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G20 Summit: PM मोदी बोले- 2030 तक 26 मिलियन हेक्टेयर बंजर जमीनों को उपजाऊ बनाने का लक्ष्य

G-20 समिट के दौरान पीएम मोदी ने अपने संबोधन में बड़ा एलान किया है. उन्होंने कहा कि हमारा लक्ष्य है कि हम 2030 तक  26 मिलियन हेक्टेयर बंजर जमीन को उपजाऊ बना सकें. उन्होंने कहा कि वैश्विक महामारी के दौर में हम अपने देश के लोगों को और अर्थव्यवस्था को बचाने के लिए काम कर रहे हैं. मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि इस दौर में हमें जलवायु परिवर्तन को लेकर भी काम करने की जरूरत है.

G-20 समिट के दौरान पीएम मोदी.(फोटो-Twitter) G-20 समिट के दौरान पीएम मोदी.(फोटो-Twitter)
aajtak.in
  • नई दिल्ली,
  • 22 नवंबर 2020,
  • अपडेटेड 11:42 PM IST
  • G-20 समिट में बोले पीएम मोदी
  • उज्जवला योजना का भी किया जिक्र

G-20 समिट के दौरान पीएम मोदी ने अपने संबोधन में बड़ा एलान किया है. उन्होंने कहा कि हमारा लक्ष्य है कि हम 2030 तक  26 मिलियन हेक्टेयर बंजर जमीन को उपजाऊ बना सके. उन्होंने कहा कि हम सर्कुलर अर्थव्यवस्था को प्रोत्साहित कर रहे हैं.

उन्होंने कहा कि वैश्विक महामारी के दौर में हम अपने देश के लोगों को और अर्थव्यवस्था को बचाने के लिए काम कर रहे हैं. मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि इस दौर में हमें जलवायु परिवर्तन को लेकर भी काम करने की जरूरत है. उन्होंने पेरिस समझौते का जिक्र करते हुए कहा कि हमें खुशी है कि हमारा देश इसका पालन कर रहा है और जलवायु परिवर्तन के लिए काम कर रहा है.

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पीएम मोदी ने कहा कि हम सिंगल यूज प्लास्टिक को खत्म करने पर काम कर रहे हैं. हमारे देश में शेर और चीतों की आबादी बढ़ रही है. हमने 2030 तक 26 मिलियन बंजर भूमि को उपजाऊ बनाने का लक्ष्य रखा है. भारत अगली पीढ़ी के इंफ्रास्ट्रक्चर बना रहा है. मसलन, मेट्रो लाइन और जल स्रोतों को मजबूत कर रहा है.

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पीएम मोदी ने कहा कि संकट की इस घड़ी में हमारे लिए स्वर्णिम अवसर है कि हम नई खोज करें और विज्ञान की मदद से नई चीजों का आविष्कार करें. भारत ने जलवायु परिवर्तन को लेकर कई क्षेत्रों में काम किया है. उन्होंने कहा कि हमने एलईडी लाइट्स के इस्तेमाल पर जोर दिया है. इससे कार्बन उत्सर्जन रोकने में मदद मिली है. उन्होंने उज्जवला योजना का जिक्र करते हुए कहा कि इससे 80 मिलियन घरों में धुआं मुक्त किचन मुहैया कराए गए हैं.

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पीएम मोदी ने कहा कि मानवता की समृद्धि के लिए हर एक व्यक्ति को समृद्ध होना चाहिए. श्रम को केवल उत्पादन के कारक के रूप में नहीं देखना चाहिए। इसके बजाय, हमें हर श्रमिक की मानवीय गरिमा पर ध्यान देना चाहिए. उन्होंने कहा कि पृथ्वी की सुरक्षा के लिए यह सबसे अच्छा कदम होगा.

समिट के समापन के मौके पर पीएम मोदी ने सऊदी अरब की तरफ से किए गए सफल आयोजन का अभिवादन जताया. समिट के दूसरे दिन धरती को सुरक्षित रखने और बेहतर भविष्य को लेकर चर्चा हुई. प्रधानमंत्री मोदी ने इस समिट में अपने संबोधन में कहा कि कोरोना काल में समावेशी स्थायी सुधार के लिए प्रभावी वैश्विक शासन की जरूरत है.

 

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