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'राष्ट्र से बढ़कर मेरी प्रतिष्ठा नहीं... करप्शन के खिलाफ जंग जारी रहेगी', बोले पीएम मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, "हमने व्यापक रूप से भ्रष्टाचार के खिलाफ एक जंग छेड़ा है. मैं जानता हूं कि इसकी कीमत मुझे और मेरी प्रतिष्ठा को चुकानी पड़ती है. लेकिन राष्ट्र से बड़ी मेरी प्रतिष्ठा नहीं हो सकती है."

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी
aajtak.in
  • नई दिल्ली,
  • 15 अगस्त 2024,
  • अपडेटेड 10:30 AM IST

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) ने स्वतंत्रता दिवस के मौके पर लाल किले की प्राचीर से देश को संबोधित किया. इस दौरान उन्होंने भ्रष्टाचार का जिक्र किया और इसके खिलाफ लड़ाई जारी रखने का संकल्प दोहराया. पीएम मोदी ने कहा, "समाज की मनोरचना में भी बदलाव कभी-कभी  चुनौती का कारण बन जाता है.हमारा हर दिन देशवासी भ्रष्टाचार के दीमक से परेशान रहा है. हर स्तर के भ्रष्टाचार ने सामान्य व्यवस्थाओं के प्रति विश्वास तोड़ दिया है. उसको अपनी योग्यता और क्षमता के प्रति जो नुकसान होता है, वो राष्ट्र का नुकसान है."

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उन्होंने आगे कहा कि हमने व्यापक रूप से भ्रष्टाचार के खिलाफ एक जंग छेड़ा है. मैं जानता हूं कि इसकी कीमत मुझे और मेरी प्रतिष्ठा को चुकानी पड़ती है. लेकिन राष्ट्र से बड़ी मेरी प्रतिष्ठा नहीं हो सकती है."

'भ्रष्टाचारियों के लिए भय का वातावरण...'

पीएम मोदी ने कहा कि राष्ट्र के सपनों से बड़ा मेरा सपना नहीं हो सकता है और इसलिए ईमानदारी के साथ भ्रष्टाचार के खिलाफ तीव्र गति से लड़ाई जारी रहेगी. और भ्रष्टाचारियों पर कार्रवाई जरूर होगी. मैं भ्रष्टाचारियों के लिए भय का वातावरण पैदा करना चाहता हूं. देश के सामान्य नागरिकों को जो लूटने की परंपरा बनी है, उसे हमको रोकना है. 

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उन्होंने आगे कहा कि समाज जीवन में उच्च स्तर पर एक परिवर्तन आया है, वो सबसे बड़ी चुनौती और चिंता है. क्या कोई कल्पना कर सकता है कि मेरे ही देश में इतना महान संविधान होने के बावजूद कुछ ऐसे लोग निकल रहे हैं, जो भ्रष्टाचार का महिमामंडन कर रहे हैं, खुलेआम भ्रष्टाचार का जय-जयकार कर रहे हैं. 

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'अगर भ्रष्टाचार का महिमामंड...'

पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा, "समाज में इस प्रकार के बीजे बोने का जो प्रयास चल रहा है, भ्रष्टाचारियों की स्वीकार्यता बढ़ाने का जो निरंतर प्रयास चल रहा है, वो समाज के लिए बहुत बड़ी चुनौती और चिंता का विषय बन गया है. अगर भ्रष्टाचार का महिमामंडन होता है, तो जो भ्रष्टाचार नहीं करता है उसको भी लगता है कि ये तो समाज में प्रतिष्ठा का रंग बन जाता है."

'पापियों में डर पैदा करना जरूरी'
 
पीएम मोदी ने कहा कि मैं यह भी कहना चाहूंगा कि जब भी महिलाओं के साथ बलात्कार या अत्याचार की घटनाएं होती हैं तो उसकी व्यापक चर्चा होती है. लेकिन जब ऐसे राक्षसी प्रवृत्ति के व्यक्ति को सजा मिलती है तो यह बात खबरों में नहीं बल्कि एक कोने तक ही सीमित रह जाती है. समय की मांग है कि सजा पाने वालों पर व्यापक चर्चा की जाए ताकि यह पाप करने वाले समझें कि इससे फांसी होती है. मुझे लगता है कि यह डर पैदा करना बहुत ज़रूरी है.”

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बता दें कि 78वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिल्ली के ऐतिहासिक लाल किले पर राष्ट्रीय ध्वज फहराया. इसके बाद देश को संबोधित करते हुए उन्होंने स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों को याद करते हुए कई मुद्दों पर बात की. इसमें देश की चिंताओं से लेकर रिफॉर्म तक के मुद्दे शामिल रहे. पीएम मोदी ने कहा कि जब हम 40 करोड़ थे, तब हमने महासत्ता को हरा दिया था. आज तो हम 140 करोड़ हैं, देश को समृद्ध बनाना है. 

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