
संसद का बजट सत्र अब समाप्त हो चुका है. बजट सत्र के अंतिम दिन आज लोकसभा और राज्यसभा, दोनों ही सदन नहीं चल सके. लोकसभा में प्रश्नकाल के दौरान हंगामे के बाद स्पीकर ओम बिरला ने सदन की कार्यवाही पहले दोपहर 12 बजे तक, फिर अनिश्चितकाल के लिए स्थगित करने की घोषणा कर दी. वहीं, राज्यसभा भी पहले एक बजे तक और फिर अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी गई. हंगामेदार रहे संसद के इस बजट सत्र के दौरान सबसे अधिक चर्चा वक्फ बिल को लेकर रही. बजट सत्र में केवल वक्फ बिल और बजट ही नहीं, कई अन्य महतवपूर्ण बिल भी पारित हुए.
अप्रवास और विदेशियों विषयक विधेयक
देश में घुसपैठ बहुत बड़ा मुद्दा रहा है और इसे रोकने के लिए सरकार संसद के बजट सत्र में ही अप्रवास और विदेशियों विषयक विधेयक लाई थी. संसद के दोनों सदनों से ये विधेयक पारित हो चुका है. इस बिल में विदेशी नागरिकों के लिए भारत आने पर प्रवेश के रास्ते की जानकारी देने को अनिवार्य बनाता है, साथ ही अधिकारियों को किसी विदेशी को देश में प्रवेश करने से रोकने की शक्ति भी देता है. गृह मंत्री अमित शाह ने इस बिल पर चर्चा का जवाब देते हुए कहा था कि जो भारत के भले के लिए आएगा, उसका हम स्वागत करेंगे लेकिन जो नुकसान पहुंचाने की मानसिकता से आएगा उसके साथ हम कठोरता से पेश आएंगे.
त्रिभुवन सहकारी यूनिवर्सिटी बिल
गुजरात के आणंद् में अमूल के संस्थापक त्रिभुवन भाई पटेल के नाम पर देश की पहली सहकारिता यूनिवर्सिटी की स्थापना से संबंधित बिल भी संसद के इसी सत्र में आया. सहकारिता मंत्री अमित शाह ने इस बिल को लेकर कहा कि इस यूनिवर्सिटी की स्थापना से सहकारी आंदोलन को नया नेतृत्व मिल सकेगा और अपने चट्टे-बट्टों को नियुक्ति देने की प्रथा पर लगाम लगेगी.
आपदा प्रबंधन संशोधन विधेयक
संसद के दोनों सदनों ने इसी सत्र में आपदा प्रबंधन संशोधन विधेयक पारित किया. गृह मंत्री अमित शाह ने संसद में इस बिल का उद्देश्य बताते हुए कहा कि हम आपदा की चेतावनी के लिए रेडियो की जगह सोशल मीडिया की ओर जाना चाहते हैं. आपदा प्रबंधन को लेकर राहत केंद्रित दृष्टिकोण की जगह हमने समग्र दृष्टिकोण की शुरुआत की और जीरो कैजुएलिटी के लक्ष्य पर काम किया. ये बिल आपदा प्रबंधन में क्षमता, तीव्रता, दक्षता और सटीकता को समाहित करने के लिए बनाया गया है.
वायुयान वस्तुओं में हित संरक्षण विधेयक
वायुयान वस्तुओं में हित संरक्षण विधेयक एक दिन पहले ही लोकसभा से पारित हुआ है. यह विधेयक केपटाउन प्रोटोकॉल कोलागू करता है और इसमें एयरलाइंस के साथ ही लीज पर विमान देने वालों, दोनों के हितों की सुरक्षा से संबंधित प्रावधान हैं. यह विधेयक मोबाइल उपकरणों में हितों से संबंधित अंतरराष्ट्रीय समझौतों को भी लागू करता है. इस विधेयक के लागू होने के बाद लीजिंग लागत आठ से 10 फीसदी कम हो सकती है और सरकार को उम्मीद है कि इसका लाभ यात्री किराया में कमी के रूप में आम नागरिकों को मिलेगा.
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बैंककारी विधियां संशोधन विधेयक
बैंककारी विधियां (संशोधन) विधेयक बजट सत्र के दौरान ही राज्यसभा से पारित हुआ. इस विधेयक में यह प्रावधान किया गया है कि बैंक खाताधारक चार लोगों को नॉमिनी बना सकता है. इस विधेयक में सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में लेखापरीक्षा की गुणवत्ता में सुधार के साथ ही जमाकर्ता और निवेशकों के लिए सुरक्षा सुनिश्चित करने को लेकर भी प्रावधान किए गए हैं. सहकारी बैंकों में निदेशकों का कार्यकाल आठ से बढ़ाकर 10 वर्ष कर दिया गया है.
अंतिम दिन दोनों सदनों में नहीं हो सका कामकाज
बजट सत्र के अंतिम दिन संसद के दोनों सदनों में कामकाज हंगामे की भेंट चढ़ गया. लोकसभा की कार्यवाही शुरू होते ही सत्ता पक्ष के सदस्यों ने सोनिया गांधी के वक्फ बिल जबरन पारित कराए जाने वाले बयान को लेकर हंगामा कर दिया और माफी की मांग करते हुए नारेबाजी शुरू कर दी. हंगामे के कारण सदन की कार्यवाही 12 बजे और फिर अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी गई. राज्यसभा में भी कार्यवाही शुरू होते ही बीजेपी के सांसदों ने पश्चिम बंगाल के शिक्षा विभाग में 25 हजार नियुक्तियां रद्द करने के सुप्रीम कोर्ट के आदेश को मुद्दा बना टीएमसी के खिलाफ मोर्चा खोल दिया.
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हंगामे के कारण सदन की कार्यवाही पहले एक बजे तक और फिर अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी गई. राज्यसभा में राष्ट्रीय गीत के बाद सभापति जगदीप धनखड़ सदन की कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित करने की घोषणा करना ही भूल गए और आसन से उठकर चले गए. राज्यसभा के अधिकारियों ने याद दिलाया तब सभापति दोबारा आसन पर आए कार्यवाही अनिश्चिकाल के लिए स्थगित करने की घोषणा की.