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नीतीश कटारा हत्याकांड: दोषी विकास यादव की अंतरिम जमानत पर सुप्रीम कोर्ट ने यूपी सरकार से मांगा जवाब

2002 में नीतीश कटारा की हत्या कर दी गई थी. निचली अदालत और हाईकोर्ट ने विकास यादव को उम्रकैद की सजा सुनाई थी. बाद में सुप्रीम कोर्ट ने सजा बढ़ाकर 25 साल कर दी थी.

सुप्रीम कोर्ट ने यूपी सरकार से जवाब मांगा है सुप्रीम कोर्ट ने यूपी सरकार से जवाब मांगा है
संजय शर्मा
  • नई दिल्ली,
  • 02 अप्रैल 2025,
  • अपडेटेड 4:14 PM IST

सुप्रीम कोर्ट ने चर्चित नीतीश कटारा हत्याकांड के दोषी विकास यादव की अंतरिम जमानत याचिका पर उत्तर प्रदेश सरकार और पीड़ित की मां नीलम कटारा से जवाब दाखिल करने को कहा है. विकास यादव ने अपनी मां की गंभीर बीमारी का हवाला देते हुए जमानत की मांग की है. इस मामले में अगली सुनवाई 15 अप्रैल को होगी.

सुप्रीम कोर्ट ने अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) द्वारा गठित मेडिकल बोर्ड को निर्देश दिया है कि वह विकास यादव की मां की स्वास्थ्य स्थिति पर एक रिपोर्ट पेश करे. यह रिपोर्ट अगली सुनवाई से पहले दाखिल करनी होगी.

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23 साल जेल में बिता चुका विकास यादव

याचिका में विकास यादव की ओर से दलील दी गई कि वह 25 साल की सजा में से 23 साल जेल में बिता चुका है. हालांकि, पीड़ित पक्ष की ओर से नीलम कटारा ने उनकी अंतरिम जमानत का विरोध किया है.

2002 में नीतीश कटारा की हत्या कर दी गई थी. निचली अदालत और हाईकोर्ट ने विकास यादव को उम्रकैद की सजा सुनाई थी. बाद में सुप्रीम कोर्ट ने सजा बढ़ाकर 25 साल कर दी थी.

17 फरवरी साल 2002 के दिन की दिल्ली में नीतीश कटारा की हत्या हुई. नीतीश का बाहुबली नेता डीपी यादव की बेटी भारती यादव के साथ प्रेम संबंध था. भारती के भाई विकास यादव ने अपने चचेरे भाई विशाल यादव और सुखदेव पहलवान के साथ मिलकर नीतीश की हत्या की थी. उस समय DP यादव की बेटी भारती यादव गाजियाबाद के एक मैनेजमेंज इंस्टीट्यूट में पढ़ाई कर रही थीं. इसी इंस्टीट्यूट में पढ़ाई करते हुए भारती की मुलाकात नितीश कटारा से हुई. फिर दोनों को एक दूसरे से प्यार हो गया था और वो शादी करना चाहते थे.

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