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PM मोदी का पश्चिम बंगाल को तोहफा, 30 दिसंबर को वंदे भारत एक्सप्रेस को दिखाएंगे हरी झंडी

यह ट्रेन सुबह छह बजे हावड़ा स्टेशन से रवाना होगी और दोपहर 1.30 बजे न्यू जलपाईगुड़ी पहुंचेगी. न्यू जलपाईगुड़ी में लगभग एक घंटे तक रुकने के बाद वंदे भारत एक्सप्रेस दोपहर 2.30 बजे यहां से रवाना होगी और रात 10 बजे कोलकाता पहुंचेगी. वंदे भारत ट्रेन हावड़ा से न्यू जलपाईगुड़ी तक का सफल लगभग 7.5 घंटे में पूरा करेगी. 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी
aajtak.in
  • नई दिल्ली,
  • 28 दिसंबर 2022,
  • अपडेटेड 8:11 PM IST

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 30 दिसंबर को पश्चिम बंगाल की पहली वंदे भारत एक्सप्रेस को हरी झंडी दिखाएंगे. यह वंदे भारत ट्रेन बंगाल के हावड़ा से न्यू जलपाईगुड़ी रूट तक का सफर तय करेगी. ईस्टर्न रेलवे के प्रवक्ता एकलव्य चक्रवर्ती ने बताया क इस सुपरफास्ट ट्रेन में हर तरह की आधुनिक सुविधाएं होंगी. वंदे भारत ट्रेन हावड़ा से न्यू जलपाईगुड़ी तक का सफल लगभग 7.5 घंटे में पूरा करेगी. 

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अधिकारियों का कहना है कि हावड़ा से न्यू जलपाईगुड़ी तक का सफर वंदे भारत ट्रेन अन्य ट्रेनों की तुलना में तीन घंटे पहले ही तय कर लेगी. 

अधिकारियों का कहना है कि यह ट्रेन बरसोई, माल्डा और बोलपुर इन तीन जगहों पर रुकेंगी.  ट्रेन को ईस्टर्न रेलवे के लियुआ लोको शेड पर लाया जा चुका है. इस सेमी-हाईस्पीड ट्रेन में सभी तरह की सुविधाएं हैं, जो उत्तरी बंगाल की पहाड़ियों की यात्रा करने वाले सैलानियों को आकर्षित कर सकती है. 

इस ट्रेन में 16 कोच होंगे, जिनमें दो चालक कक्ष होंगे. इनमें दो विशेष कोच भी होंगे जबकि बाकी सामान्य कोच होंगे. हर कोच में दो कतारों में कुल 78 सीटें होंगी. इन कोचों की टेबल्स को विशेष तरह से डिजाइन किया गया है, जो आकर्षण का केंद्र होंगे. 

अधिकारियों का कहना है कि यह ट्रेन सुबह छह बजे हावड़ा स्टेशन से रवाना होगी और दोपहर 1.30 बजे न्यू जलपाईगुड़ी पहुंचेगी. न्यू जलपाईगुड़ी में लगभग एक घंटे तक रुकने के बाद वंदे भारत एक्सप्रेस दोपहर 2.30 बजे यहां से रवाना होगी और रात 10 बजे कोलकाता पहुंचेगी.

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ट्रेन ईस्टर्न रेलवे के तहत हफ्ते में छह दिन चलेगी. यह सातवीं वंदे भारत एक्सप्रेस होगी और पूर्वी खेमे की पहली होगी. इस तरह ट्रेनें पहले ही उत्तर प्रदेश, हिमाचल प्रदेश, गुजरात, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, तमिलनाडु और नई दिल्ली में चल रही हैं. 
अगले तीन सालों में रेलवे देशभर में इस तरह की 400 ट्रेनें चलाने की योजना बना रहा है. 

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