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PM ने कोयंबटूर ब्लास्ट के पीड़ितों को दी श्रद्धांजलि, तो DMK ने गुजरात दंगे का उठाया मुद्दा

डीएमके ने कोयंबटूर बम ब्लास्ट में मारे गए लोगों को श्रद्धांजलि देने पर सवाल उठाते हुए कहा कि गुजरात दंगों में मारे गए लोगों को श्रद्धांजलि क्यों नहीं दी गई, तूतीकोरिन अग्निकांड में मारे गए लोगों को श्रद्धांजलि क्यों नहीं दी गई, ओखी तूफान में मारे गए लोगों को श्रद्धांजलि क्यों नहीं दी गई या मणिपुर दंगों में मारे गए लोगों को श्रद्धांजलि क्यों नहीं दी गई?

पीएम मोदी ने कोयंबटूर ब्लास्ट के पीड़ितों को दी थी श्रद्धांजलि पीएम मोदी ने कोयंबटूर ब्लास्ट के पीड़ितों को दी थी श्रद्धांजलि
शिल्पा नायर
  • चेन्नई,
  • 19 मार्च 2024,
  • अपडेटेड 10:42 AM IST

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को कोयंबटूर में रोड शो किया था. उन्होंने इस दौरान 1998 में कोयंबटूर बम ब्लास्ट में मारे गए 58 लोगों की तस्वीर पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी थी. इसे लेकर अब डीएमके ने पीएम मोदी पर निशाना साधा है.

डीएमके नेताओं ने कोयंबटूर में 1998 में हुए सीरियल बम धमाकों में मारे गए लोगों को श्रद्धांजलि देने पर सवाल खड़े किए हैं. डीएमके नेता मनो थंगराज (Mano Thangaraj) ने कहा है कि कोयंबटूर की तरह गुजरात दंगों में मारे गए लोगों को श्रद्धांजलि क्यों नहीं दी, तूतीकोरिन अग्निकांड में मारे गए लोगों को श्रद्धांजलि क्यों नहीं दी गई, ओखी तूफान में मारे गए लोगों को श्रद्धांजलि क्यों नहीं दी गई या मणिपुर दंगों में मारे गए लोगों को श्रद्धांजलि क्यों नहीं दी गई?

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उन्होंने कहा कि बीजेपी के 10 सालों के शासन में उनके पास कहने को कुछ नहीं है, उन्होंने इस दौरान सिर्फ 7.5 लाख करोड़ रुपये का भ्रष्टाचार किया और आठ हजार करोड़ के इलेक्टोरल बॉन्ड की धोखाधड़ी की. मोदी ने धार्मिक नफरत को उकसाने के लिए इसे चुनावी हथियार के तौर पर इस्तेमाल किया है. लेकिन ये इस चुनाव में नहीं चलेगा.   

डीएमके के प्रवक्ता ए सरवनन ने कहा कि 2002 गुजरात दंगे. इन दंगों में मारे गए लोगों को श्रद्धांजलि कौन देगा? बीजेपी ने कानून का उल्लंघन कर दोषियों को समय से पहले रिहा कर एक तरह से श्रद्धांजलि ही दी है और सुप्रीम कोर्ट को इसमें हस्तक्षेप करना पड़ेगा.  

बता दें कि सोमवार को कोयंबटूर में रैली के दौरान पीएम मोदी ने 1998 कोयंबटूर बम ब्लास्ट में मारे गए लोगों को श्रद्धांजलि दी थी. उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा था कि 1998 कोयंबटूर बम ब्लास्ट को भुलाया नहीं जा सकता. आज, शहर में इस आतंकी हमले में जान गंवा चुके लोगों को श्रद्धांजलि दी.   

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1998 में यहां हुए थे धमाके

कोयंबटूर के आरएस पुरम में 14 फरवरी 1998 को सीरियाल बम ब्लास्ट हुए थे, जिसमें 58 लोगों की मौत हुई थी और 100 से अधिक लोग घायल हुए थे. इस दिन यहां बीजेपी के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी का कार्यक्रम प्रस्तावित था. लेकिन धमाकों से कुछ घंटे पहले आडवाणी ने अपनी बैठक रद्द कर दी थी. बाद में सभा स्थल के पास विस्फोटकों से लदी एक कार भी मिली थी. भाजपा दरअसल राज्य सरकार से उस स्थान पर बम विस्फोटों में जान गंवाने वाले लोगों के लिए एक स्मारक बनाने की मांग कर रही है. 

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