
जम्मू कश्मीर में बस यात्रियों पर हमले की घटना के बाद केंद्र सरकार अलर्ट हो गई है और आतंकवादियों के मददगारों के खिलाफ सख्ती के मूड में आ गई है. आतंकियों के सहयोगियों पर नकेल कसने के लिए जल्द ही फुल प्रूफ प्लान को जमीन पर उतारा जाएगा. कश्मीर की तर्ज पर अब जम्मू में भी आतंकवादियों के समर्थकों की संपत्ति जब्त की जाएगी और सख्त एक्शन लिया जाएगा. अमरनाथ यात्रा के लिए 500 से ज्यादा कंपनियां तैनात होंगी. सुरक्षा और रक्षा एजेंसी की बैठक में ये बड़े फैसले लिए गए हैं.
दरअसल, जम्मू कश्मीर के वर्तमान हालात को देखते हुए केंद्रीय गृह मंत्रालय में सुरक्षा और खुफिया एजेंसियों के बड़े अधिकारियों के बीच बैठक हुई. इस बैठक के दौरान जम्मू के वर्तमान हालात पर चर्चा हुई और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की वहां 21 जून को संभावित यात्रा और अमरनाथ यात्रा के मद्देनजर सिक्योरिटी रिव्यू किया गया. इस बैठक में स्पष्ट तौर पर बताया गया कि पिछले दिनों जम्मू से जुड़े अंतर्राष्ट्रीय बॉर्डर (IB) के जरिए भारत में घुसपैठ लगातार बढ़ गई है. साथ ही संभावित अमरनाथ यात्रा के मद्देनजर पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी किसी बड़ी साजिश को अंजाम देना चाहती है.
गृह मंत्रालय से जुड़े सूत्रों का कहना है कि बैठक के दौरान अमरनाथ यात्रा पर होने वाले संभावित खतरे के संबंध में भी समीक्षा की गई और उसके बाद निर्देश दिए गए कि अमरनाथ यात्रा को लेकर वहां 500 से ज्यादा अर्ध सैनिक बलों की कंपनियां सुरक्षा में तैनात की जाएंगी. इनमें सीआरपीएफ, बीएसएफ, आईटीबीपी, CISF समेत सभी अर्धसैनिक सुरक्षा बल शामिल होंगे. बैठक में कहा गया कि पंजाब में मौजूद कंपनियों को अब वापस जम्मू भेज दिया जाए. इन कंपनियों को पंजाब में चुनाव के दौरान तैनात किया गया था.
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आतंकियों के समर्थकों की होगी संपत्ति जब्त
सूत्रों ने बताया कि बैठक में यह निर्णय लिया गया कि अब जम्मू में भी कश्मीर की तर्ज पर आतंकवादियों के समर्थकों और ओवर ग्राउंड वर्कर (OGW) के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी. इनमें उनकी संपत्ति जब्ती से लेकर गंभीर आपराधिक धाराओं के तहत मुकदमे भी दर्ज किए जाएंगे. ऐसे लोगों की लिस्ट बनाई जाएगी जो आतंकवादियों के समर्थक हैं और उनके परिवार तक के लोगों को सरकारी नौकरी ना दिए जाने पर विचार किया जा रहा है. इस बैठक में सुरक्षा और खुफिया एजेंसियों के अलावा सैन्य खुफिया शाखा गृह मंत्रालय की कश्मीरी डिविजन समेत अनेक महत्वपूर्ण विभागों के अधिकारी शामिल थे.
रियासी बस हमले में 9 तीर्थयात्रियों की गई जान
जम्मू के रियासी इलाके में रविवार को आतंकवादियों ने तीर्थयात्रियों से भरी बस पर हमला कर दिया था और अंधाधुंध फायरिंग की थी. घटना में ये बस खाई जा गिरी थी. 9 तीर्थयात्रियों की जान चली गई थी और 41 लोग घायल हो गए थे. आतंकियों की संख्या तीन थी. हमला करने के बाद ये आतंकी ऊपरी पहाड़ी इलाके में स्थित जंगल में जाकर छिप गए थे. हमले की जिम्मेदारी आतंकी संगठन TRP ने ली थी. जम्मू कश्मीर पुलिस का कहना था कि यह पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवादी हमला था. ये लोग विशेष रूप से जम्मू क्षेत्र में सांप्रदायिक तनाव पैदा करना चाहते हैं. आतंकवादी हमले का उद्देश्य इस साल की अमरनाथ यात्रा को प्रभावित करने की कोशिश करना है.
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आगामी यात्राओं के लिए पुख्ता होगी सुरक्षा व्यवस्था
जम्मू के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (एडीजीपी) आनंद जैन ने पिछले हफ्ते बताया था कि अमरनाथ यात्रा समेत आगामी तीर्थयात्राओं के लिए सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की गई है. बैठक में अमरनाथ यात्रा, माता खीरभवानी मेला, बूढ़ा अमरनाथ यात्रा और श्री मचैल यात्रा के लिए सभी एजेंसियों के बीच समन्वय बढ़ाने के लिए संयुक्त नियंत्रण कक्ष स्थापित करने की जरूरत पर जोर दिया था. दक्षिण कश्मीर हिमालय में 3,880 मीटर ऊंचे अमरनाथ गुफा मंदिर की वार्षिक तीर्थयात्रा 29 जून को शुरू होगी और 19 अगस्त को समाप्त होगी. खीरभवानी मेला 14 जून को शुरू हो गया है. उसके बाद 18 जुलाई को मचैल यात्रा शुरू होगी. समीक्षा के दौरान भगवती नगर में यात्री निवास और अन्य आवास केंद्रों पर तीर्थयात्रियों के लिए मजबूत सुरक्षा उपायों और पर्याप्त सुविधाओं पर चर्चा हुई.
राष्ट्रीय राजमार्ग पर तीर्थयात्रियों की सुरक्षित और परेशानी मुक्त आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए परिवहन योजनाओं की भी समीक्षा की गई. किसी भी आकस्मिक स्थिति से निपटने के लिए जम्मू प्रांत के पांच जिलों जम्मू, डोडा, किश्तवाड़, राजौरी, पुंछ और रियासी में सुरक्षा कर्मियों की तैनाती को अंतिम रूप दिया गया है. क्विक रिएक्शन टीम (क्यूआरटी) और रोड ओपनिंग पार्टी (आरओपी) को स्वागत केंद्रों, लंगरों और सहायता बूथों पर फुलप्रूफ व्यवस्था के साथ तैनात किया जाएगा.