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'सस्ती लोकप्रिता के लिए दिया सनातन पर बयान...', उदयनिधि पर साध्वी प्रज्ञा का वार, लव-लैंड जिहाद पर भी की बात

साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर ने कहा कि 'यह कोई मुद्दा ही नहीं है, बल्कि सिर्फ सस्ती लोकप्रिता पाने का निम्नस्तरीय तरीका है. आज से पहले उदयनिधि स्टालिन को कितने लोग जानते थे, सिर्फ उनकी पार्टी के , राज्य के लोग, लेकिन आज पूरा देश जानता है.' 'सनातन पर विवाद हो ही नहीं सकता. धर्म पर विवाद के लिए धर्म होना चाहिए.

भोपाल सांसद साध्वी प्रज्ञा भोपाल सांसद साध्वी प्रज्ञा
aajtak.in
  • नई दिल्ली,
  • 15 सितंबर 2023,
  • अपडेटेड 6:55 PM IST

मध्य प्रदेश में जल्द ही विधानसभा चुनाव होने वाले हैं. राज्य में इसे लेकर हलचल जारी है. वहीं शुक्रवार को भोपाल में आयोजित, पंचायत आजतक के मंच पर भोपाल की बीजेपी सांसद साध्वी प्रज्ञा ठाकुर ने भी अपनी मौजूदगी दर्ज कराई. इस दौरान उन्होंने कई सवालों के बेबाक जवाब दिए और कई मामलों पर बेहद सधी हुई राय भी रखी. साध्वी प्रज्ञा ठाकुर ने सनातन मुद्दे, लैंड और लव जिहाद के साथ ही कांग्रेस, विपक्षी गठबंधन और इंडिया बनाम भारत मुद्दे पर अपनी टिप्पणी सामने रखी. इसी दौरान उन्होंने कांग्रेसी नेता दिग्विजय सिंह को 'बिन पेंदी का लोटा' भी कह दिया. 

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मंच से उन्होंने अपनी बात की शुरुआत जय श्री राम और वंदे मातरम के उद्घोष के साथ की, फिर इसके बाद एक-एक करके सवालों का सिलसिला शुरू होता गया और बातों से ही बातें निकलती रहीं. उनसे पूछा गया कि बतौर सांसद आपने पांच साल में क्या-क्या किया. इस पर ठाकुर ने कहा कि, 'मेरा हर उस कार्य में सहयोग है, जो पीएम मोदी ने देश के लिए किया. जो भोपाल को पीएम मोदी की देन है.

उसमें मेरा सहयोग है. पीएम मोदी और सीएम शिवराज सिंह चौहान के कार्यकाल में इतने कार्य हुए कि उसे गिनवाना आसान नहीं, इसलिए लिस्ट भेज दूंगी.' इसके अलावा लोग कई तरह के सहयोग-साथ के लिए मेरे पास आते हैं तो उनकी सहायता करती हूं. मैं उनका सहयोग करती हूं, कोरोना कार्यकाल में भी मैंने लोगों का बहुत सहयोग किया. उन्होंने आगे जोड़ा कि मैं किसी गलत कार्य के लिए सहयोग नहीं देती. कोई रेड लाइट तोड़ता है, ओवर स्पीडिंग करता है, लाइसेंस नहीं दिखाता है, हेलमेट नहीं पहनता है तो ऐसे में उसके बचाव के लिए फोन आता है तो उसकी मैं कोई मदद नहीं करती हूं.

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लव जिहाद पर कही ये बात
साध्वी प्रज्ञा ठाकुर ने कहा कि, 'कहीं न कहीं सांसद बनवाने में महिलाओं की मुझसे एक आशा थी कि उन्हें न्याय मिलेगा, तो मैं इसका बखूबी ध्यान रखती हूं. जितनी महिलाएं मेरे पास आती हैं, न सिर्फ भोपाल बल्कि पूरे एमपी और पूरे देश से महिलाओं की शिकायत मेरे पास आती है. मैं उनका सहयोग करती हूं. इसी बीच लव जिहाद को लेकर उठे सवाल पर कहा कि, लव जिहाद के जो मामले आते हैं, परिवार शिकायत लेकर आते हैं, कई बार खुद इसकी शिकार बनी बच्चियां भी आती हैं तो मैं उन्हें समझाती हूं और उन्हें न्याय दिलाने के लिए पहल करती हूं. 

उन्होंने कहा कि छोटी-छोटी बच्चियां हैं, उन्हें शुरू से ही दिशाहीन-दिग्भ्रमित करके फंसाया जाता है. वह भी उस उम्र में जब उनका मन-बुद्धि परिपक्व नहीं थे. उनकी सोचने-समझने की क्षमता विकसित नहीं थी, इसके बावजूद उन्हें भरमाया जाता है और वह फंस जाती हैं, यह लव जिहाद है. जो बच्ची 15 साल की थी, तब से उसे फंसा रखा था. उस छोटी उम्र में किसी बच्ची को ऐसे कुचक्र में डालना, जिस उम्र की इजाजत कानून भी नहीं देता, वह तो लव जिहाद है. इसका कारण है हम घर में संस्कार और संरक्षण नहीं दे पा रहे हैं. 

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सवाल आया कि क्या हर मामला लव जिहाद है? इस पर ठाकुर ने कहा कि हर ऐसा मामला लव जिहाद नहीं है, लेकिन जब आप किसी के साथ गलत मानसिकता के साथ हैं तो वह लव जिहाद है. प्यार की परिभाषा ये है कि दोनों में समर्पण होना चाहिए. लेकिन, दूसरे पक्ष का कोई समर्पण ही नहीं है तो वहां लव जिहाद है. 

'जब मेरे साथ हुआ सेक्सटॉर्शन...
इसी बातचीत के दौरान साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर ने अपने साथ हुए सेक्सटॉर्शन कांड की आपबीती भी सुनाई. उन्होंने कहा कि उनके पास एक वीडियो कॉल आई और गंदी क्लिप दिखाकर फिर उसके लिए पैसे मांगने लगे. मैंने तुरंत इसकी शिकायत की. इसके बाद आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया. वे राजस्थान के भरतपुर के थे. महिलाओं के साथ या अन्य लोगों के साथ ये भी क्राइम हो रहा है.  

लैंड जिहाद पर भी रखी बात
अपनी बातचीत में उन्होंने लैंड जिहाद को भी शामिल किया. उन्होंने कहा कि, भक्ति कई प्रकार की होती है, साकार, निराकार, सगुण-निर्गुण. हम मूर्ति पूजक भी हैं साकार भक्ति करते हैं और जब ध्यान लगाते हैं तो निराकार भक्ति भी करते हैं. ये लोग मूर्ति पूजक नहीं हैं, इसके बावजूद ये लोग जहां जगह मिली वहां हरा कपड़ा बिछाकर, हरा रंग पेंट करके अपना स्थान बना देते हैं. जो जिसकी पूजा करेगा, उसका स्थान वहां तो नहीं बनाएगा, जहां लोग चलते-फिरते हैं. इन्होंने किसी फुटपाथ पर, सड़क पर ही, जहां लोग चलते हैं, उस स्थान पर हरा पेंट कर दिया. ये सिर्फ जमीन हड़पने के लिए है. हरा पोत दिया, हो गया जमीन पर कब्जा. ये लैंड जिहाद है. 

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जिसने सनातन को जो कहा, उसे वो मिले
जिहाद से चलते हुए बात सनातन मामले पर पहुंची तो साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर ने कहा कि 'यह कोई मुद्दा ही नहीं है, बल्कि सिर्फ सस्ती लोकप्रिता पाने का निम्नस्तरीय तरीका है. आज से पहले उदयनिधि स्टालिन को कितने लोग जानते थे, सिर्फ उनकी पार्टी के, राज्य के लोग, लेकिन आज पूरा देश जानता है.' उन्होंने कहा कि, 'सनातन पर विवाद हो ही नहीं सकता. धर्म पर विवाद के लिए धर्म होना चाहिए. धर्म तो है ही नही, पंथ है. धर्म तो सिर्फ सनातन है. धर्म की परिभाषा है कि जो काल में बंध नहीं सकता, जो समय से परे है, वह सनातन है. हम हर किसी के लिए सहिष्णुता रखते हैं. 

एक धर्म को निम्न स्तर (जिसके पास विवेक, बुद्धि, संस्कृति, संस्कार नहीं) के लोग ही ऐसा कह रहे हैं. उन्होंने कहा कि, जिसने सनातन धर्म को एड्स कहा, वह एड्स का सुख पाए, जिसने कुष्ठ कहा, वह कुष्ठ का सुख पाए. जिसने डेंगू कहा, वह डेंगू का सुख पाए. जिसकी जैसी भावना हो उसे वैसा मिले. वे लोग भी सनातनी हैं. उन्हें पता ही नहीं है. 

कांग्रेस ने आजादी के बाद जिस तरह की भावना बना रखी है, फूट डालो राज करो उसी ढर्रे पर चल रहे हैं सभी.  अगर हिंदू भारत में शिवजी की पूजा नहीं करेगा तो क्या मक्का मदीना में करेगा. राम-कृष्ण की पूजा करेंगे, यहीं करेंगे. हम उनका स्थान भव्य बनाएंगे. इस पर उनसे पूछा गया कि क्या आपका इशारा मथुरा-काशी है. इस पर उन्होंने कहा कि अपने स्थान के बारे में तो हम बात करेंगे ही . 

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