
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को अपने 'मन की बात' कार्यक्रम में कई जरूरी मुद्दों को उठाया और उन पर बात की. रविवार को प्रसारित हुआ यह कार्यक्रम का 115वां एपिसोड था, जिसमें पहली बार डिजिटल अरेस्ट की घटनाओं लेकर पीएम मोदी ने बात की और लोगों को जागरूक किया. इसके अलावा उन्होंने इससे बचाव के तरीके पर भी बात की. पीएम मोदी ने इस दौरान भारत की एनिमेशन तकनीक पर भी बात की और इसके साथ ही फिटनेस अवेयरनेस के साथ संस्कृति और लोक कला की बढ़ती लोकप्रियता का भी जिक्र किया.
भारत एनिमेशन की दुनिया में क्रांति की ओर अग्रसरः पीएम मोदी
पीएम मोदी ने कहा, कहा कि भारत एनिमेशन की दुनिया में एक नई क्रांति की ओर बढ़ रहा है और लोगों से आग्रह किया कि वे देश को एक वैश्विक एनिमेशन पावरहाउस बनाने का संकल्प लें. उन्होंने भारतीय एनिमेटेड श्रृंखलाओं जैसे 'छोटा भीम', 'हनुमान' और 'मोटू-पटलू' की लोकप्रियता का जिक्र करते हुए कहा कि इनकी सामग्री और रचनात्मकता के कारण इनका प्यार पूरी दुनिया में बढ़ रहा है.
छोटा भीम का किया जिक्र
अपने मासिक रेडियो कार्यक्रम 'मन की बात' में पीएम मोदी ने कहा, "आपको याद होगा जब 'छोटा भीम' टीवी पर प्रसारित होना शुरू हुआ था. बच्चे इसे कभी नहीं भूल सकते. 'छोटा भीम' के प्रति इतनी उत्सुकता थी. आज ढोलकपुर का ढोल' केवल भारत में ही नहीं, बल्कि अन्य देशों में भी बच्चों को आकर्षित करता है. इसी तरह, हमारे अन्य एनिमेटेड धारावाहिक जैसे 'कृष्ण', 'हनुमान', 'मोटू-पटलू' भी दुनिया भर में लोकप्रिय हैं."
भारतीय खेल पूरी दुनिया में लोकप्रिय
पीएम मोदी ने कहा कि एनिमेशन का उपयोग अब हर जगह देखा जा सकता है, चाहे वह स्मार्टफोन हो, सिनेमा स्क्रीन, गेमिंग कंसोल हो या वर्चुअल रियलिटी. उन्होंने भारत में गेमिंग स्पेस के तेजी से बढ़ने का भी उल्लेख किया और कहा कि भारतीय खेल भी पूरी दुनिया में लोकप्रिय हो रहे हैं. प्रधानमंत्री ने कहा, "एनिमेशन के क्षेत्र में 'मेड इन इंडिया' और 'मेड बाय इंडियंस' हर जगह देखी जा सकती है. आज भारत की प्रतिभा विदेशी प्रोडक्शन का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बन गई है."
भारतीय निर्माताओं ने तैयार किए हैं वर्चुअल एनिमेशन
उन्होंने एनिमेशन स्टूडियो का जिक्र किया, जो विश्व प्रसिद्ध प्रोडक्शन कंपनियों जैसे डिज्नी और वॉर्नर ब्रदर्स के साथ काम कर रहे हैं. "आज हमारे युवा मूल भारतीय सामग्री बना रहे हैं, जो हमारी संस्कृति की झलक प्रस्तुत करती है." पीएम मोदी ने कहा कि एनिमेशन सेक्टर अब एक उद्योग का रूप ले चुका है, जो अन्य उद्योगों को भी बढ़ावा दे रहा है. उन्होंने उदाहरण दिया कि वर्चुअल टूर के माध्यम से लोग अजंता की गुफाएं देख सकते हैं या कोणार्क के मंदिर के गलियारों में चल सकते हैं. उन्होंने कहा कि ये सभी वर्चुअल रियलिटी एनिमेशन भारतीय निर्माताओं द्वारा बनाए गए हैं.
अपनी रचनात्मकता बढ़ाएं युवा
उन्होंने युवाओं से कहा, "अपनी रचनात्मकता को बढ़ाएं. कौन जानता है, दुनिया का अगला सुपर हिट एनिमेशन आपके कंप्यूटर से निकल सकता है." 28 अक्टूबर को 'वर्ल्ड एनिमेशन डे' के अवसर पर, पीएम मोदी ने लोगों से भारत को एक वैश्विक एनिमेशन पावरहाउस बनाने का संकल्प लेने का आह्वान किया. उन्होंने आत्मनिर्भर भारत अभियान की भी चर्चा की और कहा कि यह अब केवल एक सरकारी अभियान नहीं रह गया है, बल्कि यह एक जन आंदोलन बन रहा है.
लोकल के लिए वोकल मंत्र के साथ खरीदारी करें लोगः पीएम मोदी
उन्होंने कहा, "आज भारत मोबाइल फोन का दूसरा सबसे बड़ा निर्माता बन चुका है. पहले हम रक्षा उपकरणों के सबसे बड़े खरीदार थे, अब 85 देशों को निर्यात कर रहे हैं." मोदी ने लोगों से आत्मनिर्भरता के उदाहरण साझा करने का अनुरोध किया और कहा, "इस त्योहार के मौसम में, आत्मनिर्भर भारत के इस अभियान को मजबूत करें और 'लोकल के लिए वोकल' के मंत्र के साथ खरीदारी करें." उन्होंने अंत में कहा, "यह नया भारत है जहां असंभव केवल एक चुनौती है... जहां 'मेड इन इंडिया' अब 'मेड फॉर द वर्ल्ड' में बदल चुका है."
डिजिटल अरेस्ट को लेकर की बात
डिजिटल अरेस्ट को लेकर प्रधानमंत्री मोदी ने बताया कि जांच एजेंसियां कभी भी फोन कॉल या वीडियो नहीं करती हैं. साथ ही उन्होंने इस स्कैम से सभी भारतीयों को सावधान रहने को कहा. यहां आज आपको Digital Arrest Scam और ये कैसे लोगों को शिकार बनाता है, उसके बारे में बताते हैं. मन की बात में प्रधानमंत्री ने कहा कि Digital arrest जैसी कोई व्यवस्था कानून में नहीं है, ये सिर्फ Fraud है, फरेब है, झूठ है, बदमाशों का गिरोह है और जो लोग ऐसा कर रहे हैं, वो समाज के दुश्मन हैं. Digital arrest के नाम पर जो फरेब चल रहा है, उससे निपटने के लिए तमाम जांच एजेंसियां, राज्य सरकारों के साथ मिलकर काम कर रही हैं.
प्रधानमंत्री ने डिजिटल अरेस्क स्कैम से बचाने के लिए कहा, मैं आपको Digital सुरक्षा के तीन चरण बताता हूं. ये तीन चरण हैं - 'रुको सोचो-Action लो'.
संस्कृतियों के फैलाव पर की बात
पीएम मोदी ने इसके बाद संस्कृतियों के आदान-प्रदान और उनके फैलाव पर बात की. उन्होंने बताया कि, कुवैत में अब्दुल्ला अल-बारुन ने रामायण और महाभारत का अरबी में अनुवाद किया है. यह कार्य मात्र अनुवाद नहीं, बल्कि दो महान संस्कृतियों के बीच एक सेतु है. उनका यह प्रयास अरब जगत में भारतीय साहित्य की नई समझ विकसित कर रहा है. उन्होंने कहा कि 'कुछ हफ्ते पहले, मैं Laos भी गया था. वो नवरात्रि का समय था और वहां मैंने कुछ अद्भुत देखा. स्थानीय कलाकार "फलक फलम" प्रस्तुत कर रहे थे – 'Laos की रामायण'. उनकी आंखों में वही भक्ति, उनके स्वर में वही समर्पण था, जो रामायण के प्रति हमारे मन में है.'
पेरू की अर्लिंडा ग्रेसिया वहां के युवाओं को भरतनाट्यम सिखा रही हैं और मारिया वाल्डेज ओडिसी. इन कलाओं से प्रभावित होकर, दक्षिण अमेरिका के कई देशों में 'भारतीय शास्त्रीय नृत्य' की धूम मची हुई है.
लोक कला को सहेजने पर भी हो रहा है काम
पीएम मोदी ने कहा कि, लोक कला को भी सहेजने काम बड़े पैमाने पर किया जा रहा है. डी. वैयकुन्ठम करीब 50 साल से चेरियाल फोक आर्ट को लोकप्रिय बनाने में जुटे हुए हैं. तेलंगाना की इस कला को आगे बढ़ाने का यह प्रयास अद्भुत है. छत्तीसगढ़ में नारायणपुर के बुटलूराम माथरा जी अबूझमाड़िया जनजाति की लोक कला को संरक्षित करने में जुटे हुए हैं. पिछले चार दशक से वे इस मिशन में लगे हुए हैं. एक प्रयास उधमपुर के गोरीनाथ जी भी कर रहे हैं. एक सदी से भी अधिक पुरानी सारंगी के जरिए वे डोगरा संस्कृति और विरासत के विभिन्न रूपों को सहेजने में जुटे हैं.