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ओडिशा CM माझी ने गृह-वित्त समेत अपने पास रखे कई अहम विभाग, दोनों डिप्टी CM को मिले ये मंत्रालय

उपमुख्यमंत्री केवी सिंह देव को छोड़कर नई मंत्रिपरिषद में किसी भी सदस्य के पास मंत्री पद का अनुभव नहीं है. इसी तरह 16 सदस्यीय टीम में से 9 मंत्री पहली बार विधायक बने हैं. सीएम ने अपनी टीम में 21 मंत्रियों की स्वीकार्य सीमा के मुकाबले केवल 15 मंत्रियों को शामिल किया है. कुछ मंत्रियों को एक से अधिक विभागों की जिम्मेदारी सौंपी गई है.

ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी. (ANI Photo) ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी. (ANI Photo)
aajtak.in
  • भुवनेश्वर,
  • 16 जून 2024,
  • अपडेटेड 10:06 AM IST

ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने शनिवार को अपने मंत्रिपरिषद को विभागों का आवंटन किया. सीएम ने गृह, वित्त और कई अन्य प्रमुख विभाग अपने पास रखे हैं. अन्य विभाग जो मुख्यमंत्री के पास हैं वे हैं सामान्य प्रशासन और सार्वजनिक शिकायत, सूचना और जनसंपर्क, जल संसाधन, प्लानिंग और कन्वर्जेंस. उपमुख्यमंत्री केवी सिंह देव को कृषि और किसान सशक्तिकरण और ऊर्जा विभाग का प्रभार दिया गया है. 

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दूसरी उपमुख्यमंत्री प्रावति परिदा को महिला एवं बाल विकास, मिशन शक्ति और पर्यटन विभाग सौंपा गया है. वह पहली बार विधायक बनी हैं और ओडिशा की 16 सदस्यीय मंत्रिपरिषद में अकेली महिला सदस्य हैं. अनुभवी भाजपा नेता सुरेश पुजारी को राजस्व और आपदा प्रबंधन विभाग आवंटित किया गया है, जबकि किसान नेता और चार बार के विधायक रबी नारायण नाइक को ग्रामीण विकास, पंचायती राज और पेयजल विभाग दिया गया है. 

नित्यानंद गोंड को स्कूल और जन शिक्षा विभाग मिला

नित्यानंद गोंड को स्कूल और जन शिक्षा, एसटी और एससी विकास, अल्पसंख्यक और पिछड़ा वर्ग कल्याण, सामाजिक सुरक्षा और विकलांग व्यक्तियों का सशक्तिकरण विभाग मिला है. वह दो बार के विधायक हैं और राज्य में भाजपा के बड़े आदिवासी नेता हैं. वरिष्ठ नेता पृथ्वीराज हरिचंदन को तीन महत्वपूर्ण विभागों- कानून, सार्वजनिक कार्य और उत्पाद शुल्क की जिम्मेदारी मिली है. वह पहली बार राज्य विधानसभा के लिए चुने गए हैं. 

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मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने महत्वपूर्ण संसदीय कार्य विभाग मुकेश महालिंग को आवंटित किया है. वह पीएचडी डिग्री धारक हैं और ओडिशा की पिछली विधानसभा में भाजपा की एक मुखर आवाज थे. महालिंग को स्वास्थ्य और परिवार कल्याण और इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी जैसे विभाग भी मिले हैं. स्टील एंड माइंस डिपार्टमेंट, जो ओडिशा के सरकारी खजाने में महत्वपूर्ण योगदान देता है, पहली बार विधायक विभूति भूषण जेना के पास गया है. वह वाणिज्य और परिवहन विभाग भी संभालेंगे. 

राज्य मंत्रियों (स्वतंत्र प्रभार) को मिले महत्वपूर्ण विभाग

आयुर्वेदिक चिकित्सा और सर्जरी में स्नातक की डिग्री रखने वाले कृष्ण चंद्र महापात्र सार्वजनिक उद्यमों के साथ आवास और शहरी विकास विभाग संभालेंगे. स्वतंत्र प्रभार के साथ राज्य मंत्री पद की शपथ लेने वाले पांच मंत्रियों को भी महत्वपूर्ण विभाग मिले हैं. गणेश राम सिंगखुंटिया वन और पर्यावरण विभाग के साथ-साथ श्रम और कर्मचारी राज्य बीमा के प्रमुख होंगे- यह ओडिशा जैसे राज्य के लिए एक महत्वपूर्ण विभाग, क्योंकि राज्य बड़े पैमाने पर माइग्रेशन के मुद्दों का सामना करता है. 

मंत्रिपरिषद में सबसे कम उम्र के मंत्री सूर्यबंशी सूरज को उड़िया भाषा, साहित्य और संस्कृति के साथ उच्च शिक्षा, खेल और युवा मामले जैसे विभाग दिए गए हैं. प्रदीप बालसामंत को हथकरघा, कपड़ा एवं हस्तशिल्प के साथ-साथ सहकारिता विभाग मिला है. गोकुलानंद मल्लिक को सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों के साथ मत्स्य पालन और पशु संसाधन विभाग की जिम्मेदारी मिली है, जबकि संपद स्वैन को उद्योग और कौशल विकास, तकनीकी शिक्षा विभाग आवंटित हुआ है.

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16 सदस्यीय टीम में से 9 मंत्री पहली बार विधायक बने

उपमुख्यमंत्री केवी सिंह देव को छोड़कर नई मंत्रिपरिषद में किसी भी सदस्य के पास मंत्री पद का अनुभव नहीं है. इसी तरह 16 सदस्यीय टीम में से 9 मंत्री पहली बार विधायक बने हैं. सीएम ने अपनी टीम में 21 मंत्रियों की स्वीकार्य सीमा के मुकाबले केवल 15 मंत्रियों को शामिल किया है. कुछ मंत्रियों को एक से अधिक विभागों की जिम्मेदारी सौंपी गई है. आधिकारिक सूत्रों ने कहा कि मुख्यमंत्री माझी कुछ समय बाद अपने मंत्रिमंडल का विस्तार करेंगे और मंत्रियों के बोझ को कम करते हुए, नए लोगों को अतिरिक्त विभागों का आवंटन करेंगे.

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