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NIA की विशेष अदालत ने जासूसी मामले में दूसरे आरोपी को ठहराया दोषी

NIA की लखनऊ स्पेशल कोर्ट ने पाकिस्तान समर्थित भारतीय डिफेंस जासूसी मामले में दूसरे मुख्य आरोपी को सजा सुनाई है. गुजरात के पश्चिम कच्छ जिले के रजकभाई कुंभार इस मामले में दोषी ठहराए जाने वाले दूसरे आरोपी हैं. एनआईए ने बताया कि उन्हें आईपीसी और UAPA की कई धाराओं के तहत सख्त कारावास की सजा सुनाई गई है, जिसमें अधिकतम 6 साल की सजा के साथ जुर्माना भी लगाया गया है.

NIA कोर्ट ने पाकिस्तानी जासूस राजकभाई कुंभार को दोषी करार दिया है NIA कोर्ट ने पाकिस्तानी जासूस राजकभाई कुंभार को दोषी करार दिया है
aajtak.in
  • लखनऊ,
  • 23 अक्टूबर 2024,
  • अपडेटेड 11:24 PM IST

नेशनल इंवेस्टिगेशन एजेंसी की लखनऊ स्पेशल कोर्ट ने पाकिस्तान समर्थित भारतीय डिफेंस जासूसी मामले में दूसरे मुख्य आरोपी को सजा सुनाई है. गुजरात के पश्चिम कच्छ जिले के रजकभाई कुंभार इस मामले में दोषी ठहराए जाने वाले दूसरे आरोपी हैं.

एनआईए ने बताया कि उन्हें आईपीसी और UAPA की कई धाराओं के तहत सख्त कारावास की सजा सुनाई गई है, जिसमें अधिकतम 6 साल की सजा के साथ जुर्माना भी लगाया गया है.

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अदालत ने कहा कि  सभी सजाएं एक साथ चलेंगी और जुर्माने का भुगतान न करने की स्थिति में प्रत्येक आरोप के लिए एक महीने की सजा बढ़ी दी जाएगी.

NIA ने राशिद को सुनाई थी सजा

वहीं, इससे पहले एनआईए की विशेष अदालत ने यूपी के चंदौली निवासी मोहम्मद राशिद को इस मामले में सजा सुनाई थी. यह मामला मूल रूप से लखनऊ के गोमतीनगर स्थित एटीएस ने दर्ज किया था. इसमें आरोप लगाया गया था कि राशिद पाकिस्तान के डिफेंस और आईएसआई एजेंटों के संपर्क में था. 

एटीएस ने राशिद पर पाकिस्तान के एजेंटों को भारत के संवेदनशील, सामरिक और रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण स्थानों के साथ-साथ भारतीय सेना की एक्टिविटियों की तस्वीरें मुहैया कराने का आरोप लगाया था. 

एनआईए ने अप्रैल 2020 में मामले को अपने हाथ में लिया था और जुलाई 2020 में राशिद के खिलाफ आरोप-पत्र दाखिल किया था. उसके बाद फरवरी 2021 में रजकभाई कुंभार के खिलाफ एक पूरक आरोप-पत्र दाखिल किया. एजेंसी को जांच से पता चला कि रजकभाई ने राशिद और पाकिस्तान स्थित आईएसआई एजेंटों के साथ आतंकवादी एक्टिविटी को अंजाम देने के साथ-साथ उन्हें अंजाम देने की तैयारी के लिए साजिश रची थी. चार्जशीट में कहा गया है कि रजकभाई ने राशिद को संवेदनशील तस्वीरों के बदले में पैसे मुहैया कराकर मदद की थी, जिन्हें राशिद ने आईएसआई एजेंटों को भेजा था.

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एनआईए ने अपनी जांच में पुष्टि की थी कि दोनों ने पाकिस्तान स्थित गुर्गों द्वारा किए गए नापाक भारत विरोधी मंसूबों को छिपाने की भी साजिश रची थी.

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