
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 15 नवंबर यानी की शुक्रवार को 'जनजातीय गौरव दिवस' के मौके पर बिहार के दौरे पर रहेंगे. बता दें कि यह दिन बिरसा मुंडा की जयंती के रूप में मनाया जाता है, जिसकी 150वीं जयंती इस वर्ष मनाई जाएगी. अपने बिहार दौरे के दौरान पीएम मोदी 6640 करोड़ रुपये से अधिक की कई विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करेंगे.
इस दौरान पीएम मोदी जनजातीय समुदायों के समृद्ध इतिहास और विरासत को संरक्षित करने के लिए दो जनजातीय स्वतंत्रता सेनानियों के संग्रहालय और दो जनजातीय अनुसंधान संस्थानों का उद्घाटन भी करेंगे. वहीं, जनजातीय समुदायों के जीवन को आसान बनाने पर ध्यान केंद्रित करने वाली कई परियोजनाएं भी शुरू की जाएंगी. इस दौरान पीएम मोदी पीएम-जनमन के तहत निर्मित 11,000 घरों के गृह प्रवेश में भाग लेंगे.
'मन की बात' में भी किया था बिरसा मुंडा का जिक्र
पीएम मोदी ने 27 अक्तूबर को अपने रेडियो प्रोग्राम 'मन की बात' के 115वें एपिसोड को संबोधित किया था. इस दौरान उन्होंने सरदार पटेल और बिरसा मुंडा को याद करते हुए कहा कि भारत में हर युग में कुछ चुनौतियां आई और हर युग में ऐसे असाधारण भारतवासी जन्मे, जिन्होंने इन चुनौतियों का सामना किया.
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पिछले साल किया था झारखंड का दौरा
बिरसा मुंडा की जयंती के अवसर पर पीएम मोदी ने पिछले साल झारखंड का दौरा किया था. बता दें कि झारखंड, बिहार और ओडिशा के एक बड़े हिस्से में इन्हें भगवान बिरसा कहा जाता है. ये अकेले आदिवासी नेता हैं, जिनका चित्र भारतीय संसद में प्रदर्शित है. ये मुंडा जाति ही नहीं, आदिवासी या अनुसूचित जनजातीय गौरव के सबसे बड़े प्रतीक हैं. इनका जन्म झारखंड राज्य के खूंटी जिले के उलिहातू में हुआ था. 15 नवंबर 1875 को बिरसा मुंडा का जन्म हुआ. 9 जून 1900 में रांची के कारागार में मृत्यु हुई. करीब 19वर्ष की आयु में उन्होंने बिरसा सेना का गठन किया. 600 से ज्यादा पारंपरिक लड़ाके उनके साथ थे.