
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को गांधीनगर में चौथे वैश्विक नवीकरणीय ऊर्जा निवेशक सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि ये रि-इन्वेस्ट कॉन्फ्रेंस का चौथा संस्करण है. मुझे पूरा विश्वास है कि आने वाले तीन दिनों में यहां ऊर्जा के फ्यूचर, तकनीक और राजनीति पर गंभीर चर्चा होगी.
पीएम मोदी ने कहा कि आप सभी जानते हैं कि भारत की जनता ने 60 साल बाद लगातार किसी सरकार को तीसरी बार सत्ता में आने का मौका दिया. हमारी सरकार को मिले तीसरे कार्यकाल के पीछे भारत की बहुत बड़ी आकांक्षाएं हैं. आज 140 करोड़ भारतवासियों को भरोसा है कि उनकी आकांक्षाओं को पिछले 10 साल में जो पंख लगे हैं, वो इस तीसरे कार्यकाल में एक नई उड़ान भरेंगे.
उन्होंने कहा कि देश के दलितों, पीड़ितों, वंचितों और शोषितों को भरोसा है कि हमारा तीसरा कार्यकाल उनके गरिमापूर्ण जीवन जीने की गारंटी बनेगा. यह 2047 तक भारत को विकसित देश बनाने के हमारे एक्शन प्लान का हिस्सा है. हमने बीते दो कार्यकालों में कई अनेक महत्वपूर्ण फैसले लिए हैं. भारत में हम 7 करोड़ घर बना रहे हैं. ये दुनिया के कई देशों की आबादी से ज्यादा है. सरकार के पिछले कार्यकाल में हम इसमें से 4 करोड़ घर बना चुके हैं और तीसरे कार्यकाल में हमारी सरकार ने 3 करोड़ नए घर बनाने का काम शुरू भी कर दिया है.
पीएम मोदी ने कहा कि बीते 100 दिनों में भारत में हमने 12 नई इंडस्ट्रियल सिटी बनाने का फैसला किया है. बीते 100 दिनों में हमने भारत में 12 नए आठ हाईस्पीड कॉरिडोर प्रोजेक्ट को मंजूरी दी है. हमने 15 से ज्यादा नई मेड इन इंडिया सेमीहाईस्पीड वंदे भारत ट्रेन लॉन्च की है. हमने रिसर्च को प्रमोट करने के लिए एक ट्रिलियन रिसर्च फंड बनाया है. हमने इलेक्ट्रिक मॉबिलिटी को बढ़ावा देने के लिए कई नए इनिशिएटिव शुरू किए हैं. हमारा लक्ष्य हाई परफॉर्मेंस बायो मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देने का है.
उन्होंने कहा कि इस महीने की शुरुआत में ही ग्लोबल फिनटेक फेस्ट का आयोजन हुआ, इसके बाद पहले सौर अंतर्राष्ट्रीय फेस्टिवल में दुनियाभर से लोग शामिल हुए. फिर ग्लोबल सेमीकंडक्टर समिट में दुनिया के कोने-कोने से लोग आए और अब आज हम यहां ग्रीन एनर्जी के भविष्य पर चर्चा के लिए जुटे हैं. हमारे लिए ग्रीन फ्यूचर, नेट जीरो कोई फैंसी शब्द नहीं हैं. ये भारत की जरूरत है, ये भारत की प्रतिबद्धता हैं, भारत की हर राज्य सरकार की प्रतिबद्धता है.
उन्होंने कहा कि आजकल भारत में लोग अपनी मां के नाम पर पेड़ लगा रहे हैं- 'एक पेड़ मां के नाम'. मैं आप सभी से भी इस अभियान से जुड़ने का आग्रह करूंगा. भारत में नवीकरणीय ऊर्जा की मांग तेज हो रही है. सरकार भी इस मांग को पूरा करने के लिए नई नीतियां बना रही है, हर तरह से समर्थन दे रही है.भारत का प्रयास पूरी तरह से मेड इन इंडिया सॉल्यूशन का है. इससे भी आपके लिए यहां अनेक संभावनाएं बन रही हैं.
उन्होंने कहा कि गुजरात की जिस धरती पर श्वेत क्रांति और मधु क्रांति का उदय हुआ. जिस धरती पर सूर्य क्रांति का उदय हुआ. वहां ये भव्य आयोजन हो रहा है. गुजरात भारत का वो राज्य है, जगहां सबसे पहले सोलर पावर पॉलिसी बनाई गई थी. पहले गुजरात में पॉलिसी बनी, उसके बाद यह राष्ट्रीय स्तर पर आगे बढ़ी.
पीएम मोदी ने अमरीका के तत्कालीन राष्ट्रपति बराक ओबामा के साथ की एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को याद करते हुए कहा कि मुझे याद है कि एक बार ओबामा यहां द्विपक्षीय बैठक के लिए आए थे. दिल्ली में हमारी प्रेस कॉन्फ्रेंस थी. उस समय एक पत्रकार ने मुझसे पूछा था कि दुनिया के भांति-भांति प्रकार के देश अलग-अलग आंकड़ें घोषित करते हैं. क्या आप पर इस तरह के आंकड़ें जारी करने का कोई दबाव है? या किसी तरह के टारगेट तय करने का दबाव है? मोदी ने कहा कि मुझे याद है कि इस पर मैंने कहा था कि ये मोदी है, यहां किसी दबाव-वबाव नहीं चलता. फिर मैने कहा था कि हां, मुझ पर दबाव है और यह दबाव हमारी भावी पीढ़ी की संतानों का, जो जन्मे भी नहीं है, जिनके उज्जवल भविष्य का मुझ पर दबाव है और उनके लिए मैं काम करता रहूंगा.