Advertisement

लद्दाख में जारी रहेगी सैन्य तैनाती, शून्य से 20 डिग्री नीचे पहुंचा तापमान

छह नवंबर को ही चुसूल में भारत और चीन के बीच सैन्य कमांडरों की बैठक हुई, लेकिन इसका कोई नतीजा निकलता नहीं दिख रहा है. लद्दाख में कई पहाड़ियों पर तापमान शून्य से 20 डिग्री नीचे पहुंच चुका है. लेकिन यहां पिछले 6 महीने से सेना की तैनाती जारी है.

मनाली से लद्दाख की ओर जाता सेना का काफिला (फाइल फोटो- पीटीआई) मनाली से लद्दाख की ओर जाता सेना का काफिला (फाइल फोटो- पीटीआई)
अभिषेक भल्ला
  • नई दिल्ली,
  • 08 नवंबर 2020,
  • अपडेटेड 6:43 PM IST
  • लद्दाख से सेना की वापसी के आसार कम
  • चुनिंदा स्थानों से ही सेना की वापस चाहता है चीन
  • भारत दोनों देशों की सेनाओं की पूर्ण वापसी के पक्ष में

भारत और चीन के बीच आठवें दौर की सैन्य कमांडरों की वार्ता के बाद भी तनाव कम नहीं हुआ है. लद्दाख में सर्दी का सितम बढ़ रहा है, लेकिन सेना चौकस और मुस्तैद है और किसी भी हरकत का सटीक जवाब देने के लिए तैयार है. 

मौजूदा हालात को देखते हुए उम्मीद की जा रही है कि आने वाले महीनों में कड़ाके की सर्दियों के बावजूद लद्दाख में सेना की भारी तैनाती जारी रहेगी. 6 नवंबर को ही चुसूल में भारत और चीन के बीच सैन्य कमांडरों की बैठक हुई, लेकिन इसका कोई नतीजा निकलता नहीं दिख रहा है.

Advertisement

लद्दाख में कई पहाड़ियों पर तापमान शून्य से 20 डिग्री नीचे पहुंच चुका है. लेकिन यहां पिछले 6 महीने से सेना की तैनाती जारी है. 

दोनों देशों के बीच सैन्य कमांडरों की वार्ता के बाद जारी बयान में कहा गया कि दोनों पक्षों के बीच सकारात्मक माहौल में बातचीत हुई. इस दौरान LAC से सेनाओं की वापसी पर भी चर्चा हुई. 

बैठक के बाद जारी बयान में कहा गया कि दोनों देश अहम फैसलों को लागू करने पर एकमत हुए, दोनों देशों ने अपनी सेनाओं से कहा है कि वे अधिकत्तम धैर्य का परिचय दें ताकि किसी तरह की गलतफहमी और गलत आकलन की स्थिति पैदा न हो.  

देखें: आजतक LIVE TV

हालांकि बयान में सेनाओं को हटाने पर स्पष्ट रूप से कोई वर्णन नहीं दिखा. हालांकि दोनों देशों ने बातचीत के चैनल खुले रखने और किसी भी हालत में माहौल को न बिगाड़ने पर सहमति जताई है.  

Advertisement

मीटिंग के दौरान भारत ने अपना रुख स्पष्ट करते हुए कहा है कि भारत चाहता है कि सेनाओं को LAC से पूर्ण रूप से हटाया जाए. जबकि सूत्रों के मुताबिक चीन का विचार है कि कुछ चुनिंदा जगहों पर ही सेना को हटाया जाए.  

दोनों देशों के बीच बात यहीं आकर फंस रही है और सेनाओं की पूर्ण वापसी पर एकमत बनता नहीं दिख रहा है. एक भारतीय सैन्य अधिकारी ने कहा, "हम लोग पूर्ण रूप से डि-एस्क्लेशन चाहते हैं, कुछ इलाकों से सेना में कटौती और हथियारों में कटौती सही विकल्प नहीं है और हमने इसका प्रस्ताव नहीं दिया है.  

बता दें चीन के साथ सैन्य कमांडरों की वार्ता के रोज ही चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ बिपिन रावत ने कहा था कि चीन को LAC शिफ्ट करने की इजाजत किसी भी हालत में नहीं दी जाएगी. उन्होंने कहा था कि हालांकि दोनों देशों के बीच युद्ध की संभावना तो कम है, लेकिन बड़े टकराव की आशंका को खारिज नहीं किया जा सकता है. 

 

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement