
जम्मू-कश्मीर को लेकर पाकिस्तान कोई न कोई हथकंडा अपनाता रहता है. इस बार उसने कश्मीर में मारे गए आतंकी बुरहान वानी की 6वीं बरसी मनाकर प्रोपेगेंडा फैलाने की कोशिश की है. पाकिस्तान की ओर से आतंकवादी बुरहानी वानी को युवा नेता भी बता डाला है. हैरानी की बात ये है कि ये सब कुछ पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता की ओर से कहा गया है.
जबकि दूसरी ओर पाकिस्तान की ही सरकार ये दावा भी करती है कि कश्मीर में आतंक फैलाने में उसका कोई हाथ नहीं है. इतना ही नहीं पाकिस्तान विदेश मंत्रालय की ओर से कश्मीर के मुद्दे पर पुराना राग भी दोहराया गया है जिसमें उसका कहना है कि जम्मू-कश्मीर का मसला सुलझाने के लिए संयुक्त राष्ट्र के रिज्यूलेशन और कश्मीर के लोगों की इच्छा के हिसाब से किया जाए.
बता दें कि बुरहान वानी हिजबुल मुजाहिदीन का कमांडर था. साल 2018 में उसको सेना ने एक एन्काउंटर में मार गिराया था. बुरहान वानी एक समय आतंकवाद का पोस्टर ब्वॉय बन गया था. उसका काम न सिर्फ आतंकी घटनाओं को अंजाम देना था बल्कि वो युवाओं को भी हिजबुल मुजाहिदीन में शामिल होने के लिए उकसाता था. वो जम्मू-कश्मीर में मोस्ट वांटेड बन गया था और उसने कई युवाओं को भड़कार अपने आतंकी गिरोह में शामिल कर लिया था.
बुरहान वानी के मारे जाने के बाद घाटी में हिंसक वारदातें शुरू हो गई थीं जिसमें कई लोग मारे गए थे. उस समय भी पाकिस्तान ने इस पर प्रोपेगेंडा फैलाया था. संयुक्त राष्ट्र में तत्कालीन प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने बुरहान वानी को युवा नेता कहा था.