
जम्मू-कश्मीर में बुधवार को नई सरकार का गठन हो जाएगा. नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता उमर अब्दुल्ला 16 अक्टूबर को मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे. जम्मू-कश्मीर के विधानसभा चुनाव में नेशनल कॉन्फ्रेंस और कांग्रेस गठबंधन ने 48 सीटें जीती थीं.
उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने उमर अब्दुल्ला को सरकार बनाने का न्योता दिया है. उपराज्यपाल की तरफ से मिले आमंत्रण पत्र को उमर अब्दुल्ला ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर शेयर किया है. शपथ ग्रहण समारोह 16 अक्टूबर को सुबह 11.30 बजे से शुरू होगा.
पिछले हफ्ते हुई गठबंधन की बैठक में उमर अब्दुल्ला को विधायक दल का नेता चुना गया था. 42 सीटें जीतकर सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी नेशनल कॉन्फ्रेंस को कांग्रेस (6) और सीपीएम (1) के अलावा आम आदमी पार्टी के विधायक मेहराज मलिक और पांच निर्दलीय- प्यारेलाल शर्मा, सतीश शर्मा, चौधरी मोहम्मद अकरम, डॉ. रामेश्वर सिंह और मुजफ्फर इकबाल खान ने भी समर्थन दिया है. इस तरह से 90 सीटों वाली विधानसभा में नेशनल कॉन्फ्रेंस की सरकार के पास 55 विधायकों का समर्थन होगा.
इससे पहले जम्मू-कश्मीर में छह साल से लागू राष्ट्रपति शासन को रविवार को हटा दिया गया था. इसके बाद ही जम्मू-कश्मीर में सरकार गठन का रास्ता साफ हुआ.
विधानसभा चुनाव में क्या रहे नतीजे?
जम्मू-कश्मीर की 90 सीटों पर तीन चरणों में वोटिंग हुई थी और 8 अक्टूबर को नतीजे आए थे. चुनाव आयोग के मुताबिक, उमर अब्दुल्ला की नेशनल कॉन्फ्रेंस ने 42, कांग्रेस ने 6 और सीपीएम ने 1 सीट जीती थी.
वहीं, बीजेपी 29 सीटें जीत ली हैं. महबूबा मुफ्ती की पीडीपी तीन सीटों सिमट गई है. निर्दलीय और छोटी पार्टियों ने 9 सीटों पर कब्जा कर लिया है. आम आदमी पार्टी ने भी पहली बार यहां खाता खोला है. पार्टी के मेहराज मलिक डोडा सीट से साढ़े चार हजार वोटों के अंतर से चुनाव जीता है.
नतीजों के मुतबाकि, बीजेपी को जम्मू में ही जीत मिली है. जम्मू रीजन की 43 सीटों में से बीजेपी ने 29 जीत ली है. जबकि, कश्मीर घाटी में बीजेपी एक भी सीट नहीं जीत सकी.
2014 में क्या रहे थे नतीजे?
जम्मू-कश्मीर में आखिरी बार 2014 में विधानसभा चुनाव हुए थे. यहां की 87 सीटों में से पीडीपी ने 28, बीजेपी ने 25, नेशनल कॉन्फ्रेंस ने 15 और कांग्रेस ने 12 सीटें जीती थीं. बीजेपी और पीडीपी ने मिलकर सरकार बनाई और मुफ्ती मोहम्मद सईद मुख्यमंत्री बने.
जनवरी 2016 में मुफ्ती मोहम्मद सईद का निधन हो गया. करीब चार महीने तक राज्यपाल शासन लागू रहा. बाद में उनकी बेटी महबूबा मुफ्ती मुख्यमंत्री बनीं. लेकिन ये गठबंधन ज्यादा नहीं चला. 19 जून 2018 को बीजेपी ने पीडीपी से गठबंधन तोड़ लिया. राज्य में राज्यपाल शासन लागू हो गया. अगस्त 2019 से वहां राष्ट्रपति शासन लागू था.