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फैक्ट चेक: भारतीय सेना के समर्थन में शपथ लेते ये लोग पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर के नहीं हैं

सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें दावा किया जा रहा है कि दावा किया जा रहा है कि पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर यानी पीओके के मुस्लिम, भारतीय सेना का समर्थन करने की सौगंध खा रहे हैं. इसी को लेकर आजतक की फैक्ट चेक टीम ने फैक्ट चेक किया है.

आजतक फैक्ट चेक

दावा
भारतीय सेना के समर्थन में शपथ लेते ये लोग पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर के मुस्लिम हैं.
सच्चाई
गुर्जर-बकरवाल समुदाय के ये लोग भारत के उरी शहर से हैं. उन्होंने ये शपथ अगस्त 2023 में ली थी.
सत्यम तिवारी
  • नई दिल्ली,
  • 28 मई 2024,
  • अपडेटेड 12:43 AM IST

सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर करते हुए दावा किया जा रहा है कि पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर यानी पीओके के मुस्लिम, भारतीय सेना का समर्थन करने की सौगंध खा रहे हैं.

वीडियो में कई लोग भारतीय सेना का समर्थन करने की शपथ लेते दिखते हैं.

 

 इस वीडियो को एक्स पर शेयर करते हुए एक यूजर ने लिखा, “पीओके के मुसलमान भारत में मिलने के लिए.. भारत पाकिस्तान युद्ध में भारतीय सेना को तन मन धन से समर्थन देने की सौगंध खा रहे हैं, जो 70 साल मे संभव नहीं था वो अब सहज़ता से हो रहा है दूसरी तरफ भारत में पल रहे कुछ गद्दार भारत का खाकर पाकिस्तान के लिए भौंकते हैं.” इस पोस्ट का आर्काइव्ड वर्जन यहां देखा जा सकता है.

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वायरल वीडियो इसी कैप्शन के साथ फेसबुक पर भी शेयर किया जा रहा है. ऐसे ही एक पोस्ट का आर्काइव्ड वर्जन यहां देखा जा सकता है.

आजतक फैक्ट चेक ने पाया कि भारतीय सेना का समर्थन करने की कसम खाते ये लोग पीओके के नहीं बल्कि भारत के उरी शहर के हैं.

कैसे पता चली सच्चाई?

हमने देखा कि वायरल वीडियो में 00:20 के मार्क पर एक शख्स के हाथ में एक तख्ती दिखती है जिसपर “गुज्जर बकरवाल जिंदाबाद” लिखा हुआ है.

इस जानकारी के आधार पर कीवर्ड सर्च करने से हमें ये वीडियो 19 अगस्त, 2023 को एक्स पर पोस्ट किया हुआ मिला. इस पोस्ट में वीडियो के साथ लिखा है, “जम्मू कश्मीर के गुर्जर बकरवाल अपनी अनुसूचित जनजाति की स्थिति की सुरक्षा के संबंध में अपने संवैधानिक अधिकारों को सुरक्षित रखने का संकल्प ले रहे हैं. उन्होंने सशस्त्र बलों के साथ देश को दुश्मनों से बचाने का संकल्प भी लिया. जय हिन्द”

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जम्मू कश्मीर के गुर्जरबकरवाल अपनी अनुसूचित जनजाति की स्थिति की सुरक्षा के संबंध में अपने संवैधानिक अधिकारों को सुरक्षित रखने का संकल्प ले रहे हैं। उन्होंने सशस्त्र बलों के साथ देश को दुश्मनों से बचाने का संकल्प भी लिया।
जय हिन्द@rashtrapatibhvn @PMOIndia @MukhiyaJiGurjar pic.twitter.com/PVQ4KNOZ9X

— Gurjar Bakarwal (@Gurjarbakarwal) August 19, 2023

वीडियो के बारे में थोड़ी और खोजबीन करने पर हमें इसी शपथ का वीडियो यूट्यूब पर मिला जिसे 20 अगस्त, 2023 को अपलोड किया गया था. इसमें लिखा है कि गुर्जर बकरवाल समुदाय के लोगों ने ये शपथ अगस्त 2023 में ली थी.

हमें 21 अगस्त, 2023 का एक फेसबुक पोस्ट मिला जिसमें रफीक बलोटे का नाम लिखा हुआ है. कीवर्ड सर्च करने पर हमें 10 दिसंबर, 2022 की एक रिपोर्ट  मिली जिसके अनुसार रफीक बलोटे, उरी के ब्लॉक डेवलपमेंट काउंसिल के चेयरमैन हैं.

2023 में भी ये वीडियो इसी दावे के साथ बांग्ला भाषा में वायरल हुआ था. उस वक्त भी हमने इसकी सच्चाई बताई थी. उस दौरान हमने रफीक बलोटे से बात की थी. रफीक ने आजतक को बताया था कि वीडियो में शपथ वही दिला रहे हैं. उन्होंने कहा था, “हम गुर्जर-बकरवाल समुदाय के लोग इकट्ठा हुए थे और अपने अनुसूचित जनजाति के दर्जे को बचाने के मकसद से हमने संविधान की शपथ ली थी और भारतीय सेना का समर्थन किया था. ये बारामुला जिले के डाक बांग्ला इलाके का वीडियो है.”

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रफीक ने ये भी कहा था, "हमने पूरी जिंदगी अपने देश से प्यार किया है, ये बड़ा दुर्भाग्यपूर्ण है कि कुछ लोग हमें पीओके का बता रहे हैं."

बता दें कि अगस्त 2023 में गुर्जर बकरवाल समुदाय के लोग केंद्र सरकार द्वारा पहाड़ी समुदाय के लोगों को अनुसूचित जनजाति में शामिल करने की वजह से आंदोलन कर रहे थे. हालांकि ये विधेयक दिसंबर 2023 में दोनों सदनों में पास हो गया था.

जाहिर है, भारतीय सेना का समर्थन करते हुए शपथ लेते ये लोग पीओके के नहीं बल्कि भारत के उरी शहर के हैं.

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