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ओडिशा ट्रेन हादसा: पश्चिम बंगाल के युवक की बॉडी बिहार भेजी, पिता बोला- कोई और दावा करके ले गया

ओडिशा रेल हादसे ने कई परिवार तबाह कर दिए हैं. लोग अपनों की तलाश में भटक रहे हैं. आलम ये है कि एक व्यक्ति पश्चिम बंगाल से अपने बेटे का शव लेने ओडिशा पहुंचा, लेकिन उसे यहां आकर पता चला कि बेटे की बॉडी तो कोई और दावा करके ले गया है.

बंगाल के शिवनाथ अपने बेटे की तस्वीर दिखाते हुए बंगाल के शिवनाथ अपने बेटे की तस्वीर दिखाते हुए
अजय कुमार नाथ
  • भुवनेश्वर,
  • 08 जून 2023,
  • अपडेटेड 6:36 AM IST

ओडिशा के बालासोर में अब भले ही जीवन पटरी पर लौट रहा हो, लेकिन पिछले दिनों इस शहर ने भीषण रेल हादसे का दंश झेला है. इस हादसे में कई लोगों के परिवार उजड़ गए हैं. कई लोग बेसहारा हो गए है. ट्रेन हादसे में मारे गए अपने बेटे का शव लेने ओडिशा पहुंचे पश्चिम बंगाल के एक व्यक्ति ने दावा किया कि उसके बेटे की बॉडी गुम हो गई है. क्योंकि उस पर किसी दूसरे व्यक्ति ने दावा किया तो अधिकारियों ने उनके बेटे के शव को बिहार भेज दिया.

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शिवनाथ के बेटे विपुल रॉय की ओडिशा में भीषण दुर्घटना में मौत हो गई, जिसमें 288 लोग मारे गए और 1,000 से अधिक घायल हो गए. रॉय के पिता ने बताया कि उनका बेटा पश्चिम बंगाल अपने घर वापस जा रहा था, लेकिन इस भीषण हादसे में उसकी मौत हो गई. 

शिवनाथ ने कहा कि उसने अपनी मां से कहा था कि मम्मी, मैं थोड़ी देर बाद हावड़ा पहुंच जाऊंगा', लेकिन अब वह कभी नहीं लौटेगा. उन्होंने बताया कि वह अपने बेटे को टीवी पर देखने के बाद उसका शव लेने भुवनेश्वर गए थे.

उन्होंने कहा कि वह अपने बेटे का शव लेने के लिए भुवनेश्वर के कलिंग इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज गए थे, लेकिन वहां हेल्प डेस्क ने उन्हें बताया कि किसी अन्य व्यक्ति द्वारा पहचान किए जाने के बाद शव को बिहार भेज दिया गया है. शिवनाथ शहर स्थित एम्स भी गए, लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ.

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शिवनाथ ने कहा कि उन्होंने DNA टेस्ट कराया और अधिकारियों ने उन्हें बताया कि उन्हें सात दिनों के भीतर एक रिपोर्ट दी जाएगी. शिवनाथ ने कहा मैंने टीवी पर अपने बेटे की तस्वीर देखी और तुरंत शव लेने आया. मुझे नहीं पता था कि वह यहां गुम हो जाएगा.

कब और कैसे हुआ था ओडिशा रेल हादसा?

ट्रेन नंबर 12481 कोरोमंडल एक्सप्रेस बहानगा बाजार स्टेशन के (शालीमार-मद्रास) मेन लाइन से गुजर रही थी, उसी वक्त डिरेल होकर वो अप लूप लाइन पर खड़ी मालगाड़ी से टकरा गई. ट्रेन पूरी रफ्तार (फुल स्पीड) में थी, इसका परिणाम यह हुआ कि 21 कोच पटरी से उतर गए और 3 कोच डाउन लाइन पर चले गए.दरअसल, बहानगा बाजार स्टेशन पर इन ट्रेन का स्टॉपेज नहीं है.

ऐसे में दोनों ही ट्रेनों की रफ्तार तेज थी. बहानगा बाजार स्टेशन से गुजर रही कोरोमंडल एक्सप्रेस अचानक पटरी से उतरी तो ट्रेन के कुछ डिब्बे मालगाड़ी से जा भिड़े. इसी दौरान हादसे के समय डाउन लाइन से गुजर रही यशवंतपुर-हावड़ा एक्सप्रेस के पीछे के दो डिब्बे भी पटरी से उतरी कोरोमंडल एक्सप्रेस की चपेट में आ गए. हादसा भुवनेश्वर रेलवे स्टेशन से करीब 171 किलोमीटर और खड़गपुर रेलवे स्टेशन से करीब 166 किलोमीटर दूर स्थित बालासोर जिले के बहानगा बाजार स्टेशन पर हुआ.

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