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'ये देश किसी परिवार की जागीर नहीं...नेहरू सरनेम क्यों नहीं लगाती उनकी पीढ़ी?' राज्यसभा में गरजे पीएम मोदी

संसद में पिछले दो दिनों से सियासी माहौल गर्म है. राहुल गांधी ने मंगलवार को अडानी के मुद्दे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर जमकर निशाना साधा. इसके बाद बुधवार को पीएम मोदी ने लोकसभा में संबोधन दिया और कांग्रेस पर जमकर पलटवार किया. पीएम मोदी ने राज्यसभा में धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा का जवाब दिया और इंदिरा गांधी से लेकर नेहरू परिवार तक का जिक्र. मोदी ने कहा कि देश की आर्थिक सेहत से खिलवाड़ ना किया जाए.

पीएम नरेंद्र मोदी पीएम नरेंद्र मोदी
aajtak.in
  • नई दिल्ली,
  • 09 फरवरी 2023,
  • अपडेटेड 4:13 PM IST

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान विपक्ष पर जमकर हमला बोला. पीएम मोदी ने विपक्ष की नारेबाजी और शोर-शराबा पर कहा कि ये देश देख रहा है कि एक अकेला कितनों पर भारी है. ये राजनीति खेल खेलने वाले लोग बचने का रास्ता ढूंढ रहे हैं. मोदी ने कहा कि ये देश किसी परिवार की जागीर नहीं है. उन्होंने ये भी कहा कि नेहरू परिवार की पीढ़ी को नेहरू नाम रखने पर आपत्ति क्यों है.

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मोदी ने कहा कि रोजगार पर मोदी ने कहा कि जिन्हें नौकरी और रोजगार का फर्क पता नहीं है, वो हमें उपदेश दे रहे हैं. आधी-अधूरी चीजें और नैरेगिट गढ़कर झूठ फैलाया जा रहा है. नए रोजगार की नई संभावनाएं बनी हैं. ग्रीन जॉब की नई संभावनाएं धरातल पर उतारकर दिखाई हैं.

मोदी ने कहा कि इंदिरा गांधी के समय आर्टिकल 356 का 50 बार उपयोग किया और विपक्षी और क्षेत्रीय दलों की सरकारों को गिरा दिया गया. केरल में वामपंथी सरकार चुनी गई, जिसे नेहरू पसंद नहीं करते थे. उसे गिरा दिया गया. करुणानिधि जैसे दिग्गजों की सरकारें गिरा दी गईं.  NTC के साथ कांग्रेस ने क्या किया.

-पीएम ने कहा कि कांग्रेस ने एनटीआर की सरकार को गिरा दिया था. हर क्षेत्रीय नेता को उन्होंने परेशान किया.  90 बार चुनी हुई सरकारों को गिरा दिया. कांग्रेस ने अनुच्छेद 356 का उपयोग किया. कांग्रेस सवालों ने डीएमके और वामपंथी सरकारों को गिराया. आज वामपंथी और डीएमके वहां खड़े हैं. मोदी ने कहा कि राजभवनों को कांग्रेस का दफ्तर बना दिया गया था. बच्चों के नसीब में बर्बादी छोड़कर ना जाएं. देश की आर्थिक सेहत से खिलवाड़ मत कीजिए. ऐसा कोई पाप मत कीजिए.  

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- हम मक्खन पर लकीर खींचने वाले लोग नहीं है.हम पत्थर पर लकीर खींचते हैं. हमने राजनीतिक घाटा फायदा नहीं देखा है. मोदी ने कहा कि नेहरू अगर महान हैं तो उनके परिवार को सरनेम लगाने में क्या परहेज है. मैं देश के लिए जीता हूं. देश के लिए कुछ करने के लिए निकला हूं. काग्रेस के 60 सालों में गड्ढे ही गड्ढे हैं.

- मोदी ने कहा- आदिवासियों के लिए 50 नए मॉडल स्कूल खोले गए. किसानों के नाम पर राजनीति की गई. छोटे किसानों की आवाज किसी ने नहीं सुनी. असली ताकत छोटे किसानों के पास है. किसानों को बैंकिग व्यवस्था से जोड़ा गया है. पीएम किसान निधि सीधे बैंक खाते में जाती है. मोदी ने कहा कि देश पीछे मुड़कर देखने को तैयार नहीं है. जो भी जिसके पास था, उसने वही उछाला. नेहरू सरनेम लिखने में क्या शरर्मिंदी है. उन्होंने कहा कि बच्चों के भविष्य में बर्बादी छोड़कर ना जाएं.

-पीएम ने कहा कि डिजिटल इंडिया नई बुलंदी पर है. 5 लाख कॉमन सर्विस सेंटर है. एक सेंटर पर 2 से 5 लोग रोजगार कमाते हैं. गांव के लोगों को एक बटन पर सुविधा मिल रही है. 90 हजार रजिस्टर्ड स्टार्टअप खोले गए हैं. EPFO में 1 करोड़ से ज्यादा लोग जोड़े गए हैं. आत्मनिर्भर रोजगार भारत योजना में हमने अपने उद्यमियों के लिए डिफ्रेंस, ड्रोन को खोला है, जिसके कारण रोजगार की संभावना में नई गति आई है. रक्षा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर की दिशा में काम आगे बढ़ाया है. 350 से ज्यादा नई कंपनियां डिफेंस के क्षेत्र में आई हैं. इसमें करीब 1 लाख करोड़ रुपए निवेश किया जा रहा है. हमारी सरकार में खादी एवं ग्रामोद्योग में रिकॉर्डतोड़ काम हुआ है.

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- पीएम ने कहा कि यूथ विरोधी नीति लेकर चलने वालों को आज युवा नकार रहा है. सरकार की योजनाओं में नामों को लेकर आपत्ति पर मोदी ने कहा कि मैंने किसी अखबार में पढ़ा है कि 600 सरकारी योजनाएं गांधी-नेहरू परिवार के नाम पर हैं. अगर नेहरू के नाम का उल्लेख नहीं हुआ तो उनके बाल खड़े हो जाते हैं. उनका नाम क्यों नहीं दिया. मुझे ये समझ नहीं आता है कि उनकी पीढ़ी का कोई भी व्यक्ति नेहरू सरनेम रखने में क्या शर्मिंदगी है.

- डिजिटल लेन-देन में आज हिंदुस्तान दुनिया का लीडर बना हुआ है. 100 करोड़ से ज्यादा मोबाइल आज देश के नागरिकों के पास है. आज देश मोबाइल एक्सपोर्ट  कर रहा है. टेक्नोलॉजी को कॉमन मैन की सुविधा के लिए काम किया है. हमने गतिशक्ति बनाकर इन्फ्रास्ट्रक्चर के लिए काम किया है.

- आज मेरे ही देश के वैज्ञानिकों ने वैक्सीन बनाई, जिसे पूरी दुनिया में स्वीकृति मिली. ये (विपक्ष) विज्ञान और टेक्नोलॉजी के विरोधी हैं. हमारे वैज्ञानिकों को बदनाम करने की कोशिश की गई है. इनको देश की चिंता नहीं है. इन्हें सिर्फ अपनी राजनीति की चिंता है.

-मोदी ने कहा कि महिलाओं के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए योजनाएं लाए ताकि उन्हें किसी परेशानी को झेलना पड़े. अटल इंस्टीट्यूशन सेंटर खोले गए, ताकि बच्चों को उसका लाभ मिल सके. टेक्नोलॉजी के महत्व को 2014 के बाद समझा गया. यही वजह है कि कोरोना के बाद वैक्सीन सर्टिफिकेट कुछ ही सेकेंड के अंदर आ जाता है. कोरोना के समय भारत अपनी वैक्सीन लेकर आया.

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- पीएम ने कहा, आजादी से पहले अब तक हमारे सरकार में आने तक सिर्फ 3 करोड़ घरों तक नल से जल मिलता था. पिछले तीन चार साल में 11 करोड़ घरों को नलों से जल मिल रहा है. भारत पानी की समस्या, जो हर परिवार की समस्या होती है, जिसके बिना जीवन नहीं चल सकता. हमने उसे खत्म करने की दिशा में काम किया. 

- इस देश के आधे से ज्यादा लोग बैंकों के दरवाजों तक नहीं पहुंच पाए, हमने परमानेंट समाधान निकाला. पिछले 9 साल में ही 48 करोड़ जनधन बैंक खाते खोले गए. इनमें से 32 करोड़ बैंक खाते ग्रामीण और छोटी जगहों पर खुले हैं.

- पीएम ने कहा कि राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर जो चर्चा चल रही है, उस चर्चा में शामिल होकर के मैं आदरणीय राष्ट्रपति जी का धन्यवाद करता हूं. उनका अभिनंदन करता हूं. राष्ट्रपति जी दोनों सदनों को संबोधित करते हुए विकसित भारत का रोडमैप रखा. इस दौरान विपक्षी सांसदों ने मोदी-अडानी भाई भाई के नारे भी लगाए. 

- विपक्ष की नारेबाजी पर पीएम मोदी ने पलटवार किया. पीएम मोदी ने कहा, कुछ लोगों का व्यवहार निराशाजनक है. उन्होंने कहा कि कीचड़ उसके पास था, मेरे पास गुलाल. जिसके जो भी पास था, उसने दिया उछाल. मोदी ने कहा कि जितना कीचड़ उछालोगे, कमल उतना ही खिलेगा. हमारी सफलता में आपके योगदान को भुलाया नहीं जा सकता. 

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पीएम ने खड़गे पर किया पलटवार

पीएम मोदी ने मल्लिकार्जुन खड़गे का जिक्र करते हुए कहा कि आपके राज्य में कर्नाटक में 1 करोड़ 70 लाख जनधन खाते खुले हैं. इतना ही नहीं उन्हीं के इलाके कलबुर्गी में 8 लाख से ज्यादा जनधन खाते खुले हैं. अब बताइए इतने बैंक के खाते खुल जाएं, लोग इतने जागरुक हो जाएं. और किसी का इतने सालों बाद खाता बंद हो जाए, तो उनकी पीड़ा मैं समझ सकता हूं. उनका बार बार दर्द झलकता है. कभी कभी ये तक कह देते हैं कि दलित को हरा दिया. जनता जनार्दन है, उसने उसी इलाके में दूसरे दलित को जिता दिया. आपकी जनता आपका खाता बंद कर रही है, और आप यहां रो रहे हैं. 

पीएम ने कहा, जब कोई भी सरकार में आता है, तो देश के लिए कुछ करने का वादा करके आता है. पहले कहा गया गरीबी हटाओ. लेकिन चार दशक हो गए, इस दिशा में कोई काम नहीं किया गया. इसलिए विकास का परिणाम बहुत मायने रखता है. आप सिर्फ ये कह दें कि हम भी कुछ करते थे, इससे कोई बात बनती नहीं है. हम जनता की प्राथमिकता के आधार पर मेहनत करते हैं, तो हम पर दबाव भी बढ़ता है. हमें मेहनत ज्यादा करनी पड़ती है. जैसे श्रेय का रास्त चुना है, जो प्रिय का रास्ता है, उसे नहीं चुना है. हम जनता की आशाओं को चोट नहीं पहुंचने देंगे. 

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हमने घर घर तक गैस कनेक्शन पहुंचाया

पीएम मोदी ने कहा, आजादी के बाद से 14 करोड़ एलपीजी कनेक्शन थे. लोग सांसदों के पास जाते थे कि हमें कनेक्शन मिल जाए. तब डिमांड भी कम थी, फिर भी लोग गैस के लिए इंतजार करते थे. हमने तय किया कि हर घर में एलपीजी कनेक्शन हो. हमें पता था कि मेहनत करनी पड़ेगी. हमें मालूम था कि दुनियाभर से गैस लानी पड़ेगी, ज्यादा पैसा खर्च करना पड़ेगा. दबाव झेलना पड़ेगा, इसके बावजूद हमने लोगों तक गैस कनेक्शन पहुंचाए. हमने गर्व और संतोष के साथ मेहनत को किया और जनता को इसका फायदा मिला. इससे बड़ा सरकार के लिए संतोष क्या होगा?

- पीएम ने कहा, हमने उन 18000 गांव में बिजली पहुंचाई, जहां आजादी के बाद से अब तक बिजली नहीं पहुंची थी. देश की व्यवस्था पर नागरिकों का विश्वास बना. हमने इससे लोगों के विश्वास को जीता है. हमें मेहनत करनी पड़ी, लेकिन खुशी है कि इन दूर दराज के गांव को संतोष मिला, उनका आशीर्वाद हमें मिल रहा है. 

- पहले कुछ घंटों बिजली आती थी. गांव में एक खंभा लगाया जाता था, उसकी एनिवर्सिरी बनाई जाती थी. आज हम बिजली देने में सफल हुए हैं. हमें नई बिजली लाइनें लगानी पड़ीं. इसके लिए हमें अनेक क्षेत्र खोजने पड़े, लेकिन हमने लोगों को उनके भाग्य पर नहीं छोड़ा. हमने राजनीति में फायदे और नुकसान की बात नहीं सोची. हमने मेहनत वाला रास्ता चुना. देश ऊर्जा के क्षेत्र में प्रगति के रास्ते पर चल रहा है. 

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- पीएम ने कहा, हमने आजादी के अमृत काल में एक हिम्मत भरा कदम उठाया. ये आसान नहीं है. हमें बहुत मेहनत करनी पड़ेगी. वो रास्ता हमने सेचुरेशन का चुना है. हर योजना के लाभार्थियों तक शत प्रतिशत लाभ कैसे पहुंचे, बिना रोक टोक के लाभ पहुंचे. अगर सच्चा पंथनिरपेक्षता है, तो यही है. सरकार इस राह पर ईमानदारी से चल पड़ी है. हमने सेचुरेशन का संकल्प लिया है. 

- पीएम मोदी ने कहा, इससे तुष्टीकरण की राजनीति खत्म हो जाती है. फलाने पंथ को मिलेगा, फलाने जाति को, फलाने समाज को मिलेगा, सेचुरेशन इन सबको खत्म कर देता है. योजना का लाभ आखिरी व्यक्ति तक पहुंचाना ही पंथनिरपेक्षता है. भेदभाव पक्षपात टिक ही नहीं सकता, इसलिए हमारा 100% सेवा अभियान, सामाजिक न्याय की सच्ची गारंटी है. यह सच्चा सेकुलरिज्म है. देश हमारे साथ है. 

कांग्रेस को देश बार बार नकार रहा- पीएम

- पीएम ने कहा, कांग्रेस को देश बार बार नकार रहा, लेकिन कांग्रेस के साथी अपनी साजिशों से बाज नहीं आते हैं. जनता उन्हें देख भी रही है और हर मौके पर सजा भी दे रही है. 

उन्होंने कहा, हमारी देश की आजादी में कोई भी दशक उठा लीजिए, कोई भी भूभाग उठा लीजिए, इस आजादी की लड़ाई में आदिवासियों का योगदान स्वर्णिम अक्षरों से भरा पड़ा है. लेकिन दशकों तक मेरे आदिवासी भाई विकास से वंचित रहे. उन नौजवानों के मन में सरकारों के मन में सवाल उठते चले गए. सरकारों ने अगर नेक इरादों से काम किया होता, तो 21वीं सदी के तीसरे दशक में मुझे इतनी मेहनत नहीं करनी पड़ती. 

मोदी ने कहा, अटल सरकार में पहली बार आदिवासियों के लिए अलग मंत्रालय बना. उनके लिए अलग बजट का प्रावधान हुआ. हमने 110 जिलों की पहचान की, जो पिछड़े हैं. इन जिलों मे आधे से अधिक वो इलाके हैं, जहां बहुजनसंख्या आदिवासियों की है. 3 करोड़ आदिवासियों को इसका सीधा लाभ मिला है. इन क्षेत्रों में शिक्षा, स्वास्थ्य अभूतपूर्व सुधार हुआ है. 

पीएम ने कहा, हमारे आने से पहले 14 लाख जमीन के पट्टे दिए गए थे, पिछले 7-8 सालों में हमने 7 लाख नए पट्टे दिए हैं, ये अभूतपूर्व काम हुआ है. अगर उस समय किया गया होता, तो आज मुझे इतनी मेहनत न करनी पड़ती. 

छोटे किसानों की आवाज को नहीं सुना गया- मोदी

पीएम ने कहा, इस देश के किसानों के साथ क्या बीता, ये सबने देखा, ऊपर के कुछ वर्गों को संभाल लेना और उनके सहारे ही अपनी राजनीति चलाने का काम हुआ. लेकिन छोटे किसानों की आवाज को नहीं सुना गया. हमारी सरकार ने छोटे किसानों पर ध्यान दिया. उन्हें फॉर्मल बैंकों से जोड़ा, तीन बार किसान सम्मान निधि उनके खाते में जमा होती है. 

पीएम मोदी ने लोकसभा में दिया था जवाब

राहुल गांधी ने मंगलवार को राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान केंद्र सरकार पर जमकर निशाना साधा था. उन्होंने अडानी के मुद्दे पर पीएम मोदी पर भी हमला बोला था. इसके बाद बुधवार को पीएम मोदी ने लोकसभा में संबोधन के दौरान कांग्रेस पर जमकर पलटवार किया. हालांकि, पीएम मोदी ने राहुल गांधी का नाम नहीं लिया था. 

राहुल ने मोदी सरकार पर साधा था निशाना

राहुल गांधी ने मंगलवार को अपनी भारत जोड़ो यात्रा का जिक्र कर महंगाई, बेरोजगारी, अग्निवीर योजना, गरीबी और अडाणी के मुद्दे पर केंद्र सरकार पर निशाना साधा था. राहुल गांधी ने कहा कि उन्हें भारत जोड़ो यात्रा के दौरान सेना के अफसरों और पूर्व सैनिकों ने बताया कि अग्निवीर योजना सेना की योजना नहीं है. इसे सेना पर थोपा गया है. इसे अजीत डोभाल ने थोपा. यह RSS का आइडिया है. इतना ही नहीं राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि पीएम मोदी के विदेश दौरों में अडानी को फायदा दिलाया जाता है.

पीएम ने किया पलटवार

पीएम मोदी ने राहुल गांधी पर पलटवार करते हुए कहा, ये जो लोग पहले कहते थे कि भारत अंतरराष्ट्रीय पटल पर कमजोर हो रहा है. वही लोग अब ये कह रहे हैं कि अब भारत दूसरे देशों को धमका रहा है. इसके अलावा पीएम मोदी ने राहुल गांधी पर व्यंग्य भी किया. पीएम ने कहा कि कल उन्हें अच्छी नींद आई होगी और उनके समर्थक उनके भाषण के बाद बहुत उछल रहे थे. हालांकि प्रधानमंत्री मोदी ने जब ये बात कही, तब राहुल गांधी सदन में नहीं आए थे.
 


 

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