
भारतीय नौसेना का निशान (Ensign) यानी ध्वज बदलने वाला है. दो सितंबर 2022 को भारत के पहले स्वदेशी विमानवाहक युद्धपोत IAC Vikrant की कमीशनिंग के समय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी नए निशान का अनावरण करेंगे. यह आयोजन केरल के कोच्चि में होगा.
एक अंग्रेजी अखबार ने लिखा है कि प्रधानमंत्री कार्यालय से इस बारे में एक बयान जारी किया गया है. जिसमें कहा गया है कि नौसेना का नया ध्वज औपनिवेशिक अतीत से दूर होगा और भारतीय मैरिटाइम हैरिटेज से परिपूर्ण होगा. वर्तमान निशान सफेद फ्लैग है. जिसपर हॉरीजोंटल और वर्टिकल लाल धारियां बनी हैं. जिसे क्रॉस ऑफ सेंट जॉर्ज ( Cross of St. George) कहते हैं. इसके बीच में भारत का चिन्ह बना है. तिरंगा ऊपर बाईं ओर लगा है.
अभी तक इसे लेकर नौसेना के किसी अधिकारी ने कुछ नहीं कहा है. लेकिन यह बात जरूर कही जा रही है कि सफेद फ्लैग में से क्रॉस हटाया जा सकता है. ये भी माना जा रहा है कि नौसैनिक क्रेस्ट (Naval Crest) को फिर से झंडे पर लाया जा सकता है. जो बातें भारतीय सेना (Indian Army) और भारतीय वायुसेना (Indian Air Force) के ध्वजों में कॉमन हैं, वो बनी रह सकती हैं.
साल 1950 के बाद से चौथी बार भारतीय नौसेना का निशान बदल रहा है. 26 जनवरी 1950 पहले गणतंत्र दिवस के मौके पर भारतीय नौसेना के ध्वज का भारतीयकरण किया गया था. लेकिन ब्रिटिश चिन्ह झंडे में छोटे-बड़े होते रहे. ये चिन्ह है लाल रंग का सेंट जॉर्ज क्रास.