्हें सौंपा जाए. पुलिस फिलहाल सरस्वती की बहनों के दस्तावेजों की जांच कर रही है, पोस्टमार्टम हो जाने के बाद शव को सौंप दिया जाएगा. कहा जा रहा है कि सरस्वती का परिवार उसके अंतिम संस्कार के लिए शव को औरंगाबाद ले जा सकता है.
क्या हुआ था?
मुंबई के मीरा रोड पर मौजूद गीता आकाश दीप सोसाइटी में 7 जून को पुलिस की टीम पहुंची. दरअसल पड़ोसियों ने इस सोसाइटी के एक फ्लैट से बदबू आने की शिकायत की थी. जब पुलिस सातवीं मंजिल पर मौजूद इस फ्लैट में पुलिस पहुंची तो उनके होश उड़ गए. यहां पुलिस को तीन बाल्टियों में लाश के टुकड़े मिले. पुलिस को खून से लथपथ तीन पेड़ काटने वाला कटर भी मिले.शव के ये टुकड़े सरस्वती वैद्य नाम की महिला के बताए गए, जो उस फ्लैट में 56 साल के मनोज साने के साथ रहती थी. पुलिस ने जब सख्ती से आरोपी से पूछताछ की तो उसने दिल दहलाने वाला सच उजागर किया.
आरोपी ने पुलिस को बताया कि शव को काटने के लिए बाजार से पेड़ काटने वाली मशीन लाया था. वह तीन दिनों तक घर में अपनी लिव इन पार्टनर के शव के टुकड़े करता रहा. आरोपी ने शव के कई टुकड़े किए थे. शव से बदबू न आए इसलिए मिक्सर में टुकड़ों को पीसकर कुकर में उबाला. उसने हड्डियां, मांस और खून को अलग-अलग कर दिया था. बताया जा रहा है कि आरोपी ने शव टुकड़ों को उबालकर कुत्तों को भी खिलाए.
पुलिस का कहना है कि मनोज साने ने सरस्वती के सिर के भी टुकड़े-टुकड़े कर दिए थे. पुलिस की ओर से दर्ज एफआईआर में कहा गया है कि साने ने ना सिर्फ शव को काटने के बाद उसके टुकड़ों को प्रेशर कुकर में उबाला था बल्कि उन्हें भूना भी था और उन्हें बाल्टी में छिपा दिया था. कहा जा रहा है कि सरस्वती की चार जून को मौत हो गई थी और यह मामला सात जून को सामने आया.
पड़ोसियों ने पुलिस को बताया कि साने बीते कुछ दिनों से आवारा कुत्तों को कुछ खिला रहा था जबकि उसने पहले कभी ऐसा नहीं किया था. साने के खिलाफ आईपीसी की धारा 302 और 201 के तहत मामला दर्ज किया गया है.