लोकसभा में आज भी वित्त विधेयक पर चर्चा का वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण जवाब दे रही हैं. वित्त मंत्री ने मिडिल क्लास पर टैक्स का बोझ डालने के आरोप का जवाब दिया और सरकार की ओर से मिडिल क्लास को राहत देने के लिए उठाए गए कदम गिनाए. वहीं, राज्यसभा में विनियोग विधेयक (नंबर दो) और जम्मू कश्मीर विनियोग विधेयक (नंबर तीन) पर चर्चा चल रही है. ये विनियोग विधेयक राज्यसभा में कंसिडरेशन के बाद लोकसभा को वापस भेजे जाने हैं.
संसद के दोनों सदनों की कार्यवाही 8 अगस्त की सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई है. लोकसभा से वित्त विधेयक पारित होने के बाद सदन की कार्यवाही स्थगित कर दी गई.
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण जब बोल रही थीं, विपक्ष की ओर से हंगामा शुरू हो गया. विपक्षी सदस्यों के शोर के बीच टीएमसी सांसद कल्याण बनर्जी ने भी कुछ कहा. वित्त मंत्री ने इस पर दोनों हाथ जोड़कर झुकते हुए कहा कि कल्याण बनर्जी दादा, आपसे सीख रही हूं कि थोड़ा अग्रेशन होना चाहिए. लोग हल्ला करके बैठा देते हैं.
वित्त मंत्री ने कहा कि इधर आकर प्रदर्शन करने वालों से पूछ रही हूं, आपने स्टेट में कहा था क्या कि इसे हटाओ. अपने-अपने वित्त मंत्रीजी जो जीएसटी काउंसिल में बैठते हैं, उनको चिट्ठी लिखी है क्या. नहीं लिखी और इधर प्रदर्शन करो कि मोदीजी रेट कम करो. ये क्या डबल नाटक है. कांग्रेस, आम आदमी पार्टी, कम्युनिस्ट पार्टी, टीएमसी के वित्त मंत्री जीएसटी काउंसिल में बैठते हैं. राजनीतिक रोटी सेकने वाले सोचो. फिर भी हम कहते हैं कि खुले मन से जीएसटी काउंसिल की 31 वीं, 37वीं और 47वीं बैठक में इस पर चर्चा हुई. जीएसटी काउंसिल में तीन बार इस पर चर्चा हुई है. किसी न्यूज पेपर में लाइफ और मेडिकल इंश्योरेंस से जीएसटी कलेक्शन का डेटा देते हुए हेडिंग लगाई गई कि 'सेंट्रल पॉकेटेड...' जो एकदम गलत बयान है. हेल्थ इंश्योरेंस के प्रीमियम पर जो 18 परसेंट है. इसमें 9 परसेंट सेंटर, 9 परसेंट राज्यों को जाता है. जीएसटी सौ रुपये कलेक्ट करो तो 50 रुपये तुरंत राज्य को चले जाते हैं. 50 रुपये हमारे पास बचते हैं, उनमें से भी 24 रुपये स्टेट को चला जाता है. हर पार्टी को अपने राज्य में जाकर अपने वित्त मंत्री के सामने प्रदर्शन करना चाहिए. सौ में 74 रुपये उधर चले जाते हैं.
वित्त मंत्री ने कहा कि लाइफ और मेडिकल इंश्योरेंस पर 18 परसेंट जीएसटी हटाने की मांग उठी. मंत्री चिट्ठी एक-दूसरे को लिखते हैं. वह पब्लिक में आ गई तो माहौल बनाया जाने लगा कि डिफरेंस है. 200 सांसदों के साथ प्रोटेस्ट निकालो. इस पर विपक्षी सदस्य हंगामा करने लगे. मंत्री ने कहा कि मैंने किसी का नाम नहीं लिया लेकिन किसी को लग रहा है तो अलग बात है. मेडिकल इंश्योरेंस के ऊपर जीएसटी आने से पहले से टैक्स है. हर स्टेट में पहले टैक्स लगता था.
वित्त मंत्री ने कहा कि तनुज पुनिया ने सवाल किया कि चीन के सिंथेटिक मेंथाल और हमारे नेचुरल मेंथॉल, दोनों पर 12.5 परसेंट जीएसटी सही नहीं है. नेचुरल और सिंथेटिक मेंथाल एक ही एचएस कोड के अंदर आते हैं, इसके लिए अलग अलग प्रावधान नहीं हैं. इस फाइनेंस बिल में दोनों के लिए अलग-अलग एचएस कोड बनाया गया है जिसके बाद जीएसटी काउंसिल इस विषय को देख सकती है.
वित्त मंत्री ने कहा कि पेट्रोल पर एक्साइज ड्यूटी में राहत की मांग उठी. नवंबर 2021 और मई 2022 में पेट्रोल और डीजल पर एक्साइज ड्यूटी घटाई गई थी. पेट्रोल की कीमतें मार्च 2024 में भी दो रुपये प्रति लीटर कटौती की गई थी. बीजेपी की सरकार वाले राज्य कटौती कर देते हैं. हिमाचल प्रदेश में चुनाव के बाद बढ़ाया गया, कर्नाटक में भी कांग्रेस की सरकार है, वहां भी जून 2024 में पेट्रोल-डीजल की कीमतें बढ़ाई गईं. पंजाब में 2023 के जून में सरकार ने 10 से 13 परसेंट तक पेट्रोल और डीजल का दाम बढ़ाया. ये आकर हमसे पूछ रहे हैं. तमिलनाडु सरकार ने मैनिफेस्टो में प्राइस कटौती का वादा किया था. केवल तीन रुपये का प्राइस कट 2021 में किया गया. एक्साइज ड्यूटी पर लेक्चर देने के पहले अपने अपने राज्यों में कर दिखाना चाहिए.
वित्त मंत्री ने कहा कि इंडेक्सेशन हटाने की नहीं, हमारी मंशा नियमों को सरल बनाने की है. जीएसटी को लेकर भी बात हुई. जीएसटी के विषय में बहुत सारे सदस्यों ने सुझाव दिए. इस पर निर्णय काउंसिल को लेना है. जीएसटी काउंसिल में दो तिहाई राज्यों के, एक तिहाई केंद्र के प्रतिनिधि बैठते हैं. ये एक संवैधानिक बॉडी है. उन्होंने लैबोरेट्री केमिकल्स के लिए सीटीएच के प्रावधान बताए और कहा कि सैंपल के लिए ड्यूटी 10 परसेंट था. इसका दुरुपयोग किया जा रहा था. एल्कोहल पर 150 परसेंट ड्यूटी थी तो छोटे-छोटे सैंपल में लाया जाने लगा था. इसे रोकने के लिए टैक्स 150 परसेंट कर दिया. टैरिफ रेट और सीलिंग रेट इस सदन में डिसाइड होता है. रिसर्च को बढ़ावा देने के लिए अब हमने कहा है कि आप जिम्मेदारी लो कि बल्क में नहीं ले आ रहे हैं, सेल्फ डिक्लेरेशन दो और 10 परसेंट टैक्स का लाभ लो.
वित्त मंत्री ने कहा कि कॉर्पोरेट टैक्स के इनकम टैक्स से कम कलेक्शन की बात उठी. ये सही नहीं है. उन्होंने कहा कि न्यू टैक्स रिजीम फ्लेक्सिबिलिटी देता है कि वे ओल्ड रिजीम में भी रह सकते हैं. ये चॉइस प्रोवाइडर है, चॉइस टैक्सपेयर की है. 3.8 परसेंट टैक्सपेयर्स नई रिजीम में आए थे. 2024-25 में 31 जुलाई तक 72.8 फीसदी टैक्सपेयर्स ने नई रिजीम चुनी है. यह लोगों की मदद कर रही है. म्यूचुअल फंड्स में निवेश भी बढ़ा है. 17.88 लाख नए फोलियो हर महीने जुड़ रहे हैं पिछले पांच साल से. यूनिक म्यूचुअल फंड इन्वेस्टर्स भी बढ़ रहे हैं. कैपिटल गेन टैक्स को लेकर वित्त मंत्री ने कहा कि स्पष्ट प्रावधान है कि 23 जुलाई 2024 से पहले एक्वायर की गई जमीन या मकान पर टैक्सपेयर चाहे तो नए प्रावधान से 12.5 परसेंट या इंडक्शन के साथ 20 परसेंट की दर से जो भी कम हो, वह कर भुगतान करे. इस अमेंडमेंट से किसी पर भी कर कोई बोझ नहीं पड़ा है. बजट आम आदमी की उम्मीदों का प्रतिनिधित्व करता है. बजट में विपक्ष के लोग भी जब कोई संशोधन बताते हैं तो हम वह भी करते हैं, नाम नहीं लेना चाहता किसी का.
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि हम पर मिडिल क्लास पर बोझ डालने के आरोप पर कहा कि कई वक्ताओं ने ये कहा. हमने मिडिल क्लास को राहत दी है. हम पिछले साल न्यू रिजीम लेकर आए थे और इस बार उसको री-स्ट्रक्चर किया है. न्यू टैक्स रिजीम में हमने वेतनभोगियों के लिए स्टैंडर्ड डिडक्शन बढ़ाकर 75 हजार कर दिया है. इससे वेतनभोगियों को लाभ होगा. स्टार्टअप्स के लिए एंजल टैक्स खत्म किया है. हमने कोरोना काल के बाद टैक्स नहीं बढ़ने दिया. इन सबका लाभ मिडिल क्लास को मिलेगा. इस देश में 98 परसेंट टैक्सेशन रहा है. वह इमरजेंसी का दौर था. तब मिडिल क्लास की चिंता नहीं थी. भारत की जनता बहुत बेहतर है, ये पैसा टैक्स में जा रहा है, कुछ नेताओं की जेब में नहीं. आयकर रिटर्न आने में 2013 तक 90 दिन तका समय लगता था जिसमें अब 10 दिन का समय लग रहा है. उन्होंने कहा कि इस बार 58.7 लाख लोगों ने पहली फॉर टैक्स फाइल किया है. लोग पहले ये सोचते थे कि कब तक ये डॉक्यूमेंट्स रखने हैं. अब हमने ये कर दिया है कि पांच साल तक ही इसे रखना है. सर्च केस में असेसमेंट पीरियड 10 साल से घटाकर केवल छह साल कर दिया गया है. चैरिटी के लिए दो टैक्स रिजीम को एक में मर्ज करने की अपील मिली है. टैक्स पे करने वालों को राहत की ही देन है कि कोर्ट्स में इससे जुड़ी अपील्स में भी कमी आई है.
आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के सांसद चंद्रशेखर ने कहा कि हमें यूपी की सरकार की चिंता नहीं है, यूपी की जनता की चिंता है. हमारी मांग है कि यूपी को चार भाग में विभाजित किया जाए. उन्होंने विनेश का मामला उठाते हुए कहा कि हम उस आंदोलन में भी शामिल रहे हैं. यह देश की अस्मिता से जुड़ा मामला है. एक गोल्ड हमारा आ रहा था. देश गौरवांवित होता. क्या व्यवस्था की गई कि उसका वेट बढ़ गया. विनेश इस देश का नाम बढ़ाती लेकिन आज अपमान का सामना करना पड़ रहा है. सरकार के मंत्री ने सहयोग गिनाया. क्या खैरात दी क्या आपने कोई. डॉक्टर आंबेकर ने कहा था कि हम पहले और अंतिम भारतीय हैं. जब वह बेटी देश लौटे, उसे यहां बुलाकर सम्मानित करें. महिला विरोधी चुप रहें, कोई महिला विरोधी नहीं बोलेगा बीच में.
हनुमान बेनीवाल ने कहा कि विनेश को जिस तरह से पेरिस ओलंपिक से बाहर किया गया, वह बहुत गलत है. विनेश को खेलने देने की अनुमति दिलाने के लिए सरकार हस्तक्षेप करे. मोदीजी ने ट्वीट किया है. खाली ट्वीट करने से काम नहीं चलेगा.
सभापति ने कहा कि विपक्ष के नेता लिखित मैसेज करते हैं और चल रही डिबेट को इंटरप्ट करने की मांग करते हैं, बिना ये बताए कि मुद्दा क्या है. आपका ये व्यवहार हम सबके लिए शर्मनाक है. बहुत दुख हुआ है. शोर करते हुए सदन से वॉकआउट कर गए. जनता का भरोसा आप गंवा रहे हो. लोगों का भरोसा निचले स्तर पर है. जो वॉकआउट कर गए हैं, उन्होंने अपनी शपथ का अपमान किया है.
राज्यसभा में विपक्ष ने विनेश फोगाट के मुद्दे पर हंगामा किया. विपक्षी सदस्यों ने 'विनेश फोगाट को न्याय दो, न्याय दो न्याय दो' के नारे लगाए. विपक्ष के हंगामे पर भड़के सभापति जगदीप धनखड़ ने कहा कि आप हर समय चेयर को चैलेंज करते हो, ये नहीं चलेगा. आप चेयर की अथॉरिटी पर सवाल उठाते हो. विपक्ष ने सदन से वॉकआउट कर दिया. सभापति ने कहा कि हम एक डिबेट के मध्य में हैं. डिबेट नियमों के अनुरूप चल रही है. उन्होंने कहा कि प्रमोद तिवारी ने मुझे पत्र लिखा और कहा कि हम एक अर्जेंट मैटर उठाना चाहते हैं. आप पॉलिटिकल पॉइंट्स उठाना चाहते हैं. मैं हर समय चेयर को चैलेंज करने के लिए स्टांस लूंगा. ये दुखद पल हैं. ये खतरनाक प्रैक्टिस है.
राज्यसभा में विपक्ष के सांसद विनेश फोगाट के मुद्दे पर हंगामा कर रहे हैं. विपक्षी सदस्यों ने 'विनेश फोगाट को न्याय दो, न्याय दो न्याय दो' के नारे लगाए. विपक्ष के हंगामे पर भड़के सभापति जगदीप धनखड़ ने कहा कि आप हर समय चेयर को चैलेंज करते हो, ये नहीं चलेगा. आप चेयर की अथॉरिटी पर सवाल उठाते हो.
गुजरात से कांग्रेस के राज्यसभा सांसद शक्ति सिंह गोहिल ने कहा कि इस देश की आजादी के बाद जो सरकारें आईं, उन्होंने काम करके दिया. कभी ये नहीं कहा कि अंग्रेजों ने गड्ढे खोदे हैं मित्रों, मैं क्या करूं. ये 10 साल से सत्ता में हैं और आज भी पुरानी सरकारों को गालियां देते हैं. आपने 10 साल में क्या किया. जब बैंकिंग सेक्टर का रेग्युलेशन एक्ट कहता है कि कोई भी आठ साल से ज्यादा डायरेक्टर नहीं रह सकता. जहां से कोऑपरेटिव मंत्री भी चेयरमैन रहे थे, वहां 15 साल से चुनाव ही नहीं हुए. आपकी नीतियां ऐसी होनी चाहिएं कि जो जवान आता है वह देशभक्ति की भावना लेकर आता है. यहां आप अग्निवीर जैसी स्कीम लेकर आओगे तो क्या होगा. उन्होंने विनेश का मुद्दा उठाते हुए कहा कि वही बेटी जब अपने देश में न्याय मांग रही थी, उसे कुचला गया.
पप्पू यादव ने कहा कि आपने खाद पर टैक्स नहीं बढ़ाया लेकिन 50 किलो की बोरी को 45 किलो कर दिया गया. क्यों किया गया. बैंक पर आपने ध्यान नहीं दिया. आज बांग्लादेश में मोहम्मद युनूस को बनाने की बात हुई तो क्यों हुई. सबसे बड़ा कारण था कि यूनुस ने बैंकिंग सेक्टर को आम लोगों के लिए खोल दिया. आपने मिडिल क्लास, युवाओं, गरीबों पर बोझ डाल दिया और कॉर्पोरेट का बोझ कम करते रहे. बिहार के लिए विशेष पैकेज, कोसी सीमांचल के विशेष पैकेज की मांग करते हैं.
आरजेडी के राज्यसभा सांसद मनोज झा ने कहा कि जो लोग आर्थिक प्रगति में अपना चेहरा नहीं देख पाए, वे सड़को पर उतर आए और सत्ता का चेहरा बदलकर रख दिया. इसके लिए प्रिवेंटिव कदम हमलोगों को उठाने चाहिए. बेरोजगारी के आलम में इंटर्नशिप, ऊंट के मुंह में जीरा भी नहीं कह सकते. इसका आकलन करना चाहिए. संगठित क्षेत्र में लेबर की सिचुएशन सैचुरेशन पर है. असंगठित क्षेत्र में अपार संभावनाएं हैं. इस पर फोकस ज्यादा होना चाहिए ताकि बेरोजगारी के क्रूर समस्या का मुकाबला किया जा सके. आज जब संसद आ रहा था, कूलियों का एक समूह आ गया.आज तकनीकी दौर में समस्या है. कूलियों को समायोजित करने का लालूजी ने प्रयास किया था. समायोजन की कोशिश करनी चाहिए. एजुकेशन बजटभी देखना चाहिए था. लोवर प्राइस के कारण कश्मीर के किसानों की समस्या आप समझिए.वॉशिंगटन के सेब से कश्मीरी सेब पर कितना असर पड़ रहा है, ये वित्त मंत्री को देखना चाहिए. आपने ईरान से इंपोर्ट फ्री सैफरान मंगवा लिया. कुछ भी परमानेंट नहीं है. ना ये यहां परमानेंट हैं ना वो वहां.
असदुद्दीन ओवैसी ने योजनाओं में कटौती गिनाते हुए कहा कि प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना के बजट में भी कटौती की गई है. अल्पसंख्यकों का बजट बढ़ाकर करीब 8000 करोड़ करने की जरूरत थी जो नहीं किया गया.
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण लोकसभा में शाम चार बजे वित्त विधेयक पर चर्चा का जवाब देंगी.
भारतीय रेसलर विनेश फोगाट को तय कैटेगरी में वजन सौ ग्राम अधिक होने की वजह से पेरिस ओलंपिक से बाहर होना पड़ा. विनेश का वजन 50 किलो सौ ग्राम पाया गया जिसकी वजह से वह स्पर्धा के लिए अयोग्य घोषित की गईं. भारतीय ओलंपिक एसोसिएशन ने इसे लेकर कड़ा विरोध भी दर्ज कराया है. आईओए की अध्यक्ष पीटी ऊषा भी अभी पेरिस में हैं. पीएम ने भी उनसे बात कर उचित कदम उठाने के लिए कहा है. उनकी तैयारी के लिए भारत सरकार ने हर संभव सहायता प्रदान की है और पर्सनल स्टाफ भी नियुक्त किया गया है. हंगरी के कोच के साथ ही, स्ट्रेंथ और कंडिशनिंग विशेषज्ञ, फिजियो के साथ ही वित्तीय सहायता भी प्रदान की गई. 70 लाख से अधिक की वित्तीय सहायता दी गई है.
संगरुर से आम आदमी पार्टी के सांसद गुरमीत सिंह मीत हेयर ने कहा कि प्रति व्यक्ति आय के मामले में हम कहां खड़े हैं. पहले पांच, 10 या 20 में भी नहीं. 136वें नंबर पर हैं. कुल संपत्ति का 40 फीसदी केवल एक फीसदी लोगों के पास है. 40 परसेंट संपत्ति वाले 23 परसेंट टैक्स दे रहे हैं. एक बड़े साहब हैं, पांच साल में 25 गुना संपत्ति बढ़ गई. हमें इस बात पर भी आपत्ति नहीं है. प्रधानमंत्रीजी शादी में गए. सरकार बड़े दोस्तों को सुविधा देने का, और बड़ा बनाने का काम कर रही है. मिडिल क्लास का व्यक्ति खाने-पीने से लेकर हर जगह टैक्स दे रहा है. आम लोगों पर टैक्स का बोझ कम किया जाए. हेल्थ इंश्योरेंस और लाइफ इंश्योरेंस पर जीएसटी खत्म किया जाए.
वक्फ बोर्ड को लेकर कल संसद में बिल आएगा. बिजनेस एडवाइजरी कमेटी की बैठक में फैसला हुआ कि कल ये बिल लोकसभा में पेश किया जाएगा. लोकसभा में कांग्रेस संसदीय दल के उपनेता गौरव गोगोई ने ये डिमांड की है कि ये बिल स्टैंडिंग कमेटी को भेजा जाए.
यूपी के श्रावस्ती से सपा के सांसद राम शिरोमणि वर्मा ने सांसद निधि बढ़ाने की मांग करते हुए कहा कि हमारे यहां एक विधायक की क्षेत्र विकास निधि पांच करोड़ है. सांसद निधि का जो बजट है, उसमें एक सांसद एक विधानसभा में एक किलोमीटर सड़क का निर्माण करा सकता है. उन्होंने सांसद निधि से कराए जाने वाले कार्यों को भी जीएसटी से मुक्त रखने की मांग की. सपा सांसद ने सहारा इंडिया के निवेशकों को जल्द से जल्द पैसा वापस दिलाने की मांग की और कृषि उपयोग में आने वाले यंत्रों पर सौ फीसदी सब्सिडी दिए जाने, जीएसटी से मुक्त रखने और मुफ्त शिक्षा की व्यवस्था लागू करने की मांग की. आंगनबाड़ी, आशा कार्यकत्रियों के मानदेय बढ़ाए जाने चाहिए.
टीएमसी सांसद डेरेक ओ'ब्रायन ने विनियोग विधेयक पर चर्चा के दौरान बोलते हुए कहा कि मेडल हो या ना हो, विनेश फोगाट आप हीरो हो. उन्होंने बीजेपी को निशाने पर लेते हुए कहा कि आपको ये जनादेश समझना चाहिए. पश्चिम बंगाल में आप तीसरे नंबर पर चले गए. टीएमसी सांसद ने वित्त मंत्री को श्वेत पत्र लाने की चुनौती भी दी.
दिग्विजय सिंह ने कहा कि जम्मू कश्मीर के बारे में कुछ दिन पहले यूएस ने ट्रैवेल एडवाइजरी भेजी है जिसमें कहा गया है कि वहां जाना खतरे से खाली नहीं है. आपने राज्य को यूनियन टेरिटरी बना दिया. गृह मंत्री जाकर कहते हैं कि राज्य का दर्जा बहाल करेंगे लेकिन कुछ हुआ नहीं है. उन्होंने कहा कि क्रॉस बॉर्डर बढ़ा ही है, आप भी टैक्स टेररिज्म कर रहे हैं. नेताओं को बीजेपी जॉइन कराने के लिए ईडी और आईटी को राजनीतिक हथियार के तौर पर इस्तेमाल किया जा रहा है. बीजेपी के नेता डीबीटी की क्रेडिट लेते हैं. ये 1 जनवरी 2013 को यूपीए की इनिशिएटिव है. नई बिल्डिंग्स, पुल ध्वस्त हो रहे हैं. जो बड़े निर्माण गिरे हैं, उन कॉन्ट्रैक्टर्स को ब्लैकलिस्ट तो कीजिए. जिन रैट माइनर्स के जरिए आपने टनल में फंसे मजदूरों को बचाया था, उनके भी घर आपने बुल्डोजर से तोड़ दिए, ये मानसिकता है आपकी.
दिग्विजय सिंह ने कहा कि देश में 25 से 30 परसेंट लोग ऐसे हैं जिनके पास कोई संसाधन नहीं है. संसाधनों की प्राथमिकता होनी चाहिए कि अमीर-गरीब की खाई समाप्त होनी चाहिए. गरीबों को उनका हक मिलना चाहिए. राहुलजी ने 2015 में सही कहा था कि ये सूट-बूट की सरकार है. अब तो कॉर्पोरेट्स में भी विभाजन सा लगता है. एक अमीर कॉर्पोरेट है, दूसरा मिडिल. कहा गया है कि लगभग 24 करोड़ लोग गरीबी रेखा से बाहर चले आए. इसी में जो इंडिकेटर है, वो दिया गया है कि हाउसहोल्ड एक्सपेंडिचर में वृद्धि हो गई है जिसकी वजह से वे गरीबी रेखा से ऊपर चले गए. नेट सेविंग निरंतर घटती जा रही है, ये इंडिकेटर है कि गरीबी घट नहीं बढ़ रही है. मजदूरी वही है, आमदनी वही हुई. मजदूरी एक परसेंट से भी आगे-पीछे नहीं हुई है. यूपीए सरकार ने नरेगा योजना चालू की. आप सरकार की मनोवृत्ति देख लीजिए, जेनेवा कन्वेंशन को देख लीजिए, एक बार भी इन्होंने लेबर कॉन्फ्रेंस नहीं की. 44 लेबर लॉज बना लिए, चार नए लेबर ले आए और एक बार भी ट्रेड यूनियनों के साथ चर्चा नहीं की. किसान सम्मान निधि उसको दे रहे हैं जिसके पास जमीन है. जो भूमिहीन मजदूर है, उसको एक पैसा नहीं दे रहे हैं. यूपीए सरकार के समय जो वृद्धा पेंशन दो सौ रुपये होती थी, एक रुपया भी नहीं बढ़ा. विधवा और विकलांग पेंशन की ओर भी आपका ध्यान नहीं गया. मिडिल क्लास भी त्रस्त है. जो कॉर्पोरेट से टैक्स आता है, वह डायरेक्ट टैक्स कलेक्शन से भी कम हो गया है. 2020 से 2024 के बीच में कॉर्पोरेट सेक्टर को चार गुना फायदा हुआ है. ये कहां गया, नहीं कह सकता. आज सुपर रीच हैं, उनकी संख्या सबसे ज्यादा बढ़ी है तो मोदीजी की सरकार में बढ़ी है. तीन सौ सबसे अमीर परिवारों पर दो परसेंट भी वेल्थ टैक्स भी लगा देंगे तो भारत का बजट पूरा हो जाएगा लेकिन आप लगाएंगे नहीं, हम जानते हैं. टेक्सटाइल वह सेक्टर है, जिसे आपने सबसे ज्यादा इग्नोर किया है. आपने तीन कैंसर के ड्रग्स पर कस्टम ड्यूटी फ्री की है, मेरी प्रार्थना है कि सभी कैंसर ड्रग्स को कस्टम ड्यूटी फ्री करिए, कैंसर रिलेटेड सभी मशीन भी टैक्स फ्री करिए. हेल्थ इंश्योरेंस भी जीएसटी फ्री कर दीजिए.
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने राज्यसभा में विनियोग विधेयक पेश कर दिया है. इस विधेयक पर चर्चा की शुरुआत कांग्रेस की ओर से दिग्विजय सिंह ने की. दिग्विजय सिंह ने कहा कि अनेकता में एकता ही भारत की विशेषता है. उन्होंने कहा कि प्रयास, विकास और विश्वास की जो बात होती है, वह समानता की स्थिति में ही संभव है. इनके 10 साल के बजट और इस बजट में इनका उल्लंघन हुआ है. अमीर अमीर हुआ है और गरीब गरीब.
वित्त मंत्री ने कहा कि हमारे पास केवल एक राज्यमंत्री हैं जो लोकसभा में हैं जहां वित्त विधेयक पर चर्चा चल रही है. वित्त मंत्री ने कहा कि विपक्ष को इग्नोर नहीं कर रहे, लोकसभा में वित्त विधेयक पर करीब चार बजे चर्चा का जवाब भी दिया जाना है.
राज्यसभा की कार्यवाही शुरू हो गई है. कार्यवाही शुरू होते ही विपक्षी सदस्यों ने वित्त मंत्री की मौजूदगी को लेकर सवाल उठाया. विपक्षी सदस्यों ने कहा कि विनियोग विधेयक पर चर्चा होनी है और वित्त मंत्री कहां हैं. सदन की कार्यवाही स्थगित कर देनी चाहिए. यह सदन का अपमान है. इस पर ट्रेजरी बेंच की ओर से कहा गया कि वह पांच मिनट में आ रही हैं. इस पर विपक्ष ने कहा कि पांच मिनट के लिए सदन की कार्यवाही स्थगित कर देनी चाहिए फिर. जयराम रमेश ने कहा कि कम से कम वित्त राज्यमंत्री की उपस्थिति की एक्सपेक्टेशन तो है. इस पर सभापति ने कहा कि हम किसी के एक्सपेक्टेशन से नहीं चलेंगे.
राज्यसभा की कार्यवाही दोपहर दो बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई है.
राहुल गांधी ने सदन में वायनाड की घटना का जिक्र किया. इस पर पीठासीन ने कहा कि आपने वायनाड पर नोटिस दिया है, केवल वायनाड पर बोलिए. इस पर राहुल गांधी ने सवालिया अंदाज में कहा कि केवल वायनाड पर बोलूं? राहुल गांधी ने कहा कि कुछ दिन पहले अपनी बहन के साथ वायनाड गया था और तबाही देखी. लगभग दो किलोमीटर पहाड़ ध्वस्त हो गया है. चार सौ से अधिक लोगों की मौत के अनुमान है. केंद्र और राज्य सरकार के साथ ही कर्नाटक, तमिलनाडु, तेलंगाना की सरकार ने भी सहायता भेजी. अलग-अलग समुदाय, अलग-अलग विचारधारा के लोग साथ आए, देखकर अच्छा लगा. केंद्र सरकार से विशेष पैकेज और कंपन्शेसन की मांग करता हूं. मेरी मांग ये भी है कि वायनाड की आपदा को राष्ट्रीय आपदा घोषित किया जाए. बहुत हादसे देखे हैं लेकिन वायनाड में कई परिवारों में केवल एक सदस्य बचा है. किसी परिवार में एक बच्चा बचा है. उन्होंने वायनाड को सपोर्ट करने के लिए पूरे सदन के प्रति आभार व्यक्त किया.
पेरिस ओलंपिक में विनेश फोगाट को अयोग्य घोषित किए जाने को लेकर विपक्ष ने संसद में हंगामा किया. विपक्ष के हंगामे पर केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने कहा कि ये जिस विषय को उठा रहे हैं, उस विषय पर खेल मंत्री शाम 3 बजे बयान देंगे.
लोकसभा में विपक्षी सांसद हंगामा कर रहे हैं. विपक्ष के हंगामे और नारेबाजी के बीच सदन में शून्यकाल की कार्यवाही जारी है.
पंजाब से आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने ननकाना साहिब के लिए कॉरिडोर बनाने की मांग की. उन्होंने कहा कि 1947 में जब देश का बंटवारा हुआ, सिर्फ देश के ही नहीं पंजाब के भी दो हिस्से हुए. हमारे गुरुद्वारा साहिब हमसे बिछड़ गए. कई गुरुद्वारा साहिब ऐसे हैं जो पाकिस्तान में हैं. ननकाना साहिब के दर्शन-दीदार की लंबे समय से मांग है. हमारी मांग है कि जैसे करतारपुर कॉरिडोर बनाकर संगत को मत्था टेकने का अवसर मिला, उसी तरह ननकाना साहिब के लिए भी कॉरिडोर बने. ननकाना साहिब जाने के लिए वीजा-पासपोर्ट की जरूरत ना पड़े, सरल प्रॉसेस हो. वाघा बॉर्डर से ननकाना साहिब की दूरी 104 किलोमीटर है. अमृतसर से लाहौर होते हुए ननकाना साहिब तक जाने वाले रास्ते को सेफ पैसेज बनाया जाए. इससे करोड़ो संगत की दुआएं दोनों देश की सरकारों को मिलेंगी.
गुजरात से कांग्रेस सांसद शक्ति सिंह गोहिल ने कहा कि जर्मनी में हमारे गुजरात के जैन परिवार की नौ माह की बेटी आरिहा शाह को उठाकर फोस्टर हाउस में डाल दिया गया. उस बच्ची को नहला-धुलाकर, तेल लगा रहे थे माता-पिता. इसी बीच वह हाथ से फिसल गई और थोड़ी चोट लग गई. उसको मां-बाप अस्पताल ले गए. वहां कहा कि पुलिस केस बनेगा, ये सेक्सुअल अब्यूज भी हो सकता है. जांच के बाद वहां कहा गया कि आपको केयर करना नहीं आता. इसे फोस्टर केयर में डालो. आज वह बच्ची तीन साल की होने को है. वह जर्मन भाषा सीखेगी. यूएन कन्वेंशन कहता है कि हर बच्चे को अपने कल्चर का अधिकार है. उसे बर्लिन से आगे कहां रखा गया है, ये भी नहीं पता. जो जैन लोग होते हैं, वे कांदा-लहसुन तक नहीं खाते. किसी विकसित देश के नागरिक को कोई रोककर दिखाए. हम तो कहते हैं कि लाल आंख दिखाएंगे. जर्मनी को दिखाइए लाल आंख और हमारी बच्ची को गुजरात वापस लाइए.
सभापति जगदीप धनखड़ ने कहा कि हम सभी संविधान के प्रति समर्पित हैं. बीजेपी अध्यक्ष और राज्यसभा में नेता सदन जेपी नड्डा ने कहा कि समझता हूं कि कांग्रेस एक जिम्मेदार पार्टी है और जो कहती है, जिम्मेदारीपूर्ण तरीके से कहती होगी. मगर आज मुझे उनकी बुद्धिमत्ता और नीयत पर बहुत बड़ा प्रश्नचिह्न खड़ा हुआ. विपक्ष के नेता ने कहा- ऐसा देखने में आया, ऐसा सुनने में आया है, ऐसा पढ़ने में आया है. विपक्ष के नेता को ये ध्यान रखना चाहिए कि किस सोर्स से आया है. सोर्स अखबार की कतरनें नहीं होती हैं, पुस्तकें होती हैं. मोदीजी के नेतृत्व में चलने वाली सरकार ने जितना संविधान को आदर देकर चलने का तय किया है, उतना किसी सरकार ने नहीं किया है. संविधान की प्रस्तावना में किसी तरह के छेड़छाड़ का सवाल ही नहीं उठता. संविधान दिवस मनाने के लिए 2014 तक का इंतजार क्यों करना पड़ा. संविधान के ऊपर तो डाका डाला गया 1975 में, 19 बार चुनी हुई सरकारों को गिराया गया. आपकी सरकार ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ को दो बार प्रतिबंध लगाने की कोशिश गई, मीसा के तहत लाखो लोगों को जेल में डाला गया. लेकिन संघ उतना ही मजबूत होकर निकला. बीजेपी मां भारती की सेवा के लिए पूरी ताकत से लगी है.
राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने एनसीईआरटी पुस्तकों का मुद्दा उठाया. विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने इसे लेकर सभापति जगदीप धनखड़ से एनसीईआरटी की प्रस्तावना को हटाए जाने का मुद्दा उठाने की अनुमति मांगी थी. सभापति धनखड़ ने कहा कि इसमें लिखा है, हमें ऐसी जानकारी मिली है. इस पर मल्लिकार्जुन खड़गे खड़े हुए और कहा कि किस सोर्स से मिली है, ये मैं भी बताऊंगा. आप भी जानते हैं. इस पर सभापति ने कहा कि हमें नहीं पता, हम नहीं जानते. इस पर खड़गे ने कहा कि आप बहुत कुछ जानते हैं, बहुत हुआ तो कहते हैं कि मेरे चैंबर में आओ. इस पर सभापति धनखड़ ने कहा कि लेकिन आप कभी नहीं आए मेरे चैंबर में. एक काम कीजिए, इस पर चर्चा के लिए आइए मेरे चैंबर में. इस पर खड़गे ने कहा कि नहीं-नहीं, ये महत्वपूर्ण विषय है. इसके बाद खड़गे ने कहा कि बीजेपी ने पराजय के बाद पहले तो बाबा साहब की प्रतिमा को हटाया, अब बीजेपी और संघ अपनी सांप्रदायिक विचारधारा को थोपने के लिए पाठ्यक्रम में बदलाव किया जिसे देश की जनता स्वीकार नहीं करेगी. इस पर ट्रेजरी बेंच की ओर से हंगामा शुरू हो गया. सभापति जगदीप धनखड़ ने उन्हें टोका. जिस पर विपक्ष के नेता ने कहा कि उनको जवाब देने दीजिए, मैं अपनी बात कहूंगा. खड़गे ने पाठ्यक्रम में बदलाव का निर्णय वापस लेने की मांग की.
आईटी मंत्री जितिन प्रसाद ने एक सवाल के जवाब में कहा है कि आईटी हब को लेकर भारत सरकार की कोई पॉलिसी नहीं है. राज्य सरकारें जरूर आईटी सिटी, हाईटेक सिटी विकसित कर सकती हैं. कर्नाटक से कांग्रेस की सांसद डॉक्टर प्रभा मल्लिकार्जुन ने इसे लेकर सवाल किया था. जितिन प्रसाद ने इसके जवाब में बेंगलुरु, हैदराबाद जैसे कंजस्टेड आईटी हब को डिकंजेस्ट करने के लिए कदम उठाने की बात कही.
कांग्रेस सांसद मनिक्कम टैगोर ने लोकसभा में जाति आधारित जनगणना के मुद्दे पर लोकसभा में स्थगन प्रस्ताव का नोटिस दिया है. वहीं, कांग्रेस के ही सांसद हिबी एडेन ने मुल्लापेरियार डैम पर चर्चा की मांग को लेकर स्थगन प्रस्ताव का नोटिस दिया है.
लोकसभा में आज भी वित्त विधेयक पर चर्चा जारी रहेगी. वित्त विधेयक पर चर्चा की शुरुआत एक दिन पहले हुई थी. पंजाब की फतेहगढ़ साहिब सीट से कांग्रेस के सांसद अमर सिंह ने चर्चा की शुरुआत की थी और इसके बाद झारखंड के गोड्डा से बीजेपी के सांसद निशिकांत दुबे ने इसे आगे बढ़ाया था. वहीं, राज्यसभा में आज कंसिडरेशन के बाद लौटाने के लिए विनियोग विधेयक और जम्मू कश्मीर विनियोग विधेयक रखे जाएंगे.