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पानामा में निर्वासितों ने लगाई मदद की गुहार, भारतीय दूतावास ने कहा- सुरक्षित हैं इंडियन्स

पनामा स्थित भारतीय दूतावास ने सरकार को बताया कि भारतीयों का एक समूह अमेरिका से पनामा पहुंच गया है. ये लोग सुरक्षित हैं और सभी जरूरी सुविधाओं के साथ एक होटल में ठहरे हुए हैं.

पनामा के होटल में US से निर्वासित लोग (तस्वीर: रॉयटर्स) पनामा के होटल में US से निर्वासित लोग (तस्वीर: रॉयटर्स)
शिवानी शर्मा
  • नई दिल्ली,
  • 20 फरवरी 2025,
  • अपडेटेड 8:10 PM IST

डोनाल्ड ट्रंप सरकार द्वारा अवैध प्रवासियों पर कार्रवाई के तहत अमेरिका से भारतीयों सहित करीब 300 प्रवासियों को निकाला गया है. इन निर्वासितों को पनामा के एक होटल में रखा गया है, जहां से वो पेपर पर लिखे संदेशों के जरिए मदद की गुहार लगाए. सोशल मीडिया पर कई तस्वीरें वायरल हैं जिसमें निर्वासित पनामा सिटी के डेकापोलिस होटल की खिड़कियों पर 'Please Help Us (कृपया हमारी मदद करें)' और 'हम अपने देश में सुरक्षित नहीं हैं (We are not safe in our country)' लिखे संदेश लेकर खड़ें हैं.

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भारत सरकार ने गुरुवार को कहा कि पनामा में निर्वासित भारतीय सुरक्षित और संरक्षित हैं. नई दिल्ली, अमेरिका से अवैध प्रवासियों के चल रहे निर्वसन और पनामा की स्थिति पर बारीकी से नजर रख रही है.

'जरूरी सुविधाओं के साथ...'

पनामा स्थित भारतीय दूतावास ने सरकार को बताया कि भारतीयों का एक समूह अमेरिका से पनामा पहुंच गया है. ये लोग सुरक्षित हैं और सभी जरूरी सुविधाओं के साथ एक होटल में ठहरे हुए हैं.

भारतीय दूतावास के हैंडल India in Panama, Nicaragua and Costa Rica से गिए पोस्ट में कहा गया, "पनामा के अधिकारियों ने हमें बताया है कि भारतीयों का एक समूह अमेरिका से पनामा पहुंच गया है, वे सभी जरूरी सुविधाओं वाले एक होटल में सुरक्षित हैं. दूतावास की टीम ने कांसुलर एक्सेस प्राप्त कर लिया है. हम उनकी भलाई सुनिश्चित करने के लिए मेजबान सरकार के साथ मिलकर काम कर रहे हैं."

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भारत के अलावा किन देशों के लोग पनामा में फंसे हैं?

AP की एक रिपोर्ट के मुताबिक, 300 निर्वासितों में सबसे ज्यादा भारत, नेपाल, श्रीलंका, पाकिस्तान, अफगानिस्तान, चीन, वियतनाम और ईरान के हैं. ट्रंप प्रशासन इनमें से कई देशों के प्रवासियों को उनके देश भेजने में दिक्कतों का सामना कर रहा है और पनामा को स्टॉप ओवर की तरह इस्तेमाल कर रहा है. यानी अमेरिका से अवैध प्रवासियों को सीधे उनके देश भेजने के बजाए पहले पनामा भेजा जा रहा है और फिर पनामा से वो अपने देश जा रहे हैं.

निर्वासित नागरिकों को होटल में रखने और उनकी तरफ से मदद की गुहार लगाए जाने को लेकर पनामा के सुरक्षा मंत्री फ्रैंक अब्रेगो ने कहा कि अवैध प्रवासियों से उनकी आजादी नहीं छीनी गई है लेकिन उनकी सुरक्षा को देखते हुए उन्हें हिरासत में रखा गया है. मीडिया से बात करते हुए अब्रेगो ने कहा कि निर्वासितों को मेडिकल सहायता और खाना दिया जा रहा है.

बता दें कि पिछले दिनों अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो पनामा पहुंचे थे. उनके इस दौरे में दोनों देश इस बात पर सहमत हुए कि पनामा अमेरिका और निर्वासितों के देश के बीच एक पुल का काम करेगा. अवैध प्रवासियों को उनके देश भेजने का सारा खर्च अमेरिका उठा रहा है.

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यह भी पढ़ें: 'Please Help!', अमेरिका से निर्वासित, पनामा में फंसे... होटल की खिड़कियों से लोग लगा रहे मदद की गुहार

अमेरिका में कितने भारतीय अवैध रूप से रह रहे?

अमेरिका के होमलैंड सिक्योरिटी विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक, साल 2022 में अमेरिका में 1.1 करोड़ लोग अवैध रूप से रह रहे थे जिनमें सबसे अधिक नागरिक मैक्सिको, ग्वाटेमाला, अल सल्वाडोर और होंडुरास के थे. वहीं, भारत की बात करें तो, अमेरिका में अवैध तरीके से रह रहे भारतीयों की संख्या में गिरावट आई है. 2018 में जहां 4.8 लाख भारतीय अवैध रूप से अमेरिका में रह रहे थे वहीं, 2022 में यह संख्या घटकर 2.2 लाख हो गई थी.

अवैध प्रवासियों पर ट्रंप की कार्रवाई शुरू होने के बाद से बीते हफ्तों में तीन विमानों में भरकर अवैध प्रवासी भारतीयों को अमेरिका से देश लाया गया है. अब तक कुल 332 भारतीय अमेरिका से निर्वासित होकर देश पहुंचे हैं. अमेरिका में लाखों की संख्या में अवैध भारतीय प्रवासी रह रहे हैं जिसे देखते हुए आने वाले समय में अमेरिका से भारतीय का निर्वासन जारी रहने वाला है. 

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