
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि लॉकडाउन जैसी रणनीति से भारत ने लाखों लोगों की जान बचाई है. उन्होंने कहा कि वे अब भी साल 2024 तक 5 ट्रिलियन डॉलर की इकोनॉमी का लक्ष्य हासिल करने को प्रतिबद्ध हैं. उन्होंने कहा कि आलोचक सरकार की छवि खराब करना चाहते हैं.
अंग्रेजी अखबार इकोनॉमिक टाइम्स को दिये इंटरव्यू में प्रधानमंत्री ने ये बातें कहीं. उन्होंने इस इंटरव्यू में इकोनॉमी, कोविड-19, निवेश, सुधार जैसे कई मसलों पर बात की. कोविड महामारी के बाद की तेजी से बदलती दुनिया में 'नये भारत' की क्या भूमिका होगी? इस पर भी उन्होंने बात की.
यह कोविड-19 महामारी के बाद प्रधानमंत्री का पहला इंटरव्यू है. उन्होंने कहा कि कोविड के बाद दुनिया की व्यवस्था तेजी से बदल रही है और 'न्यू इंडिया' की इसमें नई भूमिका होगी. उन्होंने कहा कि भारत ने सख्त लॉकडाउन लगाकर लाखों लोगों की जान बचाई है. उन्होंने कहा कि अर्थव्यवस्था अब सुधार की तरफ बढ़ रही है और वह अब भी इस बात के लिए प्रतिबद्ध हैं कि 2024 तक भारत 5 ट्रिलियन डॉलर इकोनॉमी का लक्ष्य हासिल कर लेगा.
उन्होंने अपने आलोचकों पर सख्त टिप्पणी करते हुए कहा कि वे उनकी छवि खराब करना चाहते हैं और सरकार को उसके कार्यों का क्रेडिट नहीं देना चाहते.
समय से देशभर में लॉकडाउन
उन्होंने कहा कि कोरोना वायरस से निपटने में हमारी सफलता को इस बात पर आंकना चाहिए कि हमने कितने लोगों की जानें बचाईं. उन्होंने कहा, 'हमने सक्रियता से और समय से देशभर में लॉकडाउन लागू किया. जब लॉकडाउन लागू किया गया, तब कोरोना के केस कुछ सौ में ही थे, जबकि बाकी दुनिया में जब केस हजारों की संख्या में पहुंच गये तब लॉकडाउन लागू किया गया. हमने महामारी के बहुत ही महत्वपूर्ण दौर में लॉकडाउन लगाया. यही नहीं हमने अनलॉक प्रक्रिया भी सही तरीके से लागू की ताकि अर्थव्यवस्था पटरी पर लौटे.'
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श्रम कानून से सबका फायदा
कृषि और श्रम सुधारों की चर्चा करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि ये वैश्विक निवेशकों के लिए बड़े संकेत हैं. उन्होंने कहा कि नये लेबर कोड नियोक्ताओं और कर्मचारियों दोनों के लिए फायदेमंद हैं. उन्होंने कहा कि इसके पहले जो श्रम कानून थे वे श्रमिकों के अलावा बाकी सभी लोगों के फायदे के लिए थे. उन्होंने कहा कि भारत को दुनिया का मैन्युफैक्चरिंग केंद्र बनाना है तो एसे सुधार जरूरी हैं.
क्या चीन की जगह लेगा भारत
क्या भारत दुनिया में सप्लाई चेन का केंद्र बनने में चीन की जगह ले सकता है? इस सवाल पर पीएम मोदी ने कहा, 'हमारा प्रयास किसी देश का विकल्प बनना नहीं है, बल्कि एक ऐसा देश बनना है जो दुनिया को अनूठे अवसर प्रदान करता हो.' उन्होंने कहा कि उनके सुधार प्रयास जारी रहेंगे, लेकिन राज्यों को भी निवेश आकर्षित करने के लिए प्रतिस्पर्धा करनी होगी.