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पार्थ चटर्जी का जेल में पहला दिन किताब पढ़ते हुए बीता, सोने के लिए मिले हैं 4 कंबल

पश्चिम बंगाल के शिक्षक भर्ती घोटाले में आरोपी पार्थ चटर्जी को ईडी ने गिरफ्तार किया है. राज्य सरकार में मंत्री रहे पार्थ चटर्जी को प्रवर्तन निदेशालय ने कोलकाता के प्रेसीडेंसी करेक्शनल होम में रखा है. जेल में उनका पहला दिन सामान्य रहा और आम कैदियों की तरह बीता.

aajtak.in
  • कोलकाता,
  • 06 अगस्त 2022,
  • अपडेटेड 5:43 PM IST
  • नाश्ते में बिना शक्कर की चाय और बिस्किट मिले
  • कोलकाता की प्रेसीडेंसी जेल में बंद हैं पार्थ चटर्जी

पश्चिम बंगाल के पूर्व शिक्षा मंत्री और शिक्षक भर्ती घोटाले में आरोपी पार्थ चटर्जी इस वक्त प्रवर्तन निदेशालय (ED) की गिरफ्त में हैं. जांच एजेंसी ने उन्हें कोलकाता के प्रेसीडेंसी करेक्शनल होम में रखा है. उन्हें यहां के ‘पोइला बैश’ ब्लॉक में रखा गया है. इस ब्लॉक में कुल 22 बैरक हैं और पार्थ चटर्जी को बैरक नंबर-2 में रखा गया है.

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चटर्जी के ब्लॉक में ही बंद हैं सारदा के आरोपी

पार्थ चटर्जी के ब्लॉक में ही सारदा चिटफंड घोटाले के आरोपी सारदा के चेयरमैन सुदिप्त सेन, एनआईए द्वारा गिरफ्तार किए गए तृणमूल के नेता चत्रधर महतो और अमेरिकन सेंटर के सामने हमला करने वाला आफताब अंसारी भी बंद है. पार्थ की सुरक्षा के लिहाज से जेल में अतिरिक्त सुरक्षा कर्मियों की तैनाती की गई है. जेल सूत्रों के मुताबिक शुक्रवार शाम को पार्थ के कुछ कपड़े और उनकी पसंदीदा किताबों को प्रेसीडेंसी जेल पहुंचा दिया गया है. 

सोने के लिए मिले हैं 4 कंबल

पार्थ चटर्जी को शुक्रवार शाम को ही बंकशल कोर्ट से प्रेसीडेंसी जेल लाया गया. औपचारिकताएं पूरी करने के बाद रात 8 बजे पार्थ चटर्जी को बैरक-2 में भेज दिया गया. जेल सूत्रों के मुताबिक चटर्जी को जेल में सामान्य कैदियों की तरह ही रखा गया है. उन्हें कोई विशेष सुविधा नहीं दी जा रही है. जेल के अंदर सोने के लिए उन्हें कुल 4 कंबल दिए गए हैं. इसके अलावा खाने में दाल, रोटी और सब्जियां दी गईं. पार्थ चटर्जी जेल में खाना खाकर जल्दी सो गए थे.

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नाश्ते में बिना शक्कर की चाय और बिस्किट मिले

शनिवार सुबह उठने के बाद उन्होंने बिना शक्कर की चाय पी और साथ में बिस्किट खाए. सूत्रों ने बताया कि आज लंबा वक्त उन्होंने किताब पढ़ते हुए बिताया. दोपहर 12.30 बजे उन्हें खाने में चावल, दाल और सब्जियां दी गईं. उन्हें कोई स्पेशल ट्रीटमेंट नहीं दिया जा रहा है. जेल में उन्हें बाकी कैदियों की तरह ही एक ही टॉयलेट इस्तेमाल करना पड़ रहा है.

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