
आचार्य प्रमोद कृष्णम ने 19 फरवरी को कल्कि धाम के शिलान्यास में पीएम मोदी को आमंत्रित किया है. पीएम मोदी ने अपने X account पर इस आमंत्रण पर आभार व्यक्त किया है. बता दें कि, आचार्य प्रमोद कृष्णम पहले भी कांग्रेस नेताओ की बयानबाजी को लेकर पार्टी लाइन से हटकर विरोध जता चुके हैं.
कांग्रेस नेता आचार्य प्रमोद कृष्णम ने गुरुवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की और उन्हें 19 फरवरी को उत्तर प्रदेश के संभल में श्री कल्कि धाम के शिलान्यास समारोह में आमंत्रित किया है. बैठक के बाद एक्स पर एक पोस्ट में कृष्णम ने कहा, ''मुझे 19 फरवरी को होने वाले श्री कल्कि धाम के शिलान्यास समारोह के लिए प्रधान मंत्री श्री नरेंद्र मोदी को आमंत्रित करने का सौभाग्य मिला. माननीय प्रधान मंत्री को हार्दिक आभार और धन्यवाद इसे स्वीकार करने के लिए."
उनके पोस्ट का जवाब देते हुए मोदी ने कहा, "आस्था और भक्ति से जुड़े इस पवित्र अवसर का हिस्सा बनना मेरे लिए सौभाग्य की बात है. निमंत्रण के लिए आचार्य प्रमोद जी आपका हृदय से आभार."
उन्होंने X पर पीएम मोदी को टैग करते हुए लिखा कि, '19 फ़रवरी को आयोजित “श्री कल्कि धाम” के शिलान्यास समारोह में भारत के यशस्वी प्रधानमन्त्री,आदरणीय श्री @narendramodi जी को आमंत्रित करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ, मेरे इस पवित्र “भाव” को स्वीकार करने के लिये माननीय प्रधान मन्त्री जी का हार्दिक आभार एवं साधुवाद.'
पीएम मोदी ने भी, आचार्य प्रमोद कृष्णम के आमंत्रण पर आभार जताया है. उन्होंने X पर लिखा कि, 'आस्था और भक्ति से जुड़े इस पावन अवसर का हिस्सा बनना मेरे लिए सौभाग्य की बात है. निमंत्रण के लिए आपका हृदय से आभार @AcharyaPramodk जी.' बता दें कि, संभल स्थित एंचोड़ा में कल्कि धाम बनाने की तैयारी है.
19 फरवरी को यहां शिलान्यास कार्यक्रम किया जाना है. आचार्य प्रमोद कृष्णम कल्कि धाम के पीठाधीश्वर हैं. एंचोड़ा में कल्कि धाम के शिलान्यास को लेकर तैयारी जारी है. इस समारोह में बड़ी संख्या में साधु-संतों के भाग लेने की तैयारी है.
कृष्णम ने 2019 का लोकसभा चुनाव कांग्रेस के टिकट पर लखनऊ से लड़ा था लेकिन हार गए थे. पिछले कुछ समय से वह कांग्रेस नेतृत्व के कुछ फैसलों की आलोचना कर रहे हैं, जिसमें 22 जनवरी को अयोध्या में राम मंदिर प्रतिष्ठा समारोह में भाग नहीं लेना भी शामिल है.