
Bhiwani Murder Case: राजस्थान के भरतपुर के रहने वाले जुनैद और नासिर के हरियाणा के भिवानी में संदिग्ध हालात में शव मिले थे. एक महीने बीतने के बाद भी उनकी मौत को लेकर कोई बड़ा खुलासा नहीं हो सका है. वहीं इस मामले में AIMIM चीफ असदुद्दीन ओवैसी ने गुरुवार को राजस्थान और हरियाणा सरकार को घेर लिया. उन्होंने ट्वीट किया- एक महीना हो चुका है लेकिन जुनैद-नासिर के हत्यारे अभी तक गिरफ्तार नहीं हुए. उन्होंने अपने ट्वीट में राजस्थान के सीएम अशोक गहलोत और हरियाणा के सीएम मनोहर लाल खट्टर को टैग करते हुए लिखा- आखिर उनके परिवार वाले कब तक इंसाफ का इंतिजार करें? वारिस, जुनैद और नासिर इंसान थे. इंसानियत के नाते पूछ रहे हैं, क्या आतंकवादियों को जेल भेजेंगे या उनकी गुल-पोशी करेंगे?
जुनैद और नासिर मरे नहीं, शहीद हुए
फरवरी में भी असदुद्दीन ओवैसी ने जुनैद और नासिर की मौत के मामले में राजस्थान सरकार पर हमला बोला था. ओवैसी ने कहा था कि दोनों की हत्या कर दी गई. राजस्थान की जमीं से उन्हें हरियाणा ले गए, लेकिन राजस्थान पुलिस ने क्या किया? ओवैसी ने सवाल उठाते हुए कहा था कि मैं पूछता हूं कि राजस्थान की सरकार ने क्या किया? इतना ही नहीं ओवैसी ने कहा था कि हिंदुत्व शरपसंदों ने उनकी हत्या कर दी थी. यह जुनैद और नासिर का नहीं, बल्कि इंसानियत का कत्ल है. उन्होंने कहा था कि जुनैद और नासिर मरे नहीं हैं, बल्कि शहीद हुए हैं.
'हरियाणा सरकार की गाड़ी से हुए किडनैप'
असदुद्दीन ओवैसी ने पिछले महीने भिवानी कांड को लेकर हरियाणा सरकार पर हमला बोला था. उन्होंने ट्वीट कर दावा था किया कि जुनैद-नासिर को अगवा करने में जिस गाड़ी का इस्तेमाल हुआ था, वह गाड़ी हरियाणा सरकार के नाम पर रजिस्टर है. कई दूसरे गौ-अपराध में भी इस गाड़ी का इस्तेमाल हुआ है. ना सिर्फ सरकार की सहमति से बल्कि उसकी सरपरस्ती में मुसलमानों को हिंसा का निशाना बनाया जा रहा है.
आरोपियों पर 5-5 हजार का घोषित है इनाम
राजस्थान के भरतपुर पुलिस नासिर और जुनैद मौत मामले में फरार आठ आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पांच-पांच हजार रुपये का इनाम घोषित कर चुकी है. इस मामले में थाना गोपालगढ़ में मुकदमा दर्ज किया गया था. इसके बाद 17 फरवरी को एक आरोपी रिंकू सैनी को गिरफ्तार किया गया था.
जांच के दौरान आठ आरोपियों की पहचान की गई. इसमें जिला नूह मेवात के थाना नगीना के रहने वाले आरोपी अनिल प्रजापत, जिला भिवानी के रहने वाले मोनू राणा उर्फ नरेंद्र, गोगी उर्फ मोनू, थाना सदर कैथल के रहने वाले कालू उर्फ कृष्ण शामिल हैं. इसके अलावा जींद के थाना सिविल लाइंस के रहने वाले विकास, जिला करनाल के थाना घरौंदा के रहने वाले किशोर सेन, जिला करनाल के थाना मूनक के रहने वाले शशिकांत और जिला नूह मेवात के थाना नगीना के रहने वाले श्रीकांत फरार हो गए. इनकी गिरफ्तारी के लिए पांच-पांच हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया है.
16 फरवरी को बोलेरो कार में मिले थे कंकाल
भरतपुर से करीब 200 किलोमीटर दूर भिवानी के लोहारू में 16 फरवरी जली हुई एक बोलेरो कार में दो कंकाल मिले थे. बाद में मृतकों की पहचान नासिर (25) और जुनैद (35) के रूप में हुई थी. मृतकों के परिजनों ने एक दिन पहले 15 फरवरी को दोनों को अगवा किया जाने की शिकायत दर्ज कराई थी. मृतकों के परिजनों ने आरोप लगाया है कि बजरंग दल के कार्यतकर्ताओं ने दोनों का भरतपुर से अपहरण किया गया था और जिंदा जलाकर उनकी हत्या कर दी.
मृतकों के चचेरे भाई खालिद ने गोपालगढ़ थाने में शिकायत दी थी कि उसके दो चचेरे भाई जुनैद और नासिर हरियाणा के फिरोजपुर में किसी काम से निकले थे. अनजान व्यक्ति ने उसे बताया कि एक बोलेरो कार में कुछ लोग मारपीट करते हुए दो लोगों को जंगल की ओर ले गए हैं.
जब वे परिजनों के साथ गोपालगढ़ के पीरुका के जंगल में पहुंचे, तो उन्हें वहां कार के टूटे शीशे के टुकड़े मिले. स्थानीय लोगों ने बताया था कि बोलेरो कार में सवार दो लोगों के साथ हरियाणा के रहने वाले अनिल, श्रीकांत, रिंकू सैनी, लोकेश सिंगला, मोनू मारपीट कर रहे थे.